
समय सीमा का पालन करें और न्याय दें
The Issue
गौरव का जीवन एक लंबा और कभी न खत्म होने वाला इंतजार बन गया है। 16 साल पहले अपने लिये एक यूनिटेक के 117 सेक्टर में फ्लैट बुक किया था अब वह प्रतीक्षा में ही दिख रहा है।सबसे मजेदार यह कि लगभग निर्माण की पूरी लागत दे दी है।उन्होंने न्याय और समाधान की खोज में अपना संघर्ष शुरू किया था। वह जिस समयावधि के लिए लड़ रहे थे, वह अब भी पूरी नहीं हुई है, और इस असीमित देरी ने उनकी जिन्दगी को कई तरीके से प्रभावित किया है। जब उन्होंने पहली बार इस रास्ते पर कदम रखा, तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर इतना लंबा होगा।
हम सभी जानते हैं कि न्याय में देरी न्याय को नकारना है। गौरव और उनके परिवार ने इस प्रक्रिया में अपनी जिंदगी के बेहतरीन साल गंवाए हैं, निरंतर मानसिक तनाव और अनिश्चितता के बीच जीवन बिताया है। इस स्थिति ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला है।
सरकारी एजेंसियों और संबंधित प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी देरी और उदासीनता का अंत हो। समय सीमा का पालन करने के लिए एक ठोस योजना बनाना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं का समाधान आसानी से हो सके। हमें उन प्रक्रियाओं का पुनर्निर्माण करना चाहिए जो इस देरी का मुख्य कारण हैं।
यह समय है कि हम इस मुद्दे पर दृढ़ता से खड़े हों और न्याय की मांग करें। गौरव और उनकी तरह के अन्य लोग सिर्फ न्याय और प्रक्रिया के निष्पक्षता की मांग करते हैं। उन्हें एक बार फिर से विश्वास करने का मौका दिया जाना चाहिए कि न्यायिक प्रणाली असली में उनके लिए काम कर सकती है।
इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस अपील पर हस्ताक्षर करें, ताकि उन सभी के लिए, जो इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, हम एक बेहतर और न्यायसंगत भविष्य की ओर बढ़ सकें।

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The Issue
गौरव का जीवन एक लंबा और कभी न खत्म होने वाला इंतजार बन गया है। 16 साल पहले अपने लिये एक यूनिटेक के 117 सेक्टर में फ्लैट बुक किया था अब वह प्रतीक्षा में ही दिख रहा है।सबसे मजेदार यह कि लगभग निर्माण की पूरी लागत दे दी है।उन्होंने न्याय और समाधान की खोज में अपना संघर्ष शुरू किया था। वह जिस समयावधि के लिए लड़ रहे थे, वह अब भी पूरी नहीं हुई है, और इस असीमित देरी ने उनकी जिन्दगी को कई तरीके से प्रभावित किया है। जब उन्होंने पहली बार इस रास्ते पर कदम रखा, तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर इतना लंबा होगा।
हम सभी जानते हैं कि न्याय में देरी न्याय को नकारना है। गौरव और उनके परिवार ने इस प्रक्रिया में अपनी जिंदगी के बेहतरीन साल गंवाए हैं, निरंतर मानसिक तनाव और अनिश्चितता के बीच जीवन बिताया है। इस स्थिति ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला है।
सरकारी एजेंसियों और संबंधित प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी देरी और उदासीनता का अंत हो। समय सीमा का पालन करने के लिए एक ठोस योजना बनाना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं का समाधान आसानी से हो सके। हमें उन प्रक्रियाओं का पुनर्निर्माण करना चाहिए जो इस देरी का मुख्य कारण हैं।
यह समय है कि हम इस मुद्दे पर दृढ़ता से खड़े हों और न्याय की मांग करें। गौरव और उनकी तरह के अन्य लोग सिर्फ न्याय और प्रक्रिया के निष्पक्षता की मांग करते हैं। उन्हें एक बार फिर से विश्वास करने का मौका दिया जाना चाहिए कि न्यायिक प्रणाली असली में उनके लिए काम कर सकती है।
इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस अपील पर हस्ताक्षर करें, ताकि उन सभी के लिए, जो इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, हम एक बेहतर और न्यायसंगत भविष्य की ओर बढ़ सकें।

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Petition created on 18 August 2026