Suspension of Vice Chancellor BHU

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महोदय ,
यह पत्र मै काशी हिन्दू विश्विद्यालय का भूतपूर्व छात्र होने के अधिकार से आपको खेद के साथ ही सूचित करते हुए लिख रहा हूँ की देश के इस अग्रणी विश्विद्यालय में माहौल निरंतर बिगड़ता जा रहा है और विश्विद्यालय गरिमा में निरंतर गिरवाट आती जा रही है | वर्तमान कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने जब से कार्य ग्रहण किया है तब से आये दिन विश्विद्यालय किसी न किसी वजह से नकारात्मक खबरों को लेकर सुर्खियों में रहा है , महोदय संभवतः पूरे भारत के पहले कुलपति होंगे जिन्होंने पुस्तकालय ज्यादा समय तक प्रति दिन खुले रहने की छात्रों की मांग पर उनके खिलाफ कार्यवाही की उनको गैर बुनियादी मुकदमो में फंसाया गया  बाद में उन सभी छात्रों को माननीय उच्त्तम न्ययालय ने ख़ारिज कर छात्रों के हक़ में फैसला सुनाया | मै आपको एक 6 महीने पहले की घटना का स्मरण करवाना चाहूंगा जिसमे 4 छात्राओं ने महिला महाविद्यालय, विश्विद्यालय में असंगत नियमो के विरुद्ध आवाज़ उठायी थी , वह एक सही समय था जब इनको प्रशाशनिक निर्णयों को दुरुस्त करना चाहिए था | दिन प्रति दिन विश्विद्यालय में छात्राओं के प्रति लिंग भेद , उनसे छेड़ छाड़ की घटनाये बढ़ती जा रही हैं और विश्विद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड आँखे बंद किये सब होने दे रहा हैं | हालिया घटना में एक छात्र को तीन लड़को ने उससे बदसलूकी की सुरक्षा अधिकारियो से महज कुछ दुरी पर और छात्र की शिकायत पर उसे कहा गया की आप जाइये या रेप होने का इंतजार करेंगी - ये कौन लोग है जो इतनी कुत्सित मानसिकता लिए मन में विश्विद्यालय में कार्यरत हैं |
इस घटना के बाद से छात्राये अपनी सुरक्षा के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं उनकी मांगे जायज और बेहद आसान है इस सम्बन्ध में उनका प्राथना पत्र इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है मै जान बुझ कर उसको संलग्न नहीं कर रहा हूँ , यदि आप भी इस विषय को लेकर गंभीर होंगे तो स्वतः ही व पत्र प्राप्त कर लेंगे | प्रधानमंत्री महोदय मै आपको बताना चाहूंगा की आपके प्रशासनिक  अमले को इस की जानकरी थी की छात्राये दिन भर प्यासी विश्विद्यालय गेट परप्रदर्शन कर रही हैं और इसको आपसे छुपाने के लिए उन्होंने आपके रुट में बदलाव किया , जब आप दुर्गा कुंड में फव्वारे  का लुत्फ़ उठा रहे  थे और माता की अर्चना कर रहे थे उस वक्त कन्याये अपने हक़ के लिए भूखी प्यासी जूझ रही थी | इस मुद्दे की जानकारी आपके राजनीतिक दल के सहयोगियों को भी थी वो इस मामले पर लगातार सोशल मीडिया में टिपण्णी कर रहे थे  लेकिन चाटुकारिता में उन्होंने आपको सत्य बताने की जहमत नहीं उठायी | 2 दिन के इस प्रदर्शन के बाद भी न तो गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने उनसे मिल के इस मामले को सुलझाना जरुरी समझा न ही कोई अन्य प्रयास किये | इस शांति पूर्ण प्रदर्शन में दिनांक 23 सितम्बर की रात सुरक्षा बालो ने छात्रों छात्राओ पर लाठी चार्ज किया , लड़कियों के हॉस्टल में पुरुष सुरक्षा बल घुसेड़ दिए गए ,आज उनको जबरन हॉस्टल से निकालकर घर भेजा जा रहा है | दमन के चक्र में 1200 छात्रो के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गयी है | 

गिरीश चंद्र त्रिपाठी , एक नकाबिल , गैर जिम्मेदार व्यक्ति हैं जो अपनी प्रशाशनिक असफलता को बल के द्वारा दमन कर छुपाना चाहते हैं , मै आपसे अनुरोध करता हूँ की आप इस का संज्ञान ले और विश्विद्यालय में छात्राओं को भी सुरक्षा और बराबर सुविधाओं का हक़ दिलवाये साथ ही सतह विश्वविद्यालय में पूर्ववत अध्यन अध्यापन का माहौल सुनिश्चित करवाएं | 

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