

Unknown irrelevant result of final year LLB Lucknow university 2020
The Issue
विषय: LL.B 6thसेमेस्टर के 80% से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा किए गए खिलवाड़ हेतु ।
एक तरफ पूरा विश्व व देश कोविड-19 जैसी महामारी से ग्रसित रहा है जिसके कारण 2 महीने से अधिक देश पूरी तरह बंद रहा शिक्षा जगत मैं ऑनलाइन के नाम पर शिक्षकों द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ चलता रहा स्थितियां इतनी बदतर हो गई कि बिना परीक्षा लिए छात्रों को उत्तीर्ण करने का फैसला भी सरकार द्वारा ले लिया गया |
छात्र छात्राओं को लगातार संशय में रखा गया की परीक्षा होगी या नहीं होगी , अंततः सरकार के लगातार प्रयासों के चलते परीक्षा को 30 सितंबर के पूर्व कराने का फैसला लिया गया जिसका सभी विद्यार्थियों द्वारा स्वागत किया गया और कोविड-19 जैसी महामारी को ताख पर रखकर सरकार व विश्वविद्यालय के फैसले को माना गया |
परीक्षा का फॉर्मेट बदल दिया गया समय कम कर दिया गया जो कि विद्यार्थियों के लिए बिल्कुल नया था इन सबके बावजूद विद्यार्थियों का 1 वर्ष खराब ना हो उन्होंने महामारी से लड़ते हुए सभी परीक्षाओं में भाग लिया |
कितनी विडंबना की बात है कि साल भर पढ़ाई कराने के लिए ऑनलाइन का सहारा लिया गया बिना किताबों के और जब बात परीक्षा की आई तो ऑफलाइन को प्राथमिकता में रखा गया फिर भी छात्रों ने इसको माना | जबकि ना जाने कितनी ही अन्य विश्वविद्यालयो व महाविद्यालयो परीक्षाएं कोविड-19 के चलते ऑनलाइन तरीके से कराई गई हैं |
आपसे सादर अनुरोध है कि पहले ही छात्र-छात्राओं कोविड-19 के चलते लगभग 10 महीने पीछे हो चुके हैं और अब ऐसा परिणाम प्रशासन के द्वारा निश्चित तौर पर छात्रों के लिए लगभग 2 साल खराब करने जैसा होगा इसलिए कृपा करके छात्रों का 2 वर्ष खराब न जाए और उनकी भविष्य के प्रति किसी भी योजना को धक्का ना पहुंच सके इसके लिए उचित कदम लेने की कृपा करें ।
The Issue
विषय: LL.B 6thसेमेस्टर के 80% से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा किए गए खिलवाड़ हेतु ।
एक तरफ पूरा विश्व व देश कोविड-19 जैसी महामारी से ग्रसित रहा है जिसके कारण 2 महीने से अधिक देश पूरी तरह बंद रहा शिक्षा जगत मैं ऑनलाइन के नाम पर शिक्षकों द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ चलता रहा स्थितियां इतनी बदतर हो गई कि बिना परीक्षा लिए छात्रों को उत्तीर्ण करने का फैसला भी सरकार द्वारा ले लिया गया |
छात्र छात्राओं को लगातार संशय में रखा गया की परीक्षा होगी या नहीं होगी , अंततः सरकार के लगातार प्रयासों के चलते परीक्षा को 30 सितंबर के पूर्व कराने का फैसला लिया गया जिसका सभी विद्यार्थियों द्वारा स्वागत किया गया और कोविड-19 जैसी महामारी को ताख पर रखकर सरकार व विश्वविद्यालय के फैसले को माना गया |
परीक्षा का फॉर्मेट बदल दिया गया समय कम कर दिया गया जो कि विद्यार्थियों के लिए बिल्कुल नया था इन सबके बावजूद विद्यार्थियों का 1 वर्ष खराब ना हो उन्होंने महामारी से लड़ते हुए सभी परीक्षाओं में भाग लिया |
कितनी विडंबना की बात है कि साल भर पढ़ाई कराने के लिए ऑनलाइन का सहारा लिया गया बिना किताबों के और जब बात परीक्षा की आई तो ऑफलाइन को प्राथमिकता में रखा गया फिर भी छात्रों ने इसको माना | जबकि ना जाने कितनी ही अन्य विश्वविद्यालयो व महाविद्यालयो परीक्षाएं कोविड-19 के चलते ऑनलाइन तरीके से कराई गई हैं |
आपसे सादर अनुरोध है कि पहले ही छात्र-छात्राओं कोविड-19 के चलते लगभग 10 महीने पीछे हो चुके हैं और अब ऐसा परिणाम प्रशासन के द्वारा निश्चित तौर पर छात्रों के लिए लगभग 2 साल खराब करने जैसा होगा इसलिए कृपा करके छात्रों का 2 वर्ष खराब न जाए और उनकी भविष्य के प्रति किसी भी योजना को धक्का ना पहुंच सके इसके लिए उचित कदम लेने की कृपा करें ।
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Petition created on 3 November 2020