

CAPF के जवानों की पेंशन और प्रमोशन बहाल करें।


CAPF के जवानों की पेंशन और प्रमोशन बहाल करें।
The Issue
सम्माननीय, मैं एक ऐसा अर्धसैनिक बल/CAPF मे सेवा देने वाला सैनिक हूं, जिसने वर्षों से अपनी निष्ठा और तपस्या से देश की सेवा की है। लेकिन पिछले कई वर्षों से सरकार द्वारा हमें अनदेखा और सौतला व्यवहार झेलना पड़ रहा है। हमारी सबसे बड़ी चिंता पुरानी पेंशन योजना और प्रमोशन सम्बन्धित हैं, जो कि हमारे भरण-पोषण और परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
पुरानी पेंशन योजना को हटाकर नई पेंशन योजना लागू करने से हमारी वित्तीय सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ा है। नई योजना हमारी रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए पर्याप्त नहीं है। हमें आशंका है कि रिटायरमेंट के बाद हम और हमारे परिवारवाले आर्थिक तंगी के शिकार हो सकते हैं। हमारे देश की राजनीति मे हमारी शहादत का सिर्फ मजाक बनाकर रखा जाता है। जय जवान जय किसान के नारे वाले अपने प्यारे भारत वर्ष मे हम जवानों का जीवन ही दुःखदायी बना दिया गया है।
प्रमोशन की बात करें तो, कई वर्षों से जवानों को प्रमोशन देने में अत्यधिक हीलाहवाली हो रही है। लम्बे समय तक एक ही पद पर कार्य करने के कारण हम अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे निराशा और कुंठा बढ़ रही है।
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल जो कि अपने कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सीमित संसाधनों मे भी उच्च कोटि के कार्य व पराक्रम को प्रदर्शित करते रहा है.. आज उसके हर वर्ग मे असंतुष्टता का भाव व्याप्त है।
एक जवान जो कि 17 से 20 साल बाद प्रमोशन दे कर हवलदार तो बना दिया जाता है मगर उसको वही सिपाही की ड्यूटी करवाकर उसके मनोबल को गिराने का प्रयास किया जा रहा है।
उप निरीक्षक जो कि पहले प्लाटून कमान्डर हुआ करता था उसको सैक्शन कमान्डर यानी हवलदार की ड्यूटी करवा कर सभी नवयुवकों व लोकल प्रमोटियों को को गहरा अघात पहुंचाया गया है।
निरीक्षक /सामान्य ड्यूटी जो कि किसी कम्पनी का द्वितीय कमान अधिकारी हुवा करता था, उसको प्लाटून कमान्डर बना कर विभाग ने अपनी धज्जियां उडा दी हैं।
आज पन्द्रह से बीस साल होने को आये हैं मगर निरीक्षक/सामान्य या एक्सिक्यूटिव ड्यूटी जो कि बल की सबसे महत्वपूर्ण ड्यूटी है और जिन सामान्य ड्यूटी के बिना बल की कल्पना करना भी व्यर्थ है, आज उनको अपने प्रमोशन के लिये वर्षों इन्तजार करना पड़ रहा है।
महोदय आज हालात ऐसे हैं कि अपने परिवार समाज से दूर रह कर देश सेवा का जज्बा लिये एक उप निरीक्षक बल मे सेवा देने आता है तो सैकडों सपनों व अरमानों के साथ वह अपनी नौकरी इस उम्मीद से शुरू करता है कि आने वाले पांच से दस सालों मे वह सहायक कमान्डेन्ट पद पर प्रमोट होकर देश की सेवा करेगा। मगर विभाग की प्रमोशन प्रणाली ने पन्द्रह से बीस साल होने के बाद भी एक उज्जवल प्रतिनिधित्व, नेतृत्व क्षमता को अपने भविष्य पर रोने व गिडड़गिडाने पर पर मजबूर कर दिया है।
यह हालात देश के जवानों के लिये बिल्कुल भी सार्थक नहीं हैं अतः इस मामले की गम्भीरता व जवानों के घटते मनोबल को देखते हुये पुरानी पेंशन नीति व प्रमोशन और पद के अनुरूप कार्य व सम्मान हेतु सार्थक प्रयास किये जाने अति आवश्यक हैं।
हम सरकार से विनम्र निवेदन करते हैं कि हमारी पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और निरीक्षक/जीडी के प्रमोशन प्रक्रिया को गति प्रदान की जाए, ताकि हम देश की सेवा के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुचारू रूप से कर सकें। यह हमारी जिंदगी का सवाल है, और इसमें आपका सहयोग अनिवार्य है।
आपसे अनुरोध है कि इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और हमें न्याय दिलाने में सहयोग करें।

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सम्माननीय, मैं एक ऐसा अर्धसैनिक बल/CAPF मे सेवा देने वाला सैनिक हूं, जिसने वर्षों से अपनी निष्ठा और तपस्या से देश की सेवा की है। लेकिन पिछले कई वर्षों से सरकार द्वारा हमें अनदेखा और सौतला व्यवहार झेलना पड़ रहा है। हमारी सबसे बड़ी चिंता पुरानी पेंशन योजना और प्रमोशन सम्बन्धित हैं, जो कि हमारे भरण-पोषण और परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
पुरानी पेंशन योजना को हटाकर नई पेंशन योजना लागू करने से हमारी वित्तीय सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ा है। नई योजना हमारी रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए पर्याप्त नहीं है। हमें आशंका है कि रिटायरमेंट के बाद हम और हमारे परिवारवाले आर्थिक तंगी के शिकार हो सकते हैं। हमारे देश की राजनीति मे हमारी शहादत का सिर्फ मजाक बनाकर रखा जाता है। जय जवान जय किसान के नारे वाले अपने प्यारे भारत वर्ष मे हम जवानों का जीवन ही दुःखदायी बना दिया गया है।
प्रमोशन की बात करें तो, कई वर्षों से जवानों को प्रमोशन देने में अत्यधिक हीलाहवाली हो रही है। लम्बे समय तक एक ही पद पर कार्य करने के कारण हम अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे निराशा और कुंठा बढ़ रही है।
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल जो कि अपने कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सीमित संसाधनों मे भी उच्च कोटि के कार्य व पराक्रम को प्रदर्शित करते रहा है.. आज उसके हर वर्ग मे असंतुष्टता का भाव व्याप्त है।
एक जवान जो कि 17 से 20 साल बाद प्रमोशन दे कर हवलदार तो बना दिया जाता है मगर उसको वही सिपाही की ड्यूटी करवाकर उसके मनोबल को गिराने का प्रयास किया जा रहा है।
उप निरीक्षक जो कि पहले प्लाटून कमान्डर हुआ करता था उसको सैक्शन कमान्डर यानी हवलदार की ड्यूटी करवा कर सभी नवयुवकों व लोकल प्रमोटियों को को गहरा अघात पहुंचाया गया है।
निरीक्षक /सामान्य ड्यूटी जो कि किसी कम्पनी का द्वितीय कमान अधिकारी हुवा करता था, उसको प्लाटून कमान्डर बना कर विभाग ने अपनी धज्जियां उडा दी हैं।
आज पन्द्रह से बीस साल होने को आये हैं मगर निरीक्षक/सामान्य या एक्सिक्यूटिव ड्यूटी जो कि बल की सबसे महत्वपूर्ण ड्यूटी है और जिन सामान्य ड्यूटी के बिना बल की कल्पना करना भी व्यर्थ है, आज उनको अपने प्रमोशन के लिये वर्षों इन्तजार करना पड़ रहा है।
महोदय आज हालात ऐसे हैं कि अपने परिवार समाज से दूर रह कर देश सेवा का जज्बा लिये एक उप निरीक्षक बल मे सेवा देने आता है तो सैकडों सपनों व अरमानों के साथ वह अपनी नौकरी इस उम्मीद से शुरू करता है कि आने वाले पांच से दस सालों मे वह सहायक कमान्डेन्ट पद पर प्रमोट होकर देश की सेवा करेगा। मगर विभाग की प्रमोशन प्रणाली ने पन्द्रह से बीस साल होने के बाद भी एक उज्जवल प्रतिनिधित्व, नेतृत्व क्षमता को अपने भविष्य पर रोने व गिडड़गिडाने पर पर मजबूर कर दिया है।
यह हालात देश के जवानों के लिये बिल्कुल भी सार्थक नहीं हैं अतः इस मामले की गम्भीरता व जवानों के घटते मनोबल को देखते हुये पुरानी पेंशन नीति व प्रमोशन और पद के अनुरूप कार्य व सम्मान हेतु सार्थक प्रयास किये जाने अति आवश्यक हैं।
हम सरकार से विनम्र निवेदन करते हैं कि हमारी पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और निरीक्षक/जीडी के प्रमोशन प्रक्रिया को गति प्रदान की जाए, ताकि हम देश की सेवा के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुचारू रूप से कर सकें। यह हमारी जिंदगी का सवाल है, और इसमें आपका सहयोग अनिवार्य है।
आपसे अनुरोध है कि इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और हमें न्याय दिलाने में सहयोग करें।

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Petition created on 29 March 2026