Demand Resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan
Demand Resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan
The Issue
हम, भारत के छात्र और नागरिक, हाल ही में हुए NEET 2026 परीक्षा पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया की गंभीर विफलताओं से बेहद आक्रोशित और निराश हैं। इन गलतियों ने लाखों मेहनती छात्रों की उम्मीदें तोड़ दीं, शिक्षा व्यवस्था पर जनता का विश्वास हिला दिया और कई युवा जीवनों को निराशा और आत्महत्या की ओर धकेल दिया।
आज (18 जुलाई 2026) की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk जी को उनकी अनुमति के बिना अनशन स्थल से जबरन उठाया गया, और जो छात्र व समर्थक उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें पुलिस और कुछ गुंडों द्वारा गाली दी गई तथा कई छात्रों को मारा भी गया। यह लोकतंत्र और छात्रों की आवाज़ का सीधा अपमान है।
सबसे दुखद यह है कि परीक्षा रद्द होने और लगातार अनियमितताओं के कारण 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। ये मासूम जीवन इस बात का सबूत हैं कि शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफलता दिखाई है। हम सरकार से माँग करते हैं कि इन छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जाएँ और उनके परिवारों को न्याय व आर्थिक सहायता दी जाए।
This video retain Sonam Wangchuk Sir
हम माँग करते हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से तत्काल इस्तीफ़ा।
- NEET पेपर लीक और CBSE अनियमितताओं की पारदर्शी जाँच।
- प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने हेतु निष्पक्ष पुनः परीक्षा और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
- आज हुई घटना की स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर कार्रवाई।
- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता।
- अब बहुत हो चुका। छात्र किसी राजनीतिक खेल के मोहरे नहीं हैं। यदि मंत्री भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनका इस्तीफ़ा शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने का न्यूनतम कदम है।
हस्ताक्षरित,
18 जुलाई 2026

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The Issue
हम, भारत के छात्र और नागरिक, हाल ही में हुए NEET 2026 परीक्षा पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया की गंभीर विफलताओं से बेहद आक्रोशित और निराश हैं। इन गलतियों ने लाखों मेहनती छात्रों की उम्मीदें तोड़ दीं, शिक्षा व्यवस्था पर जनता का विश्वास हिला दिया और कई युवा जीवनों को निराशा और आत्महत्या की ओर धकेल दिया।
आज (18 जुलाई 2026) की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk जी को उनकी अनुमति के बिना अनशन स्थल से जबरन उठाया गया, और जो छात्र व समर्थक उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें पुलिस और कुछ गुंडों द्वारा गाली दी गई तथा कई छात्रों को मारा भी गया। यह लोकतंत्र और छात्रों की आवाज़ का सीधा अपमान है।
सबसे दुखद यह है कि परीक्षा रद्द होने और लगातार अनियमितताओं के कारण 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। ये मासूम जीवन इस बात का सबूत हैं कि शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफलता दिखाई है। हम सरकार से माँग करते हैं कि इन छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जाएँ और उनके परिवारों को न्याय व आर्थिक सहायता दी जाए।
This video retain Sonam Wangchuk Sir
हम माँग करते हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से तत्काल इस्तीफ़ा।
- NEET पेपर लीक और CBSE अनियमितताओं की पारदर्शी जाँच।
- प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने हेतु निष्पक्ष पुनः परीक्षा और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
- आज हुई घटना की स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर कार्रवाई।
- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता।
- अब बहुत हो चुका। छात्र किसी राजनीतिक खेल के मोहरे नहीं हैं। यदि मंत्री भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनका इस्तीफ़ा शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने का न्यूनतम कदम है।
हस्ताक्षरित,
18 जुलाई 2026

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Petition created on 18 July 2026