Actualización de la peticiónआदिवासियों संग हसदेव अरण्य बचाने आगे आएं, इस धरती पर जीवन बचाएं।बोलो या ना बोलो "आह" सुनती नहीं सरकारें।

Ashish S. DhurweyJabalpur, India

24 dic 2023
ऐसा जान पड़ रहा है जैसे जंगलों की वजह से ही देश का विकाश रुका हुवा था, इन जंगलों के उजड़ने के बाद चमचमाता हुवा विकास देख पाएंगे हम।
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