Nov 17, 2021

शशि थरूर, जयराम रमेश, मीनाक्षी लेखी, राजीव प्रताप रूडी, अनुभव मोहंती और पिनाकी मिश्रा सहित 150 से अधिक सांसद पहले ही इस पेटीशन पर साइन कर चुके हैं।

इसके अलावा, हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी देश के नागरिकों से जानवरों की देखभाल करने की खुली अपील की जो इस देश का उतना ही हिस्सा हैं जितना हम हैं। फिर भी, हमारे सिस्टम की सुस्ती के कारण जानवरों के प्रति अन्याय पर लगाम नहीं लग पा रही है।

संसद के पिछले कई सत्रों में बिल को चर्चा के लिए नहीं लाया गया। देश भर के मासूम जानवर अभी भी न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें अभी भी आए दिन बेवजह मारा-पीटा जा रहा है, अपंग बनाया जा रहा है। लाखों जानवर सालों से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि देश के नेता उनके साथ हो रहे शोषण पर लगाम लगाएंगे। जब तक पशु-क्रूरता रोकने के ये पुराने कानूनों में बदलाव नहीं होता, तब तक हमें हमारे बीच खड़ी सब दीवारों को भुलाकर एक सुर में बेज़ुबानों की रक्षा और उनके साथ न्याय की आवाज़ को बुलंद करना होगा।

हम में से हर एक को उनके लिए बोलना होगा जो अपनी आवाज़ नहीं उठा सकते हैं। इस मुहिम को दुबारा से चर्चा में लाने के लिए हमें संसद के शीतकालीन सत्र, 2021 में इस बिल पर चर्चा करानी होगी।

यही मौका है जब हम मिलकर अपनी आवाज़ को इतना बुलंद करें कि ये भारत में पशु-क्रूरता रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसले की बुनियाद बने। हो सके तो आज #50SeZyada पेटीशन को 1 व्यक्ति से ज़रूर शेयर करें।

आपके साथ के लिए धन्यवाद।

Copy link
WhatsApp
Facebook
Nextdoor
Email
X