

महामहिम राष्ट्रपति जी
आप तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर हैं ये हमारे लिए फक्र की बात है। हम अर्ध सैनिक बलों के जवान व उनके परिवार तकरीबन 20 लाख के आस पास हैं जो कि बहुतायत संख्या मे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों में आवास निवास करते हैं। ऐसी जगहों पर जहां मेडिकल फैसिलिटी ना के बराबर है। हमने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से 5 बार मुलाकातें कर निवेदन किया कि पूरे भारत वर्ष में एक सर्वे करवाएं जाएं कि जिन जिलाें में पैरा मिलिट्री परिवार बहुतायत संख्या में रहते हैं वहां सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार किया जाए ताकि अर्ध सैनिक बलों के सेवारत/रिटायर्ड जवानों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
आपकी जानकारी हेतु हम बताना चाहेंगे कि समस्त भारत में सबसे ज्यादा सेवानिवृत्त एवं सेवारत परिवार भिवानी हिसार व नारनौल महेंद्रगढ़ , रेवाड़ी दक्षिणी हरियाणा व झुंझुनू सीकर शेखावाटी राजस्थान, गाजीपुर बलिया यूपी, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व राजस्थान के ज्यादातर जिलों में CAPF परिवार आवास निवास करते हैं, इसी तरह से यूपी, मप्र व दक्षिण भारत के जिले।
महामहिम जी मन को कुछ सकून देने वाली खबरें भी हैं जैसे कि अभी रेवाडी, रोहतक व बहादुरगढ़ सीजीएचएस डिस्पेंसरियों के लिए मेडिकल स्टाफ नियुक्त करने की खबर आई है जोकि हमारे द्वारा लगातार किए जा रहे शांतिपूर्ण संघर्ष का परिणाम है। महोदया जी अभी ओर CGHS डिस्पेंसरियों के विस्तार की जरूरत है कि कम से कम 2 या 3 जिलों के बीच एक डिस्पेंसरी तो अवश्य खुलनी चाहिए।
महामहिम राष्ट्रपति जी हम लाखों पूर्व अर्धसैनिक आपकी बेहतर स्वास्थ्य एवं शोहरत की कामना करते हैं। उम्मीद कि 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों के मन की बात आप माननीय प्रधानमंत्री जी तक पहुंचाएंगे। ओर हां कई बार ईमेल के माध्यम से आप से मुलाकात की गुहार लगाई गई तो रटा रटाया जवाब मिलता है कि महामहिम राष्ट्रपति जी के पास अभी समय नहीं है। उम्मीद कि आने वाले दिनों में एलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के 11 सदस्यों के डेलिगेशन को मुलाकात हेतु राष्ट्रपति भवन में बुलाएंगे ताकि जवानों के भलाई संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर समाधान हो सके।
जय हिन्द
रणबीर सिंह
महासचिव