
नमस्कार साथियों,
मुझे अपनी पहचान साबित करने में सालों लग गए। इसलिए मैंने ये पेटीशन शुरू की थी, इस उम्मीद में कि भविष्य में दिल्ली के किसी भी अनाथ को मेरी तरह उन ‘सही दस्तावेज़ों’ के लिए दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। पेटीशन पर 3400+ लोगों का साथ देखकर, मन में एक विश्वास जगा है कि हाँ, ये बदलाव मुमकिन है। मेरी पेटीशन साइन करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
आपको दीपावली की भी ढेर सारी शुभकामनाएँ। दिवाली के शुभ अवसर पर अगर आप कुछ अलग करना चाहें, तो मिठाइयों के साथ अपने रिश्तेदारों को ये पेटीशन भी ज़रूर भेजें। जितने ज़्यादा लोग इस पेटीशन पर साइन करेंगे, अधिकारियों द्वारा हमें सुने जाने की भी उतनी ही सम्भावना होगी! आपकी ओर से ये छोटा सा कदम, दिल्ली के अनाथ बच्चों के लिए बहुत बड़ा साबित होगा!
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आभार,