Petition updateदिल्लीवालों को सड़कों पर अंधेरा नहीं, रोशनी चाहिए! #LightUpDelhi #WeWalkदिल्लीवालों को अब अंधेरा नहीं, रोशनी मिलेगी: हमने कर दिखाया!
Bhavya SinghDelhi, India
18 July 2018
आखिर हम कामयाब हो ही गये! इस पेटीशन को शुरू करने के 4 महीने और 7 दिन बाद दिल्ली सरकार सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर अंधेरा ना हो। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वो मेट्रो स्टेशनों के आसपास मौजूद सभी डार्क स्पॉट को रोशन करेगी। अब किसी भी दिल्लीवासी, खासकर महिलाओं को स्टेशन से बाहर आते ही अंधेरा नहीं, बल्कि रोशनी मिलेगी। ये दिल्ली में आम जनता की सुरक्षा की ओर उठाया गया एक बड़ा कदम है। मैं अपनी खुशी को शब्दों में पिरोना चाहती हूँ, पर सच कहूँ तो आज शब्द कम पड़ जायेंगे। मंगलवार को जब मैं लोक निर्माण विभाग मंत्री से उनकी ऑफिस में मिल रही थी तो मैं बहुत घबराई हुई थी। मैं सोच रही थी कि पता नहीं क्या होगा। मेरे दिमाग में चल रहा था: “इतने बड़े मंत्री आखिर एक साधारण सी महिला की बात क्यों सुनेंगे और वो क्यों मेरी पेटीशन पर कार्रवाई करेंगे?” पर उन्होंने ना सिर्फ मेरी बातों को सुना बल्कि दुख भी व्यक्त किया और विस्तार से सबकुछ सुना और यही नहीं, उन्होंने फिर इसपर कार्रवाई भी की। जानते हैं क्यों? क्योंकि उनकी ऑफिस में दिल्ली की एक साधारण सी महिला ने कदम नहीं रखा बल्कि उन 33,000 लोगों ने भी कदम रखा, जो इस महिला के साथ खड़े थे। आप सब का दिल से धन्यवाद करती हूँ! इससे साबित होता है कि जो समय आपने इस पेटीशन को पढ़ने, इसपर हस्ताक्षर करने और इसे शेयर करने में लगाया, वो बहुत कीमती था। ये साबित करता है कि कैसे एक हस्ताक्षर से सबकुछ बदला जा सकता है। हमने साथ मिलकर जो सफर शुरू किया, वो आज अपनी मंज़िल तक पहुँच गया। मैं सब की आभारी हूँ कि आप इस सफर में मेरे साथ चले। इस पेटीशन पर आपके कमेंट्स मिलते तो मैं ऊर्जा से भर जाती। हर किसी ने मेरा हौसला बढ़ाया और इससे मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती रही। आपका धन्यवाद इसलिये भी कि आपने अपने अनुभव, अपनी कहानियों को मुझसे शेयर किया। इससे हमेशा पता चलता कि मैं अकेली नहीं हूँ। आप सबको पता ही होगा कि मैंने ये कैंपेन क्यों शुरू किया था: मार्च 2017 में नेहरू प्लेस स्टेशन पर मेरा पीछा किया गया, मुझे छेड़ा गया और अगर उनका बस चलता तो शायद उस शाम वो मेरे साथ कुछ और भी बुरा कर सकते थे। ये सबकुछ इसलिये हुआ क्योंकि वहाँ अंधेरा था। उन लोगों ने अंधेरे और स्ट्रीट लाइट ना होने का फायदा उठाया क्योंकि वो जानते थे कि कोई उन्हें देख नहीं सकता। मुझे उस अंधेरे और उनके आत्मविश्वास पर उस समय बहुत गुस्सा आ रहा था। दिल्ली में ऐसा कई महिलाओं के साथ होता है और मैं हैरान थी कि इसपर कोई कुछ नहीं करता है। अब उम्मीद करती हूँ कि सरकार सारे डार्क स्पॉट पर काम करेगी और उन्हें रोशन करेगी। उम्मीद करती हूँ कि इससे क्राइम थोड़ा कम होगा और आम जनता सुरक्षित महसूस करेगी। ये जितनी मेरी कामयाबी है, उतनी ही आपकी भी है। धन्यवाद, भव्या सिंह
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