

Promote inter caste marriages to find solution of inbreeding - Naresh Kadyan
The Issue
Inbreeding creates genetics problems in every living creature including human beings, Kadyan Khap International convener Naresh Kadyan proposed to all Khap's and Panchyats opposing same GOTRA and marriages in same village may divert their attention to promote INTER CASTE MARRIAGES to find solution to the many major issues in the country. Let us take oath to promote inter caste marriages and lit a candle here to boost this proposal..............
http://www.gratefulness.org/candles/message.cfm?l=eng&cid=10787787
Former Chief Justice Devi Singh Tewatia also principally agreed with Naresh Kadyan on these issues and he promote inter caste marriages but oppose to marry in same gotra or in a same village like Naresh Kadyan.
Justice Tewatia can be contacted on his mobile - +91-9810123170
Naresh Kadyan - +91-9813010595.
आज खाप पंचायतों के फरमानों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। खाप पंचायतें हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ भागों में सक्रिय हैं और इनकी मांग है कि सगोत्र शादियों पर कानूनी पाबंदी लगाई जाए।
इन्होंने हरियाणा के जनप्रतिनिधियों को धमकी दी है कि अगर उनकी इस मांग को कानून बनवाने में वे मदद नहीं करते तो उनका बहिष्कार किया जाएगा। धमकी का असर भी हुआ है। कांग्रेस के युवा सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने उनका समर्थन किया है और इंडियन नेशनल लोकदल के नेता ओमप्रकाश चौटाला ने भी उनकी बात जोर-शोर से उठाई है।
खाप पंचायतें ऐसी मांगों के लिए नहीं जानी जातीं। उनकी पहचान पर उनके कुछ फरमान और खून के दाग भारी हैं। उन्होंने किसी को लिखित रूप से मौत की सजा नहीं दी, पर उनके एलान भर से प्रेमी युगलों को दुनिया छोड़ देनी पड़ी और उनके परिवारों को अपनी मिट्टी। इस सच्चई के सामने उनका हाल का लोकतांत्रिक तरीका बौना साबित हो रहा है, हालांकि उनकी मांग नाजायज नहीं, न ही जिंदल और चौटाला का उनके साथ खड़ा होना। इतना अवश्य है कि उनकी मांग का कोई बड़ा आधार नहीं।
उत्तर भारत में सगोत्रीय विवाह कोई समस्या नहीं है क्योंकि ऐसे मामले बिरले ही आते हैं। इसका कारण है कि सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक ताने-बाने में ऐसी शादियों को स्वीकारा नहीं जाता। जहां कोई समस्या नहीं है, वहां समाधान के लिए आंदोलन करने का उद्देश्य सिर्फ अपनी ताकत का एहसास कराना है क्योंकि खाप के पाप का हिसाब भी उनको देना है। कुछ खापों ने हत्या जैसे अपराध में शामिल लोगों का समर्थन कर अपनी छवि को स्वयं दागदार बनाया है।
खापों को चिंतन इस बात पर करना चाहिए कि जब वे सगोत्र शादी के विरोधी हैं तो उन्हें अंतरजातीय विवाहों का समर्थन करना चाहिए। उत्तर भारत में कन्या भ्रूण हत्या एक बड़ी समस्या है, उसके खिलाफ अपनी ताकत का उपयोग करें और अपनी सामाजिक शक्ति से दहेज दानव से लड़ें। वह अपनी ऊर्जा एक ऐसे भूत का मर्दन करने में बर्बाद कर रहे हैं, जो उन्होंने ही बनाया है। सगोत्र शादी कानूनन अवैध हो जाने पर ही हत्याएं वैध नहीं हो जाएंगी। हमारे यहां मुस्लिम पर्सनल लॉ और हिंदू मैरिज एक्ट जैसे निजी कानूनों की व्यवस्था है और कानून हैं तो उनमें संशोधन हो सकता है, पर नीयत में खोट हो तो उसका क्या इलाज?

The Issue
Inbreeding creates genetics problems in every living creature including human beings, Kadyan Khap International convener Naresh Kadyan proposed to all Khap's and Panchyats opposing same GOTRA and marriages in same village may divert their attention to promote INTER CASTE MARRIAGES to find solution to the many major issues in the country. Let us take oath to promote inter caste marriages and lit a candle here to boost this proposal..............
http://www.gratefulness.org/candles/message.cfm?l=eng&cid=10787787
Former Chief Justice Devi Singh Tewatia also principally agreed with Naresh Kadyan on these issues and he promote inter caste marriages but oppose to marry in same gotra or in a same village like Naresh Kadyan.
Justice Tewatia can be contacted on his mobile - +91-9810123170
Naresh Kadyan - +91-9813010595.
आज खाप पंचायतों के फरमानों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। खाप पंचायतें हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ भागों में सक्रिय हैं और इनकी मांग है कि सगोत्र शादियों पर कानूनी पाबंदी लगाई जाए।
इन्होंने हरियाणा के जनप्रतिनिधियों को धमकी दी है कि अगर उनकी इस मांग को कानून बनवाने में वे मदद नहीं करते तो उनका बहिष्कार किया जाएगा। धमकी का असर भी हुआ है। कांग्रेस के युवा सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने उनका समर्थन किया है और इंडियन नेशनल लोकदल के नेता ओमप्रकाश चौटाला ने भी उनकी बात जोर-शोर से उठाई है।
खाप पंचायतें ऐसी मांगों के लिए नहीं जानी जातीं। उनकी पहचान पर उनके कुछ फरमान और खून के दाग भारी हैं। उन्होंने किसी को लिखित रूप से मौत की सजा नहीं दी, पर उनके एलान भर से प्रेमी युगलों को दुनिया छोड़ देनी पड़ी और उनके परिवारों को अपनी मिट्टी। इस सच्चई के सामने उनका हाल का लोकतांत्रिक तरीका बौना साबित हो रहा है, हालांकि उनकी मांग नाजायज नहीं, न ही जिंदल और चौटाला का उनके साथ खड़ा होना। इतना अवश्य है कि उनकी मांग का कोई बड़ा आधार नहीं।
उत्तर भारत में सगोत्रीय विवाह कोई समस्या नहीं है क्योंकि ऐसे मामले बिरले ही आते हैं। इसका कारण है कि सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक ताने-बाने में ऐसी शादियों को स्वीकारा नहीं जाता। जहां कोई समस्या नहीं है, वहां समाधान के लिए आंदोलन करने का उद्देश्य सिर्फ अपनी ताकत का एहसास कराना है क्योंकि खाप के पाप का हिसाब भी उनको देना है। कुछ खापों ने हत्या जैसे अपराध में शामिल लोगों का समर्थन कर अपनी छवि को स्वयं दागदार बनाया है।
खापों को चिंतन इस बात पर करना चाहिए कि जब वे सगोत्र शादी के विरोधी हैं तो उन्हें अंतरजातीय विवाहों का समर्थन करना चाहिए। उत्तर भारत में कन्या भ्रूण हत्या एक बड़ी समस्या है, उसके खिलाफ अपनी ताकत का उपयोग करें और अपनी सामाजिक शक्ति से दहेज दानव से लड़ें। वह अपनी ऊर्जा एक ऐसे भूत का मर्दन करने में बर्बाद कर रहे हैं, जो उन्होंने ही बनाया है। सगोत्र शादी कानूनन अवैध हो जाने पर ही हत्याएं वैध नहीं हो जाएंगी। हमारे यहां मुस्लिम पर्सनल लॉ और हिंदू मैरिज एक्ट जैसे निजी कानूनों की व्यवस्था है और कानून हैं तो उनमें संशोधन हो सकता है, पर नीयत में खोट हो तो उसका क्या इलाज?

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Petition created on 12 May 2010