जामिया कैंपस में पुलिस की बर्बरता के खिलाफ़ आवाज़ उठाएं ताकि मामले की जांच हों

पेटीशन बंद हो गई

यह पेटीशन 1,60,017 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

प्यारे देशवासियों,

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली स्थित एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जिसपर 15 दिसंबर, 2019 को दिल्ली पुलिस ने हमला किया। पुलिस ने कैंपस में धुसकर छात्रों पर लाठियां बरसाईं। छात्रों पर टीयरगैस और गोलियां भी चलाई गईं। यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य जगहों पर तोड़फोड़ की गई और उन्हें नुकसान पहुँचाया गया।

पुलिस का ये कदम सीधे-सीधे जामिया के छात्रों के मानवाधिकारों का हनन है। जामिया के छात्र शांतिपुर्ण तरीके से नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे। उन्होंने इस विरोध में सड़कों पर हुई हिंसा से खुद को अलग रखा। उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के बावजूद पुलिस कैंपस में धुस आई और छात्रों पर अटैक किया, जिसकी वजह से कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। एक छात्र ने इस बर्बर कार्रवाई में अपनी एक आँख हमेशा के लिए खो दी। 

जामिया प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि कैंपस में पुलिस को धुसने की अनुमति नहीं दी गई, पुलिस जबरन कैंपस में घुसी। मैं आप सब लोगों से गुहार लगाता हूँ कि इस पेटीशन को साइन कर के जितना हो सके शेयर करें और जामिया में पुलिसिया कार्रवाई की जांच की मांग करें।

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Rahul Kapoorपेटीशन स्टार्टरI am a social worker and I work for humanity.

फैसला लेने वाले

NCW
DCW
HL Dattu

पेटीशन अपडेट