

भारत के 'फुटबॉल आर्किटेक्ट' को भुला दिया गया- रहीम साहब को पद्म विभूषण दो
The Issue
आज 90% भारतीय सैयद अब्दुल रहीम साहब का नाम नहीं जानते।
वही रहीम साहब जिन्होंने:
1. लंग कैंसर से लड़ते हुए, फेडरेशन की पॉलिटिक्स झेलते हुए, 1962 में भारत को एशियन गेम्स का गोल्ड जिताया - साउथ कोरिया को 2-1 से हराकर
2. 1956 मेलबर्न ओलंपिक में भारत को सेमीफाइनल पहुँचाया - आज तक का बेस्ट प्रदर्शन
3. 1951 से 1962 तक भारतीय फुटबॉल को 'गोल्डन एरा' दिया - एशिया की नंबर 1 टीम बनाया
4. PK बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, जरनैल सिंह जैसे लीजेंड्स को तराशा
क्या मिला उन्हें बदले में?
- 11 जून 1963 को कैंसर से निधन - आखिरी सांस तक टीम की चिंता की
- परिवार को कोई पेंशन, कोई सरकारी मदद नहीं
- आज तक पद्म विभूषण तो दूर, पद्म श्री भी नहीं मिला
- हैदराबाद में गुमनाम कब्र, जिस पर ठीक से नाम भी नहीं
अगर 1983 वर्ल्ड कप जिताने पर कपिल देव को भारत रत्न मिल सकता है,
अगर ओलंपिक मेडल पर खिलाड़ियों को करोड़ों मिल सकते हैं,
तो एशिया जिताने वाले, ओलंपिक सेमीफाइनल खेलने वाले कोच को पद्म विभूषण क्यों नहीं?
मैदान फिल्म देखकर 2 घंटे रोने से कुछ नहीं होगा।
रहीम साहब को असली श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब सरकार उन्हें वो सम्मान दे जो 60 साल से बकाया है।
हमारी 3 माँगें:
1. सैयद अब्दुल रहीम को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाए
2. हैदराबाद में उनके नाम पर 'Syed Abdul Rahim National Football Academy' बनाई जाए
3. उनके परिवार को सरकारी पेंशन और आर्थिक सहायता दी जाए
एक कोच जिसने देश को फुटबॉल में गोल्ड मेडल दिलाया, वो गुमनामी में मरा।
अब और नहीं।
साइन करें। शेयर करें। आवाज़ उठाएं।
#PadmaVibhushanForRahim #JusticeForRahimSir #Maidaan
To: @PMOIndia @mansukhmandviya @MinistryofYAS @IndianFootball

4
The Issue
आज 90% भारतीय सैयद अब्दुल रहीम साहब का नाम नहीं जानते।
वही रहीम साहब जिन्होंने:
1. लंग कैंसर से लड़ते हुए, फेडरेशन की पॉलिटिक्स झेलते हुए, 1962 में भारत को एशियन गेम्स का गोल्ड जिताया - साउथ कोरिया को 2-1 से हराकर
2. 1956 मेलबर्न ओलंपिक में भारत को सेमीफाइनल पहुँचाया - आज तक का बेस्ट प्रदर्शन
3. 1951 से 1962 तक भारतीय फुटबॉल को 'गोल्डन एरा' दिया - एशिया की नंबर 1 टीम बनाया
4. PK बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, जरनैल सिंह जैसे लीजेंड्स को तराशा
क्या मिला उन्हें बदले में?
- 11 जून 1963 को कैंसर से निधन - आखिरी सांस तक टीम की चिंता की
- परिवार को कोई पेंशन, कोई सरकारी मदद नहीं
- आज तक पद्म विभूषण तो दूर, पद्म श्री भी नहीं मिला
- हैदराबाद में गुमनाम कब्र, जिस पर ठीक से नाम भी नहीं
अगर 1983 वर्ल्ड कप जिताने पर कपिल देव को भारत रत्न मिल सकता है,
अगर ओलंपिक मेडल पर खिलाड़ियों को करोड़ों मिल सकते हैं,
तो एशिया जिताने वाले, ओलंपिक सेमीफाइनल खेलने वाले कोच को पद्म विभूषण क्यों नहीं?
मैदान फिल्म देखकर 2 घंटे रोने से कुछ नहीं होगा।
रहीम साहब को असली श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब सरकार उन्हें वो सम्मान दे जो 60 साल से बकाया है।
हमारी 3 माँगें:
1. सैयद अब्दुल रहीम को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाए
2. हैदराबाद में उनके नाम पर 'Syed Abdul Rahim National Football Academy' बनाई जाए
3. उनके परिवार को सरकारी पेंशन और आर्थिक सहायता दी जाए
एक कोच जिसने देश को फुटबॉल में गोल्ड मेडल दिलाया, वो गुमनामी में मरा।
अब और नहीं।
साइन करें। शेयर करें। आवाज़ उठाएं।
#PadmaVibhushanForRahim #JusticeForRahimSir #Maidaan
To: @PMOIndia @mansukhmandviya @MinistryofYAS @IndianFootball

Petition Updates
Share this petition
Petition created on 29 June 2026