सभी टीवी चैनलों पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर दिखाया जाए, मासूमों को शोषण से बचाएं

समस्या

क्या आप जानते हैं कि मासूम बच्चों के शोषण के कई मामलों में अपराधी अंजान लोग नहीं बल्कि परिवार, रिश्तेदार या करीबी लोग होते हैं?

सोचिए कि जिस वक्त हमारा देश लॉकडाउन में था, उस वक्त उन मासूमों पर क्या बीती होगी। ना चाहते हुए भी उन बच्चों को उस व्यक्ति के आसपास रहने के लिए मजबूर होना पड़ा होगा, जो उनका शोषण करते आया होगा।

कोरोना से होने वाले सामाजिक बदलावों में जो सबसे चिंताजनक बात है वो ये कि इसने बच्चों के शोषण को और बढ़ावा दिया है। ज़मीन पर तो बच्चों के साथ अत्याचार हो ही रहा है, इसके साथ ऑनलाइन दुनिया में बच्चों के शोषण के वीडियो भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

मुझे ये लिखते हुए भी दुख हो रहा है कि ऑनलाइन वर्ल्ड में मौजूद बच्चों के शारीरिक शोषण के सबसे ज़्यादा कंटेंट हमारा देश से हैं। बच्चों के शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री का जब एक डाटा बनाया गया तो उसमें भारत नंबर 1 पर था। उस सामग्री में भारत का हिस्सा 11.7% था।

अगर हम मिलकर कोशिश करें तो बच्चों को शोषण से बचा सकते हैं। मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें और भारत के बचपन को बचाएं।

अगर बच्चों को शोषण से बचाना चाहते हैं तो इसके लिए पहला कदम होगा सरकार द्वारा बनाई चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के बारे में बच्चों को शिक्षित करना। सोचिए अगर बच्चे किसी मुसीबत में हों और उन्हें पता हो कि कहाँ फोन करना है, किससे और कैसे मदद मांगनी है तो इससे कितने मासूमों को शोषण से बचाया जा सकता है।

मैंने ये पेटीशन इसीलिए शुरू की है ताकि देश के हर बच्चे के पास 1098 हेल्पलाइन की जानकारी पहुँच सके।

प्लीज़ मेरी पेटीशन साइन करें और मांग करें कि-

1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को टीवी चैनलों, खासकर के कार्टून वाले चैनलों पर दिखाया जाए ताकि बच्चों के साथ-साथ और लोग भी जागरुक हों।

ये पेटीशन सफल हुई तो इससे आपके घर के बच्चे भी सुरक्षित होंगे। आज ही इस पेटीशन को अपने सभी दोस्तों, परिवार के लोगों के साथ शेयर करें।

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Saswat Dasपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 1,16,518 हस्ताक्षर जुट गई

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सोचिए कि जिस वक्त हमारा देश लॉकडाउन में था, उस वक्त उन मासूमों पर क्या बीती होगी। ना चाहते हुए भी उन बच्चों को उस व्यक्ति के आसपास रहने के लिए मजबूर होना पड़ा होगा, जो उनका शोषण करते आया होगा।

कोरोना से होने वाले सामाजिक बदलावों में जो सबसे चिंताजनक बात है वो ये कि इसने बच्चों के शोषण को और बढ़ावा दिया है। ज़मीन पर तो बच्चों के साथ अत्याचार हो ही रहा है, इसके साथ ऑनलाइन दुनिया में बच्चों के शोषण के वीडियो भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

मुझे ये लिखते हुए भी दुख हो रहा है कि ऑनलाइन वर्ल्ड में मौजूद बच्चों के शारीरिक शोषण के सबसे ज़्यादा कंटेंट हमारा देश से हैं। बच्चों के शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री का जब एक डाटा बनाया गया तो उसमें भारत नंबर 1 पर था। उस सामग्री में भारत का हिस्सा 11.7% था।

अगर हम मिलकर कोशिश करें तो बच्चों को शोषण से बचा सकते हैं। मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें और भारत के बचपन को बचाएं।

अगर बच्चों को शोषण से बचाना चाहते हैं तो इसके लिए पहला कदम होगा सरकार द्वारा बनाई चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के बारे में बच्चों को शिक्षित करना। सोचिए अगर बच्चे किसी मुसीबत में हों और उन्हें पता हो कि कहाँ फोन करना है, किससे और कैसे मदद मांगनी है तो इससे कितने मासूमों को शोषण से बचाया जा सकता है।

मैंने ये पेटीशन इसीलिए शुरू की है ताकि देश के हर बच्चे के पास 1098 हेल्पलाइन की जानकारी पहुँच सके।

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1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को टीवी चैनलों, खासकर के कार्टून वाले चैनलों पर दिखाया जाए ताकि बच्चों के साथ-साथ और लोग भी जागरुक हों।

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फैसला लेने वाले

Priyank Kanoongo
Chairperson, National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR)
Shri Prakash Javedkar (Cabinet Minister - Ministry of Information and Broadcasting)
Union Minister - Ministry of Information and Broadcasting
Vivek Tankha
Member of Parliament, Rajya Sabha
Pragya Vats
Head of Campaigns, Save the Children
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