प्रतिष्ठित ज्वेलर्स को BNS 317 (पूर्व IPC 411) के दुरुपयोग से बचाएँ

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The Issue

हम भारत के ज्वेलर्स, स्वर्ण-रजत व्यापारी, बैंक पैनल ज्वेलरी वैल्यूअर एवं जागरूक नागरिक यह याचिका प्रस्तुत करते हैं।
देशभर के हजारों ज्वेलर्स प्रतिदिन ग्राहकों से सोना-चाँदी खरीदते हैं। प्रत्येक व्यापारी यह जानने की स्थिति में नहीं होता कि कोई आभूषण वर्षों पहले चोरी हुआ था या नहीं। यदि व्यापारी ने सामान्य बाजार मूल्य पर, बिना किसी आपराधिक जानकारी के और सद्भावना (Good Faith) में खरीदारी की है, तो उसे केवल बरामदगी के आधार पर आरोपी बना देना न्यायसंगत नहीं है।
भारतीय कानून के अनुसार BNS 317 (पूर्व IPC 411) के अपराध में केवल चोरी का माल मिलना पर्याप्त नहीं है। अभियोजन को यह भी सिद्ध करना आवश्यक है कि आरोपी को माल के चोरी का ज्ञान था या ऐसा मानने का कारण था (Mens Rea)। इसके बावजूद अनेक मामलों में ईमानदार ज्वेलर्स को अनावश्यक रूप से पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी, लंबी कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि का सामना करना पड़ता है।
देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने समय-समय पर स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच आवश्यक है तथा निर्दोष व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
हमारी प्रमुख मांगें
BNS 317 (पूर्व IPC 411) के मामलों में पूरे देश के लिए एक समान राष्ट्रीय SOP लागू की जाए।
केवल बरामदगी के आधार पर ज्वेलर्स के विरुद्ध एफआईआर, गिरफ्तारी या अभियोजन न किया जाए; पहले Mens Rea की निष्पक्ष जांच अनिवार्य हो।
सद्भावना (Good Faith) में व्यापार करने वाले ज्वेलर्स को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए।
पुलिस अधिकारियों के लिए स्पष्ट जांच दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ ताकि निर्दोष व्यापारियों का उत्पीड़न न हो।
प्रत्येक राज्य में ज्वेलर्स, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त समन्वय समिति (Coordination Committee) का गठन किया जाए।
जांच एजेंसियों को सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णयों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए जाएँ।
चोरी के वास्तविक अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदार व्यापारियों को बिना पर्याप्त साक्ष्य अपराधी न माना जाए।
हमारा उद्देश्य
यह याचिका अपराधियों का बचाव करने के लिए नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि कानून का पालन निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और संविधान के अनुरूप हो तथा ईमानदार ज्वेलर्स और वैध व्यापारियों को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाया जा सके।
यदि आप भी मानते हैं कि निर्दोष नागरिकों और ईमानदार ज्वेलर्स के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए तथा BNS 317 (पूर्व IPC 411) के मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होनी चाहिए, तो कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
"न्याय अपराधियों के विरुद्ध कठोर हो, लेकिन निर्दोषों के प्रति संवेदनशील और निष्पक्ष भी हो।"

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Harshit SoniPetition Starter

The Decision Makers

Devendra Fadnavis
Chief Minister, Maharashtra
Shri Narendra Modi
Prime Minister of India
Shri Harsh sanghvi
Shri Harsh sanghvi
Home minister of Gujarat
Shri BhupendraBhai patel
Shri BhupendraBhai patel
CHIFE MINISTER OF GUJARAT
Amit Shah
Amit Shah
Ministry of Home Affairs

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