Save Bengal,Save Democracy.. Lets stand for Bengal


Save Bengal,Save Democracy.. Lets stand for Bengal
The Issue
प्रति,
महामहिम राष्ट्रपति महोदय,
भारत सरकार,
नई दिल्ली
द्वारा,
महामहिम राज्यपाल महोदय,
महाराष्ट्र राज्य
मुम्बई
माननीय महोदय,
इस निवेदन के माध्यम से, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद पैदा हुई अत्यन्त चिन्ताजनक स्थिति के सम्बन्ध में आपसे सम्मानपूर्वक संवाद करने की आवश्यकता हम अनुभव करते हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद उठे अभूतपूर्व, अमानवीय हिंसाचार से अपने देश की सहिष्णु परम्परा तथा स्वस्थ सामाजिक समरसता को गहरा धक्का लगा है। विशेषकर, महिलाओं पर हुए निर्मम अत्याचार की खबरें अत्यन्त पीड़ादायक और मानवता को कलंकित करनेवाली हैं। राजनीतिक वैमनस्य और बदले की भावना के चलते हो रहे इन घृणित अनाचार के सम्बन्ध में हम गहन चिन्ता व्यक्त करते हैं।
प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा विशिष्ट समाजके घरों में आगजनी, देसी बम का बडी मात्रामे प्रयोग, अमानवीय मारपीट, खुलेआम बलात्कार का तांडव की घटनाए नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र समेत कई स्थानों से महिनाभर निरन्तर घटती आ रही हैं।
सैकड़ों कार्यकर्ता अपनी प्राण गंवाने के डर से न केवल अपने घरों और गांवों से बल्कि बंगाल से भी विस्थापित हुए हैं। पीड़ितों के अनुसार स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। इसी तरह हिंसा को साम्प्रदायिक रंग देने की भी योजना बनाई गई है। सामान्य नागरिकों और मतदाताओं के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। यह हिंसा, संगठित और गम्भीर है और भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यन्त लज्जास्पद है। स्थानीय आतंक के भयानक भय के कारण, प्रसार माध्यम भी सच्ची और निर्भीक समाचार देने के बजाय मौन है। आज पूरा राज्य त्राहिमाम कर रहा है। राज्य में कानून और व्यवस्था के आधार पर नागरिकों की सुरक्षा के साथ ही सामाजिक सद्भाव की बहाली आवश्यक है।
इसके लिए लोकतंत्र के तीन स्तम्भों न्यायपालिका, कार्यपालिका (केन्द्र सरकार) तथा विधायिका (संसद) को बंगाल की स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
पीड़ित नागरिकों के जीवन, सम्पत्ति और मानवाधिकारों की रक्षा हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, इसके लिए केन्द्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे, हम महाराष्ट्र के कलाकारों, साहित्यकारों , उद्योजक , शिक्षा शास्त्री , गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त निवेदन के माध्यम से आपसे नम्रतापूर्वक प्रार्थना करते हैं।
आप उचित कार्रवाई करेंगे ही ऐसा हमें विश्वास है।
संज्ञानार्थ,
आपका सविनय

The Issue
प्रति,
महामहिम राष्ट्रपति महोदय,
भारत सरकार,
नई दिल्ली
द्वारा,
महामहिम राज्यपाल महोदय,
महाराष्ट्र राज्य
मुम्बई
माननीय महोदय,
इस निवेदन के माध्यम से, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद पैदा हुई अत्यन्त चिन्ताजनक स्थिति के सम्बन्ध में आपसे सम्मानपूर्वक संवाद करने की आवश्यकता हम अनुभव करते हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद उठे अभूतपूर्व, अमानवीय हिंसाचार से अपने देश की सहिष्णु परम्परा तथा स्वस्थ सामाजिक समरसता को गहरा धक्का लगा है। विशेषकर, महिलाओं पर हुए निर्मम अत्याचार की खबरें अत्यन्त पीड़ादायक और मानवता को कलंकित करनेवाली हैं। राजनीतिक वैमनस्य और बदले की भावना के चलते हो रहे इन घृणित अनाचार के सम्बन्ध में हम गहन चिन्ता व्यक्त करते हैं।
प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा विशिष्ट समाजके घरों में आगजनी, देसी बम का बडी मात्रामे प्रयोग, अमानवीय मारपीट, खुलेआम बलात्कार का तांडव की घटनाए नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र समेत कई स्थानों से महिनाभर निरन्तर घटती आ रही हैं।
सैकड़ों कार्यकर्ता अपनी प्राण गंवाने के डर से न केवल अपने घरों और गांवों से बल्कि बंगाल से भी विस्थापित हुए हैं। पीड़ितों के अनुसार स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। इसी तरह हिंसा को साम्प्रदायिक रंग देने की भी योजना बनाई गई है। सामान्य नागरिकों और मतदाताओं के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। यह हिंसा, संगठित और गम्भीर है और भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यन्त लज्जास्पद है। स्थानीय आतंक के भयानक भय के कारण, प्रसार माध्यम भी सच्ची और निर्भीक समाचार देने के बजाय मौन है। आज पूरा राज्य त्राहिमाम कर रहा है। राज्य में कानून और व्यवस्था के आधार पर नागरिकों की सुरक्षा के साथ ही सामाजिक सद्भाव की बहाली आवश्यक है।
इसके लिए लोकतंत्र के तीन स्तम्भों न्यायपालिका, कार्यपालिका (केन्द्र सरकार) तथा विधायिका (संसद) को बंगाल की स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
पीड़ित नागरिकों के जीवन, सम्पत्ति और मानवाधिकारों की रक्षा हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, इसके लिए केन्द्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे, हम महाराष्ट्र के कलाकारों, साहित्यकारों , उद्योजक , शिक्षा शास्त्री , गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त निवेदन के माध्यम से आपसे नम्रतापूर्वक प्रार्थना करते हैं।
आप उचित कार्रवाई करेंगे ही ऐसा हमें विश्वास है।
संज्ञानार्थ,
आपका सविनय

Petition Closed
Share this petition
Petition created on 29 June 2021