फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल से सरहदी गांधी का नाम न हटाएं 

यह पेटीशन 30 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

बहुत दुःख और अफ़सोस की बात है कि फ़रीदाबाद के सिविल अस्पताल से भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान का नाम हटा कर उसे पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जोड़ा जा रहा है।

बादशाह खान अस्पताल के नाम को बदलना दोनों ही भारत रत्नों का अपमान है। वाजपेयी जी जीवित होते तो वो निश्चित ही स्वयं इस फैसले का विरोध करते। वाजपेयी जी का सम्मान तो इसमें होता कि जनता के लिए एक नया और सुविधाओं से लैस अस्पताल बनता जिसको उनके नाम पर रखा जाता।

हमने ये अभियान देश को दो लोकप्रिय भारत रत्नों के सम्मान की रक्षा के लिए शुरू किया है, कृपया इसे घर-घर पहुँचाने में हमारी मदद करें।

भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान उन लोगों में रहे हैं, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई। गोली और बंदूक पसंद करने वालों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया, जिन्ना के दो राष्ट्र सिद्धांत का ज़ोरदार विरोध किया, और भारत की एकता की हमेशा पैरवी की।

पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनवा के लोग, उनकी वजह से ही आज भी अपनी अस्मिता और पाकिस्तान से आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं।

बादशाह खान, सरहदी गांधी जैसे नामों से मशहूर खान साहब ने भारत की स्वतंत्रता के लिए दशकों जेल में काटे, अंग्रेज़ी हुक़ूमत के सारे अत्याचार सहे पर कभी उनके सामने घुटने नहीं टेके।

वह भारत के विभाजन के सबसे मुखर विरोधी थे अंग्रेजों से देश आजाद हो जाने और बंटवारे के बाद भी सरहदी गांधी ने पाकिस्तान में रहकर पख़्तून अल्पसंख़्यकों के हितों की लड़ाई छेड़ दी, जिसके लिए उन्हें पाकिस्तान में भी जेल में डाला गया।

एक ऐसे व्यक्ति जिसने लोगों के हक़ के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों की जेलों में यातनाएं सहीं, जिसको भारत ने देश के सर्वश्रेष्ठ सम्मान ‘भारत रत्न’ से सुशोभित किया हो, उसके नाम को एक अस्पताल से हटाना बेहद दुखद है। ये उनको यातना देने जैसा ही है।

हम आप सबसे अनुरोध करते हैं कि कृपया ये पेटीशन साइन/शेयर करिए और हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से मांग करिए कि सरकार बादशाह खान अस्पताल का नाम बदलने के अपने फैसले को वापस ले।

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PURVANCHAL VIKAS PRATISHTHANपेटीशन स्टार्टर

फैसला लेने वाले

Shri Manohar Lal Khattar
Shri Manohar Lal Khattar
Chief Minister, Haryana

पेटीशन अपडेट