

रीगा चीनी मील बचाओ अभियान : संजय संघर्ष सिंह
समस्या
शिवहर सीतामढ़ी और मोतिहारी जिले में एकमात्र गन्ना मील शेष रह गया है वह भी बड़ी मुश्किल से सांस ले पा रहा है रीगा शुगर कंपनी लिमिटेड
तीन तीन बरसों से किसान का पेमेंट नहीं मिल पा रहा बावजूद इसके एक आशा थी देर सबेर भुगतान हो जाएगा
मिल प्रबंधन का कहना है कि राज्य सरकार की उदासीनता एवं केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग ना मिल पाने के कारण इस सत्र में गन्ना पेराई संभव नहीं है और मिल प्रबंधन पैक अप करने की स्थिति में आ चुका है
मतलब 53 वर्षों से चल रही यह मील अब बंद हो जाएगी जिस पर ढाई सौ करोड़ से ज्यादा किसानों का बकाया है साथ ही क्षेत्र के 50,000 से ज्यादा किसान कास्ट कार एवं मजदूर की जीविका प्रभावित होगी
अतः सरकार से गुजारिश है किसी भी स्थिति में इस मील का सुचारू हो जाना ही क्षेत्र विकास में सहायक है अन्यथा त्राहिमाम की स्थिति होगी
अतः अति शीघ्र इस संदर्भ में प्रयास आवश्यक है सरकार द्वारा ताकि किसानों को उसके भुगतान प्राप्त हो और मील आगे अपना कार्य सुचारू ढंग से कर पाए
मिल प्रबंधन का कहना है सब्सिडी समय से प्राप्त ना होना बेलआउट पैकेज का ना मिलना या फिर लोन का उपलब्ध ना हो पाना तथा संसाधन रहते हुए भी एथेनॉल के प्रोडक्शन के लिए लाइसेंस ना मिल पाना यह सब तमाम कारण है कि मिल बंद कर देना मजबूरी हो गई है
यह पेटीशन आमजन की तरफ से संबंधित सक्षम पदाधिकारियों जनप्रतिनिधियों से निवेदन है मामले की गंभीरता को देखते हुए अति शीघ्र समाधान का प्रयास प्रारंभ हो
आवेदक:
संजय संघर्ष सिंह एवं शिवहर सीतामढ़ी मोतिहारी के कृषक मजदूर एवं आमजन

समस्या
शिवहर सीतामढ़ी और मोतिहारी जिले में एकमात्र गन्ना मील शेष रह गया है वह भी बड़ी मुश्किल से सांस ले पा रहा है रीगा शुगर कंपनी लिमिटेड
तीन तीन बरसों से किसान का पेमेंट नहीं मिल पा रहा बावजूद इसके एक आशा थी देर सबेर भुगतान हो जाएगा
मिल प्रबंधन का कहना है कि राज्य सरकार की उदासीनता एवं केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग ना मिल पाने के कारण इस सत्र में गन्ना पेराई संभव नहीं है और मिल प्रबंधन पैक अप करने की स्थिति में आ चुका है
मतलब 53 वर्षों से चल रही यह मील अब बंद हो जाएगी जिस पर ढाई सौ करोड़ से ज्यादा किसानों का बकाया है साथ ही क्षेत्र के 50,000 से ज्यादा किसान कास्ट कार एवं मजदूर की जीविका प्रभावित होगी
अतः सरकार से गुजारिश है किसी भी स्थिति में इस मील का सुचारू हो जाना ही क्षेत्र विकास में सहायक है अन्यथा त्राहिमाम की स्थिति होगी
अतः अति शीघ्र इस संदर्भ में प्रयास आवश्यक है सरकार द्वारा ताकि किसानों को उसके भुगतान प्राप्त हो और मील आगे अपना कार्य सुचारू ढंग से कर पाए
मिल प्रबंधन का कहना है सब्सिडी समय से प्राप्त ना होना बेलआउट पैकेज का ना मिलना या फिर लोन का उपलब्ध ना हो पाना तथा संसाधन रहते हुए भी एथेनॉल के प्रोडक्शन के लिए लाइसेंस ना मिल पाना यह सब तमाम कारण है कि मिल बंद कर देना मजबूरी हो गई है
यह पेटीशन आमजन की तरफ से संबंधित सक्षम पदाधिकारियों जनप्रतिनिधियों से निवेदन है मामले की गंभीरता को देखते हुए अति शीघ्र समाधान का प्रयास प्रारंभ हो
आवेदक:
संजय संघर्ष सिंह एवं शिवहर सीतामढ़ी मोतिहारी के कृषक मजदूर एवं आमजन

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