

“हमने वोट दिया था मकान के लिए — मिला बुलडोज़र!”__"मोदी सरकार, वादा निभाओ'


“हमने वोट दिया था मकान के लिए — मिला बुलडोज़र!”__"मोदी सरकार, वादा निभाओ'
The Issue
“हमने वोट दिया था मकान के लिए — मिला बुलडोज़र!”
क्या आपने कभी खुले आसमान के नीचे, बिना छत के सोने की डरावनी कल्पना की है? अब कल्पना कीजिए — आपका परिवार, आपके छोटे बच्चे, आपकी बीमार माँ – सबको रातोंरात घर से निकालकर सड़क पर फेंक दिया जाए।
❗यह अब कल्पना नहीं रही — दिल्ली की झुग्गियों में यही हकीकत बन चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नेता रेखा गुप्ता, कोर्ट के आदेश की आड़ में हजारों गरीब परिवारों को बेघर करवा रही हैं — बिना कोई दूसरा ठिकाना दिए।
❌ पर आप जानते हैं क्या सबसे बड़ा धोखा है?
- चुनाव से पहले इन लोगों ने वादा किया था:
- “जहाँ झुग्गी, वहीं मकान।”
- लेकिन जैसे ही वोट मिल गया, बुलडोजर चला दिया गया।
⚖️ क्या ये वैध है? नहीं।
यह सीधा-सीधा उल्लंघन है:
• संविधान के अनुच्छेद 21 का – जो जीवन और सम्मान से जीने का अधिकार देता है
• दिल्ली पुनर्वास नीति का – जो कहती है, पहले नया घर दो फिर तोड़ो
• सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का, जिसमें झुग्गी वालों को बेदखल करने से पहले पुनर्वास अनिवार्य बताया गया
🧠 अब सोचिए...
👉 अगर आज आप चुप रहे, तो कल ये बुलडोजर आपके घर, आपकी गली, आपके मोहल्ले तक पहुँच सकता है
👉 अगर आज आपने आवाज़ नहीं उठाई, तो क्या आप किसी और को इंसानियत सिखा पाएंगे??
😢 एक बच्ची की माँ ने कहा:
“मैं अपने बच्चों को कैसे समझाऊं कि हमारा घर अब सिर्फ नमक का बन चुका है — जो बारिश आते ही कभी भी घुल सकता है।”
क्या आपको ये सुनकर दुख नहीं हुआ? या आप भी उन लोगों में से होंगे जो बस स्क्रॉल कर देते हैं और भूल जाते हैं?
✊ हम क्या मांग रहे हैं?
✓झुग्गियाँ तोड़ने पर तत्काल रोक
✓बेघर लोगों को पुनर्वास (rehabilitation)
✓“जहाँ झुग्गी, वहीं मकान” वादे को फौरन लागू किया जाए
✓ज़िम्मेदार अफसरों और नेताओं पर जांच और जवाबदेही..
⚖️ ये सिर्फ नैतिक नहीं, कानूनी अपराध भी है:
1- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 —“रहने का अधिकार” छीना जा रहा है
2- दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति 2015 —कहती है कि पहले पुनर्वास दो, फिर हटाओ
3- Supreme Court का Olga Tellis केस (1985) — फुटपाथ/झुग्गी वालों को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था ज़रूरी है
📢 एक सच्चाई:
जब तानाशाही क़ानून की शक्ल ले ले, तो चुप रहना गुनाह बन जाता है। अगर आपके भीतर ज़रा-सी भी इंसानियत, आत्मसम्मान या डर बाकी है — तो इस Petition पर signature करें Shere करें।
एक signature और एक share, एक इंसान का घर बचा सकता है।
Target: 🎯
•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
•राष्ट्रपति कार्यालय
•सुप्रीम कोर्ट
•दिल्ली हाई कोर्ट
•रेखा गुप्ता (BJP)
🤯 वोट माँगते वक़्त "जहाँ झुग्गी, वहीं मकान" कहते थे —अब वहीं कह रहे हैं "झुग्गी अवैध है, तोड़ दो!"क्या तुम अब भी चुप रहोगे? क्या तुम इंसानियत से मुँह मोड़ चुके हो?
✊ अब जागो — शेयर करो! जीतना हो सकेl हमने बीजेपी को "जहाँ झुग्गी, वहीं मकान" के नाम पर वोट दिया था —अब हमें सड़क पर फेंका जा रहा है।इस petition को sign करो और इंसाफ़ के लिए आवाज़ बनो👇
#JusticeForSlum #delhidemolition #ModiSarkaarWaadaNibhao
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The Issue
“हमने वोट दिया था मकान के लिए — मिला बुलडोज़र!”
क्या आपने कभी खुले आसमान के नीचे, बिना छत के सोने की डरावनी कल्पना की है? अब कल्पना कीजिए — आपका परिवार, आपके छोटे बच्चे, आपकी बीमार माँ – सबको रातोंरात घर से निकालकर सड़क पर फेंक दिया जाए।
❗यह अब कल्पना नहीं रही — दिल्ली की झुग्गियों में यही हकीकत बन चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नेता रेखा गुप्ता, कोर्ट के आदेश की आड़ में हजारों गरीब परिवारों को बेघर करवा रही हैं — बिना कोई दूसरा ठिकाना दिए।
❌ पर आप जानते हैं क्या सबसे बड़ा धोखा है?
- चुनाव से पहले इन लोगों ने वादा किया था:
- “जहाँ झुग्गी, वहीं मकान।”
- लेकिन जैसे ही वोट मिल गया, बुलडोजर चला दिया गया।
⚖️ क्या ये वैध है? नहीं।
यह सीधा-सीधा उल्लंघन है:
• संविधान के अनुच्छेद 21 का – जो जीवन और सम्मान से जीने का अधिकार देता है
• दिल्ली पुनर्वास नीति का – जो कहती है, पहले नया घर दो फिर तोड़ो
• सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का, जिसमें झुग्गी वालों को बेदखल करने से पहले पुनर्वास अनिवार्य बताया गया
🧠 अब सोचिए...
👉 अगर आज आप चुप रहे, तो कल ये बुलडोजर आपके घर, आपकी गली, आपके मोहल्ले तक पहुँच सकता है
👉 अगर आज आपने आवाज़ नहीं उठाई, तो क्या आप किसी और को इंसानियत सिखा पाएंगे??
😢 एक बच्ची की माँ ने कहा:
“मैं अपने बच्चों को कैसे समझाऊं कि हमारा घर अब सिर्फ नमक का बन चुका है — जो बारिश आते ही कभी भी घुल सकता है।”
क्या आपको ये सुनकर दुख नहीं हुआ? या आप भी उन लोगों में से होंगे जो बस स्क्रॉल कर देते हैं और भूल जाते हैं?
✊ हम क्या मांग रहे हैं?
✓झुग्गियाँ तोड़ने पर तत्काल रोक
✓बेघर लोगों को पुनर्वास (rehabilitation)
✓“जहाँ झुग्गी, वहीं मकान” वादे को फौरन लागू किया जाए
✓ज़िम्मेदार अफसरों और नेताओं पर जांच और जवाबदेही..
⚖️ ये सिर्फ नैतिक नहीं, कानूनी अपराध भी है:
1- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 —“रहने का अधिकार” छीना जा रहा है
2- दिल्ली झुग्गी पुनर्वास नीति 2015 —कहती है कि पहले पुनर्वास दो, फिर हटाओ
3- Supreme Court का Olga Tellis केस (1985) — फुटपाथ/झुग्गी वालों को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था ज़रूरी है
📢 एक सच्चाई:
जब तानाशाही क़ानून की शक्ल ले ले, तो चुप रहना गुनाह बन जाता है। अगर आपके भीतर ज़रा-सी भी इंसानियत, आत्मसम्मान या डर बाकी है — तो इस Petition पर signature करें Shere करें।
एक signature और एक share, एक इंसान का घर बचा सकता है।
Target: 🎯
•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
•राष्ट्रपति कार्यालय
•सुप्रीम कोर्ट
•दिल्ली हाई कोर्ट
•रेखा गुप्ता (BJP)
🤯 वोट माँगते वक़्त "जहाँ झुग्गी, वहीं मकान" कहते थे —अब वहीं कह रहे हैं "झुग्गी अवैध है, तोड़ दो!"क्या तुम अब भी चुप रहोगे? क्या तुम इंसानियत से मुँह मोड़ चुके हो?
✊ अब जागो — शेयर करो! जीतना हो सकेl हमने बीजेपी को "जहाँ झुग्गी, वहीं मकान" के नाम पर वोट दिया था —अब हमें सड़क पर फेंका जा रहा है।इस petition को sign करो और इंसाफ़ के लिए आवाज़ बनो👇
#JusticeForSlum #delhidemolition #ModiSarkaarWaadaNibhao
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Petition created on 28 June 2025