Restore Magadh University's Teacher's Summer Vacation

The Issue

मगध विश्वविद्यालय के शिक्षक साथियों,

विदित है कि मगध विश्वविद्यालय की गर्मी की छुट्टियाँ पिछले दिनों एक हफ़्ते घटा दी गयी हैं। इसे पहले 1 जून से 30 जून तक होना था, लेकिन अब यह 23 जून को समाप्त हो जायेगी। इसके पीछे कारण यह बताया गया है कि विश्वविद्यालय को नैक की तैयारियां करनी हैं। पहले इसे मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों पर लागू किया गया फिर कॉलेज के शिक्षकों को भी इसमें शामिल कर लिया गया जिनका इस नैक की "तैयारी" से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है।

साथियों हम जानते हैं कि पूरे वर्ष में यह एक महीने की छुट्टी कितना मायने रखती है, कई लंबित अकादमिक काम (शोध कार्य, रिसर्च पेपर, वर्क शॉप आदि) के अतिरिक्त निजी और पारिवारिक कार्य भी इसी दौरान पूरे किये जाते हैं। ऐसे में मगध विश्वविद्यालय का यह कदम शिक्षक समुदाय को हतोत्साहित करने वाला है।

पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि शिक्षक हितों पर लगातार हमले हुए हैं, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने की कोशिशें हुई हैं, पिछले वर्ष भी गर्मी की छुट्टियां और क्रिसमस की छुट्टियां रद्द कर दी गयी थीं। आज भी स्थिति यह है कि शिक्षकों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में  छुट्टियां रद्द करना शिक्षक समुदाय को प्रताड़ित करने वाला कदम ही है।

यह ऑनलाइन पिटीशन जो कुलाधिपति (सह राज्यपाल) को केंद्रित है और उनसे अपील की गई है कि मगध विश्वविद्यालय की रद्द की गई गर्मी की छुट्टियां पुनः पूर्व रूप में बहाल की जायें। आप शिक्षकों से निवेदन है कि अपने और अपने शिक्षक बंधुओं का साथ देते हुए इस पिटीशन पर ऑनलाइन हस्ताक्षर करें और इसे आगे बढ़ाएं। 

धन्यवाद!

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AAKASH KUMARPetition Starter

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मगध विश्वविद्यालय के शिक्षक साथियों,

विदित है कि मगध विश्वविद्यालय की गर्मी की छुट्टियाँ पिछले दिनों एक हफ़्ते घटा दी गयी हैं। इसे पहले 1 जून से 30 जून तक होना था, लेकिन अब यह 23 जून को समाप्त हो जायेगी। इसके पीछे कारण यह बताया गया है कि विश्वविद्यालय को नैक की तैयारियां करनी हैं। पहले इसे मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों पर लागू किया गया फिर कॉलेज के शिक्षकों को भी इसमें शामिल कर लिया गया जिनका इस नैक की "तैयारी" से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है।

साथियों हम जानते हैं कि पूरे वर्ष में यह एक महीने की छुट्टी कितना मायने रखती है, कई लंबित अकादमिक काम (शोध कार्य, रिसर्च पेपर, वर्क शॉप आदि) के अतिरिक्त निजी और पारिवारिक कार्य भी इसी दौरान पूरे किये जाते हैं। ऐसे में मगध विश्वविद्यालय का यह कदम शिक्षक समुदाय को हतोत्साहित करने वाला है।

पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि शिक्षक हितों पर लगातार हमले हुए हैं, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने की कोशिशें हुई हैं, पिछले वर्ष भी गर्मी की छुट्टियां और क्रिसमस की छुट्टियां रद्द कर दी गयी थीं। आज भी स्थिति यह है कि शिक्षकों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में  छुट्टियां रद्द करना शिक्षक समुदाय को प्रताड़ित करने वाला कदम ही है।

यह ऑनलाइन पिटीशन जो कुलाधिपति (सह राज्यपाल) को केंद्रित है और उनसे अपील की गई है कि मगध विश्वविद्यालय की रद्द की गई गर्मी की छुट्टियां पुनः पूर्व रूप में बहाल की जायें। आप शिक्षकों से निवेदन है कि अपने और अपने शिक्षक बंधुओं का साथ देते हुए इस पिटीशन पर ऑनलाइन हस्ताक्षर करें और इसे आगे बढ़ाएं। 

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