Stop playing with future of medical students


Stop playing with future of medical students
The Issue
सेवा में
कुलपति महोदय
बी.आर.ए. बी.यू. मुज़. बिहार।
श्रीमान
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा BHMS के छात्रों के प्रति शिथिल रवैया के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है,
BHMS के सभी सत्रों का सेशन लगभग 1 से 1.5 साल लेट हो चुका है, लेकिन फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद नहीं खुली हैं ।
अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सत्र 2014-19 के छात्रों का फाइनल ईयर और सत्र 2015-20 के छात्रों का थर्ड ईयर का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है।
राज्य के एकमात्र गवर्मेंट होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज (आरबीटीएस गवर्मेंट होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर) सहित बिहार के सभी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के मानसिक तनावों का अंदाज़ा बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन को कभी हुआ ही नहीं है आज तक, हर बार छात्र-छात्राएं को कई-कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन का चक्कर लगाना पड़ता है तब जाकर परीक्षा होती है और फिर कई बार चक्कर लगाने के बाद रिजल्ट जारी किया जाता है।
ध्यान दिलाना है कि बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर को छोड़कर इस देश में प्रत्येक विश्वविद्यालय में जहाँ भी BHMS की पढ़ाई होती है वहां सभी जगह सत्र 2014-19 बैच का ईन्टर्नसिप पुरा भी हो चुका है, और सत्र 2015-20 बैच का फाइनल इयर परीक्षा का रिजल्ट तक आ चुका है ।
परंतु दुर्भभग्यपूर्ण है कि बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ़्फ़रपुर में अभी तक 2014 बैच के फाइनल इयर, 2015 बैच के थर्ड ईयर, 2016 बेच के सेकेंड ईयर और 2018 बैच के फस्ट ईयर परीक्षा रिजल्ट तक जारी नहीं किया गया है जबकि परीक्षा फरवरी में ही ख़त्म हो गई थी ।
ध्यान दिलाना है कि इस विश्वविद्यालय के BHMS के हजारों छात्र पूरे देश के BHMS छात्रों से 1-1.5 वर्ष पूर्ण रूप से पीछे हो गया है, जिससे कारण छात्रों का भविष्य के साथ-साथ मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना हो रहा होगा।
होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति का मानव जीवन में महवपूर्ण स्थान होते हुए भी चिकित्सा के इस प्रणाली के प्रति पूर्णतः उदासीन रवैया अत्यंत दुखदायी है, आज भी चिकित्सा की ये दूसरी सबसे प्रमुख पद्धति घोषित है और असंख्य लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं, फिर भी राज्य सरकार, राजभवन और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा BHMS के छात्रों का लगातार भविष्य बर्बाद करने का काम किया जा रहा है ।
इस बाबत कुलाधिपति महोदय ,बिहार से भी आग्रह है कि इस गहन विषय पर ध्यान देते हुए अतिशिघ्र कुछ कदम छात्रों के हित में उठाने की कृपा करें।
हम विश्वविद्यालय प्रशासन से भी आग्रह करते हैं कि BHMS सभी सेशन का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किया जाय और सभी सेशन को नियमित करने का प्रबंध किया जाय।।
प्रतिलिपि:कुलाधिपति के सचिव महोदय,राजभवन,बिहार।
धन्यवाद
सभी होम्योपैथिक छात्र
बी.आर.ए. बी.यु. मुज़. बिहार।
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सेवा में
कुलपति महोदय
बी.आर.ए. बी.यू. मुज़. बिहार।
श्रीमान
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा BHMS के छात्रों के प्रति शिथिल रवैया के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है,
BHMS के सभी सत्रों का सेशन लगभग 1 से 1.5 साल लेट हो चुका है, लेकिन फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद नहीं खुली हैं ।
अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सत्र 2014-19 के छात्रों का फाइनल ईयर और सत्र 2015-20 के छात्रों का थर्ड ईयर का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है।
राज्य के एकमात्र गवर्मेंट होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज (आरबीटीएस गवर्मेंट होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर) सहित बिहार के सभी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के मानसिक तनावों का अंदाज़ा बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन को कभी हुआ ही नहीं है आज तक, हर बार छात्र-छात्राएं को कई-कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन का चक्कर लगाना पड़ता है तब जाकर परीक्षा होती है और फिर कई बार चक्कर लगाने के बाद रिजल्ट जारी किया जाता है।
ध्यान दिलाना है कि बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर को छोड़कर इस देश में प्रत्येक विश्वविद्यालय में जहाँ भी BHMS की पढ़ाई होती है वहां सभी जगह सत्र 2014-19 बैच का ईन्टर्नसिप पुरा भी हो चुका है, और सत्र 2015-20 बैच का फाइनल इयर परीक्षा का रिजल्ट तक आ चुका है ।
परंतु दुर्भभग्यपूर्ण है कि बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ़्फ़रपुर में अभी तक 2014 बैच के फाइनल इयर, 2015 बैच के थर्ड ईयर, 2016 बेच के सेकेंड ईयर और 2018 बैच के फस्ट ईयर परीक्षा रिजल्ट तक जारी नहीं किया गया है जबकि परीक्षा फरवरी में ही ख़त्म हो गई थी ।
ध्यान दिलाना है कि इस विश्वविद्यालय के BHMS के हजारों छात्र पूरे देश के BHMS छात्रों से 1-1.5 वर्ष पूर्ण रूप से पीछे हो गया है, जिससे कारण छात्रों का भविष्य के साथ-साथ मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना हो रहा होगा।
होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति का मानव जीवन में महवपूर्ण स्थान होते हुए भी चिकित्सा के इस प्रणाली के प्रति पूर्णतः उदासीन रवैया अत्यंत दुखदायी है, आज भी चिकित्सा की ये दूसरी सबसे प्रमुख पद्धति घोषित है और असंख्य लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं, फिर भी राज्य सरकार, राजभवन और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा BHMS के छात्रों का लगातार भविष्य बर्बाद करने का काम किया जा रहा है ।
इस बाबत कुलाधिपति महोदय ,बिहार से भी आग्रह है कि इस गहन विषय पर ध्यान देते हुए अतिशिघ्र कुछ कदम छात्रों के हित में उठाने की कृपा करें।
हम विश्वविद्यालय प्रशासन से भी आग्रह करते हैं कि BHMS सभी सेशन का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किया जाय और सभी सेशन को नियमित करने का प्रबंध किया जाय।।
प्रतिलिपि:कुलाधिपति के सचिव महोदय,राजभवन,बिहार।
धन्यवाद
सभी होम्योपैथिक छात्र
बी.आर.ए. बी.यु. मुज़. बिहार।
Petition Closed
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Petition created on 24 May 2020