

प्रिय साथियों,
पेटीशन पर आपके साइन के कारण मेरी आवाज़ और हज़ारों लोगों तक पहुँच रही है। हाल ही में मेरी कहानी ‘फेमिनिज़म इन इंडिया’ में छपी। पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
औरों के मुक़ाबले, मेरे लिए शायद छोटी सी छोटी चीज़ करना मुश्किल हो पर मैं कमजोर नहीं हूँ। मेरे आस पास की व्यवस्थाएँ कमज़ोर हैं। जो मुझे बार-बार पीछे खींचने की कोशिश करती हैं, पर मैं उम्मीद लिए आगे बढ़ती जाती हूँ। जब पेटीशन पर आप जैसे नेकदिल लोगों का सपोर्ट देखती हूँ तो मुश्किल भले ही वही हो, पर उसे पार करना थोड़ा और आसान बन पाता है। मेरी पेटीशन साइन कर के मेरी आवाज़ को और बुलंद बनाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
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एक बार फिर,
उम्मीद और आभार के साथ,
प्रिया