Обновление к петицииदिल्लीवालों को सड़कों पर अंधेरा नहीं, रोशनी चाहिए! #LightUpDelhi #WeWalk
बेटियां कॉलेज से लेट होती हैं तो घर से कोई न कोई उन्हें मेट्रो स्टेशन लेने जाता है

Bhavya SinghDelhi, Индия

9 июл. 2018 г.
दोस्तों,
ये अपडेट इसलिये कर रही हूँ ताकि आप सबको बता सकूँ कि दिल्ली में डार्क
स्पॉट की समस्या कितनी बड़ी है। मेरी पेटीशन के बाद मीडिया भी इस समस्या
को उजागर कर रहा है। हिंदी के प्रमुख अखबार नवभारत टाइम्स में छपी
रिपोर्ट बताती है कि स्थिति कितनी गंभीर है--पुलिस अधिकारी भी मानते हैं
कि सर्विस लेन, पार्क, इत्यादि में डार्क स्पॉट की समस्या है और मेट्रो
स्टेशनों के बाहर भी अँधेरा रहता है।
दिल्ली के द्वारका में शाम के समय महिलाएं डर के साये में घर से निकलती
हैं और खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। दिल्ली की महलिाएं मेट्रो से
उतरकर मेन रोड तक आने में डरती हैं। लड़कियां डर के साये में कॉलेज औैर
ऑफिस से घर लौटती हैं।
मैं खुद डार्क स्पाट का शिकार हुई थी, पर मैं नहीं चाहती कि कोई और
दिल्लीवाला इसका शिकार हो और ये तभी होगा जब सरकार मेट्रो स्टेशनों के
बाहर रोशनी की व्यवस्था करेगी। मेट्रो स्टेशनों के बाहर जब अंधेरा नहीं
होगा तो दिल्लीवालों के दिल में डर भी नहीं होगा।
ये आप लोगों का समर्थन है जिसने इस पेटीशन से 32 हज़ार से ज्यादा लोगों
को जोड़ दिया है। लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना है, मैं चाहती हूँ कि हर
दिल्लीवाले को डार्क स्पॉट के बारे में पता हो, ताकि उसके साथ कभी कुछ
बुरा ना हो।
आप सब से निवेदन है कि मेरी पेटीशन को फेसबुक पर शेयर करें औैर ट्विटर पर
#LightUpDelhi हैशटैग से ट्वीट करें ताकि सरकार जल्द से जल्द इसपर फैसला
ले।
डार्क स्पॉट के खिलाफ हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी!
भव्या सिंह
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