Message aux signatairesTrancperency & Personal Accountability Policy

कथनी और करनी

Vimlesh Chandra JoshiJaipur, Inde
8 mars 2020

मेरे द्वारा सरकारी पोर्टल के माध्यम से बैंक आँफ इंडिया में ग्राहक शिकायत निराकरण प्रणाली की जांंच हेतु प्रार्थना की गई है किन्तु मेरी पँजीकृत शिकायतो को बिना किसी भी जांच के बन्द किया जा चुका है।
मै आपके माध्यम से जानना चाहता हूँ कि मेरे द्वारा विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किये जाने के बावजूद भी मेरी पँजीकृत शिकायतो के समुचित समाधान हेतु वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक आँफ इंडिया के विरुद्ध जांच प्रारम्भ कर वास्तविक मूल्यांकन करने से क्यों बचने का प्रयास किया जा रहा है?
सरकार द्वारा गुडगवर्नेश और पारदर्शिता के बड़े बड़े दावे किये जा रहे किन्तु सरकार द्वारा गठित पोर्टल के माध्यम से देश के सर्वोच्च लोक सेवक को उनके द्वारा घोषित नीति के तहत जांच की प्रार्थना करने पर भी आज दिनांक तक जांच प्रारम्भ नही करना और पँजीकृत शिकायतो को बिना समुचित समाधान के बन्द करने की सूचना प्रदान करना पोर्टल के गठन के औचित्य पर सवाल खडा करता है।
एक ओर गठित पोर्टल पर पँजीकृत शिकायतो का वास्तविक समाधान करने से बचने का प्रयास किया जा रहा है वही दूसरी ओर सरकारी पोर्टल मे सुधार हेतु विचार आमंत्रित किये जा रहे है।

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