

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
महामहिम राष्ट्रपति
राष्ट्रपति भवन
नई दिल्ली।
*विषय:- शांति रक्षक बल सीआरपीएफ में भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त (ग्रुप ‘ए’ राजपत्रित अधिकारी) डीआईजी पद पर कार्यरत श्री बी सी पात्रा को बिना किसी ठोस कारण के निलंबन करना साथ ही 9 अप्रैल 2026 को गांधी समाधि राजघाट पर शांतिपूर्ण तरीक़े से अरदास करने आई पैरामिलिट्री वीरांगनाओं के चेहरे पहचान कर उनका पीछा कर उसकी बिना अनुमति के फोटो लेकर उनके पति कैडर ऑफ़िसर्स को चिह्नित कर दूरदराज उतरी पूर्वी राज्यों में समय से पहले बदली कर देना कहाँ तक उचित है आपसे न्याय की उम्मीद।*
महामहिम राष्ट्रपति जी
अलायन्स ऑफ़ ऑल एक्स पैरा-मिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 2 जुलाई 2026 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के सेवानिवृत्त कार्मिकों के कल्याण, अधिकारों, सम्मान तथा सेवा हितों से जुड़े गंभीर मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना है। एसोसिएशन उन 2 दर्जन सीआरपीएफ अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध की जा रही कथित प्रशासनिक कार्रवाहियों पर गहरी चिंता व्यक्त करती है, जिनके परिवारजन राजघाट पर आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सम्मिलित हुए थे। एसोसिएशन का मानना है कि किसी भी कार्मिक को प्रभावित करने वाली प्रशासनिक कार्रवाई निष्पक्षता, विधिसम्मत प्रक्रिया तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने मीडिया के समक्ष श्री बी. सी. पात्रा, उप महानिरीक्षक (DIG) के निलंबन तथा इस प्रकरण से जुड़े अधिकारियों के समयपूर्व स्थानांतरण के संबंध में अपनी गंभीर चिंताएं जताई।
श्री बी. सी. पात्रा को उनकी निष्कलंक ईमानदारी, उत्कृष्ट कार्यक्षमता एवं पेशेवर दक्षता के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। अपने विशिष्ट सेवाकाल के दौरान उन्होंने देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में जज अटॉर्नी जनरल के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। श्री सुखजिंदर सिंह, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक, त्रिपुरा, के कहे अनुसार वर्ष 2002-03 में श्री पात्रा ने उनके स्टाफ अधिकारी के रूप में कार्य किया था तथा उन्होंने असाधारण विधिक ज्ञान एवं प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया था। विधि स्स्नातकोत्तर श्री पात्रा ने न्यायिक विचारण, विभागीय जांच एवं सेवा संबंधी विधिक प्रक्रियाओं पर अनेक पुस्तकें लिखी है। श्री सुखजिंदर सिंह ने उन्हें उत्कृष्ट बुद्धिमत्ता, प्रभावी खुफिया जानकारी संकलन क्षमता तथा उच्च कोटि की पेशेवर योग्यता वाला अधिकारी बताया है।
अपने सेवाकाल में श्री पात्रा को उत्कृष्ट कार्य निष्पादन हेतु अनेक पदक, प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2024 में उन्हें महानिदेशक, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड प्रशस्ति डिस्क (DG NSG Commendation Disc) से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, एक बटालियन की कमान संभालते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बटालियन ट्रॉफी भी प्रदान की गई ।
एसोसिएशन का मानना है कि श्री पात्रा के विरुद्ध की गई कार्रवाई का संबंध संभवतः उनकी उस भूमिका से हो सकता है जिसमें उन्होंने CAPF कैडर अधिकारियों के प्रतिनिधि के रूप में पदोन्नति संबंधी मामलों तथा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के साथ सेवा समानता के मुद्दों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ी थी। एसोसिएशन का मत है कि श्री पात्रा के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है तथा उन्हें अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
एसोसिएशन यह भी इंगित करती है कि उसकी जानकारी के अनुसार CAPFs के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है जब महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा नियुक्त किसी वरिष्ठ समूह ‘क’ (Group ‘A’) कैडर अधिकारी को जांच प्रक्रिया पूर्ण होने से पूर्व तथा स्पष्ट आरोपों की जानकारी दिए बिना निलंबित किया गया है। इसलिए एसोसिएशन इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विधिसम्मत समीक्षा की मांग करती है।
महामहिम जी, प्रेस वार्ता के दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने ऐसे मामलों से बलों के मनोबल, संस्थागत निष्पक्षता तथा सेवारत कार्मिकों एवं उनके परिवारों के विश्वास पर पड़ने वाले व्यापक दुष्प्रभावों पर भी चिंता जताई।एसोसिएशन भारत सरकार एवं संबंधित प्राधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करेगी कि संवैधानिक अधिकारों, विधिसम्मत प्रक्रिया तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूर्ण सम्मान किया जाए। अलायन्स आफ़ एक्स पैरा-मिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन सेवानिवृत्त कार्मिकों के कल्याण तथा न्याय, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं निष्पक्ष प्रशासन के मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है।
महामहिम राष्ट्रपति जी पूरे देश को गर्व है कि एक ग़रीब आदिवासी परिवार की महिला सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही है अब सवाल उठता कि पैरा मिलिटरी वीरांगनाएं जिनके पतिदेव राष्ट्र की चाक चौबंद सुरक्षा कर रहे हैं उन वीर नारियों को पर्दानशीन कर, फोटो चिन्हित कर सार्वजनिक तौर पर पहचान कराने का प्रयास किया गया जो कि अपराध की श्रेणी में आता है। ये सब वाक्या महान फोर्स सीआरपीएफ मै घटित हुआ।
हमारी एसोसिएशन आप से निवेदन करती है कि एक SIT का गठन कर उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ जाँच कर कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि आइंदा कोई इस प्रकार की भविष्य में नारी शक्ति के साथ ओछी हरकत ना कर सके। महामहिम राष्ट्रपति जी सर्वोच्च पद पर आसीन डीआईजी को इसलिए निलंबित किया गया कि उन्होंने सोशल मिडिया पर वीडियो शेयर किया जो कि उनका अपना नहीं था। जिस अधिकारी ने अनेक पदक, प्रसंशा पत्र, सीआरपीएफ व एनएसजी में रहते हुए डीजी डिस्क अर्ज़ित की हों, जिस अधिकारी को सर्वश्रेष्ठ बटालियन ट्रॉफी मिली हो, जो एनएसजी में डेपुटेशन पर रहते जज अटॉर्नी जनरल जैसे पद पर रहा हो वो कैसे सोशल मीडिया पर सरकार विरुद्ध कार्य कर सकता है यह गहन जाँच एवं चिंतन का विषय है। हमे तीनो सेनाओं के सुप्रीम कमांडर से न्याय की उम्मीद है।
जय हिंद
रणबीर सिंह
महासचिव
अलायन्स ऑफ़ ऑल एक्स पैरा-मिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन
मोबाइल नंबर 9968981467