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#Tcp7 : pls vote at 

Tcp – Transparent Complaining Procedure

टी सी पी - पारदर्शी शिकायत प्रणाली

( हिंदी अनुवाद अंग्रेजी ड्राफ्ट  बाद दिया है )


[ comments are not part of the law-draft and are not binding on any ministers, officer judge etc and may serve as guideline to voters, activists and Jurors.]

[ comment-01 -- CAMPAIGN STEPS  : a public request to all voters and activists is --- if you support this law-draft and if you wish PM to print this law-draft, then you are requested to take  following CAMPAIGN STEPS

(1) Please vote at . using your mobile phone . is a central govt website meant for opinion gathering, in a way that PMO can know actual real voter supporter count.

(2) Please tweet “@PmoIndia #Tcp7 ”

(3) Please also send postcard to Prime Minister, New Delhi - 110001 with words ‘ #Tcp7 ’  and also write your voter number, name, address. Signature is not necessary. You may or need not write additional message.  For crores of voters, who have no twitter / internet, and don’t know how to use OTP etc, postcard is the ONLY way to communicate to PmoIndia. And so ALL voters and activists are requested to send postcard with above message to print TCP7-law-draft.

(4) Pls make a video asking all friends to take above 3 steps and share the video on whatsapp. And using fb/whatsapp, pls ask all to take above 3 steps. Please also vote at

if over 50 crore voters take one of the above 3 steps, then chances that PM will print the law in Gazette increases. ]

[ comment-02 : This Tcp7 law-draft can be printed by PM as Gazette Notification. No permission of Loksabha or Rajyasabha is needed. ]

[ comment-03 : This draft has 2 parts -

     Part - I  : Basic instructions for citizens

     Part - II : Instructions for Citizens, Officers and comments

Important clauses are – (1a) , (1c) , (2a) , (2b) ,  (3) ]


Part - I : Basic instructions for citizens


(1) (1a) After this law is enacted, you (word “you” means - any registered voter of India) can go to Clerk in your District Collector’s office, and you may give your affidavit to the Clerk.

(1b) The affidavit can be complaint or RTI application or law you propose or remedial action demanded.

(1c) The Clerk will scan and upload your affidavit on PM’s website in a way anyone in world, who wants to see, may see.

(1d) The Clerk will also give you the serial number of your affidavit. The fee you will need to pay will be Rs 20 per page.

(2) (2a) You (i.e. registered voter) may go to your Talati office (Talati = Patwari or Village Officer), and give him complaint number (of a complaint filed by anyone in clause-1), and mention whether you want to add YES or NO on that complaint.


 (2b) Anyone will be able to see to see your YES / NO along with your name and voter-id on PM’s website. And you will be able to see YES / NO of any voter across India along with his name and his voter-id on PM’s website.

(2c) And you may change YES / NO filed any day any number of times.

(2d) The fee for above two steps will be Re1 for BPL card holder and will be Rs 3 for others.

(3) Important information for all : the YES-NO count will NOT be binding on PM or any Minister or any officer or any court. However, if over 45 crore voters of India say YES on an affidavit, then PM may or need not execute the actions mentioned in the affidavit or PM may or need not resign. The decision of PM will be final.

(4) For giving affidavit, in clause-1, the Collector may require you to bring your voter-ids, aadhar card and may also require you bring zero or upto five witnesses who personally know you. The Clerk may take your picture and your finger print. You will not be allowed to remove the affidavit you have once put. And except court order, no officer will be allowed to remove your affidavit. And you are hereby told – a court may punish you for any false information given or any false defamatory statements in the affidavit.

 (5) You need not register YES / NO on all affidavits filed across India. It will be your choice which affidavits do you want to consider and which affidavits you wish ignore. And whether you want to file YES or NO. There will no punishment for filing YES / NO on any affidavit, even if affidavit has false or defamatory statements.

(6) You may submit your cell phone number to Clerk incharge of maintaining voterlist. The phone must be in your name or in name or in the name of your close family member. If you do, then whenever you give an affidavit (as in clause-1) or give a YES-NO (as in clause-2), you will get a feedback SMS. It will be similar to SMS one gets after withdrawing cash from ATM. And if anyone else is wrongly giving an affidavit in your name or wrongly giving YES-NO in your name, then also you will get an SMS. In such case, you may give complaint to police

(7) You may get a magnetic card as voter card (similar to an ATM card). And Talati’s office may have ATM like machine where you can enter affidavit number and specify your YES/NO. You may use this facility when available. The charge will be Re 1 per YES / NO filing or changing

(8) The Collector may create a system whereby you can submit YES / NO on affidavit via SMS or an APP.  When that happens, you may register YES / NO on an affidavit via SMS or APP. Collector will decide the charges.


Part - II :  Instructions for offices


 (9) comment :The comments are not part of actual code of this legislation draft. The activists and voters may use comments to understand the draft. But the comments are NOT binding on anyone. .

(10) The Secretary, incharge of NIC is instructed to create necessary website and code by which above clauses can be implemented by Collector, Talati etc.

(11) comment to CM, Mayor, District / Tahsil / Gram Sarpanchs : you may pass law / resolution by making changes (eg replacing word PM by CM or Mayor etc and other necessary changes) and make such TCP applicable at State / City / District / Sarpanch / Gram level.

----------- end of  Tcp law-draft  ---------------------------


टी सी पी - पारदर्शी शिकायत प्रणाली


[ टिप्पणियां इस क़ानून ड्राफ्ट का हिस्सा नहीं है , तथा ये टिप्पणियां मंत्रियो , अधिकारियो , जजों आदि पर बाध्यकारी नहीं है। इन टिप्पणियों का उपयोग मतदाता , कार्यकर्ता एवं ज्यूरी सदस्य अबाध्यकारी निर्देशों कि तरह कर सकते है ]

[ टिपण्णी - 01 : देश भर के सभी कार्यकर्ताओ एवं मतदाताओ से आग्रह है कि -- यदि आप इस Tcp7 क़ानून ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो इस क़ानून ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित करने कि सम्भावना बढाने के लिए निचे दिए गए चरणों का पालन करें।

(1) कृपया अपने फोन का इस्तेमाल करते हुए पर वोट करें। केंद्र सरकार की वेबसाईट है जिस पर नागरिक प्रधानमंत्री के समक्ष अपना सुझाव रख सकते है, रखे गए सुझावों पर .वोट कर सकते है . तथा प्रधानमंत्री यह पता लगा सकते है कि कितने वास्तविक मतदाताओ ने किसी सुझाव को समर्थन दिया है। 

(2) कृपया अपने ट्विटर एकाउंट से यह ट्विट भेजें --  “@PmoIndia #Tcp7 “

(3) कृपया "प्रधानमंत्री कार्यालय , नई दिल्ली - 110001" पते पर एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर ‘ #Tcp7’ लिखें। और अपना नाम , मतदाता पहचान संख्या, पता लिखें। पोस्टकार्ड पर आप इसके अतिरिक्त अन्य कोई सन्देश लिखना चाहे तो भी लिख सकते है। हस्ताक्षर आवश्यकता नहीं. जिन करोड़ो नागरिको के पास स्मार्ट फोन एवं इंटरनेट नहीं है , उनके पास प्रधानमंत्री के सामने अपनी मांग रखने का एक मात्र तरीका यह है कि वे पोस्टकार्ड भेजें। अत: सभी नागरिको को अपनी मांग पीएम के सम्मुख रखने के लिए पोस्टकार्ड भेजना चाहिए। 

(4) कृपया अन्य नागरिको को भी उपरोक्त 3 चरणों के बारे में सूचना देने के लिए एक वीडियो बनाये एवं इसे फेसबुक/व्हाट्स एप आदि पर शेयर करें। कृपया पर भी वोट करें।

(5) यदि 50 करोड़ मतदाता उपरोक्त दिए गए तीन चरणों में से कोई एक चरण का भी पालन करते है तो यह सम्भावना बढ़ जायेगी कि प्रधानमंत्री इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित कर दें। ]

[ टिपण्णी – 02 : यह कानून ड्राफ्ट भारतीय राजपत्र में छापकर प्रधानमंत्री द्वारा सीधे लागू किया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा या राज्यसभा से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। ]

[ टिप्पणी – 03 : यह कानूनी ड्राफ्ट राजपत्र अधिसूचना के रूप में प्रधानमंत्री द्वारा सीधे गेजेट में प्रकाशित किया जा सकता है। इसे लागू करने के लिए लोकसभा या राज्यसभा की अनुमति आवश्यक नहीं है।  ]

इस ड्राफ्ट के 2 भाग हैं -

भाग -1 : नागरिकों के लिए सामान्य निर्देश

भाग -2 : नागरिकों और अधिकारीयों के लिए निर्देश और टिप्पणियाँ

इस कानून की महत्वपूर्ण धाराएं है - (1a), (1c), (2a), (2b), (3) ]


भाग - I : नागरिकों के लिए सामान्य निर्देश


1 (1a) यह कानून लागू होने के बाद, आप ( "आप" अर्थात - भारत का कोई भी पंजीकृत मतदाता ) अपने ज़िला कलेक्टर कार्यालय में जाकर अपना कोई भी एफिडेविट क्लर्क को जमा करवा सकते है।

(1b) यह एफिडेविट कोई शिकायत या आरटीआई आवेदन या आपके द्वारा प्रस्तावित कानून या अन्य कोई याचनात्मक समाधान हो सकता है।

(1c) क्लर्क आपके एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर इस तरह अपलोड करेगा कि पूरी दुनिया में जो कोई भी व्यक्ति इसे देखना चाहे वह इसे देख सके।

(1d) क्लर्क आपके एफिडेविट का सीरियल नंबर भी जारी करेगा। इस एफिडेविट को फ़ाइल करने के लिए आप 20 रु.प्रति पेज की दर से शुल्क अदा करेंगे। 

2 (2a) आप ( अर्थात पंजीकृत मतदाता ) किसी भी कार्य दिवस पर अपने तलाटी ( तलाटी = पटवारी = ग्रामीण अधिकारी ) कार्यालय जा सकते है, और उसे एफिडेविट नंबर ( धारा -1 में किसी के द्वारा दर्ज किया गया एफिडेविट ) का उल्लेख करके अमुक एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करवा सकते है।

(2b) आपके द्वारा दर्ज की गयी हाँ / ना , आपका नाम एवं मतदाता संख्या प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर दृश्यमान  होगी। साथ ही आप भी किसी भी व्यक्ति द्वारा दर्ज की गयी हाँ / ना तथा उसका नाम मतदाता संख्या आदि पीएम की वेबसाइट पर देख सकेंगे।

(2c) आप किसी एफिडेविट पर दर्ज की गयी अपनी हाँ / ना को किसी भी दिन कितनी भी बार बदल भी सकते है।

(2d) किसी एफिडेविट पर हाँ / नहीं दर्ज करने या उसे बदलने के लिए आपको शुल्क देना होगा। बीपीएल कार्ड धारकों के लिए यह शुल्क 1 रु. तथा अन्य नागरिको के लिए यह 3 रु. होगा।

(3) सभी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी : किसी एफिडेविट पर दर्ज की करायी गयी हाँ / ना की यह गिनती प्रधानमंत्री या किसी मंत्री या किसी अधिकारी या किसी अदालत पर बाध्यकारी नहीं होगी। फिर भी, यदि भारत के 45 करोड़ से अधिक मतदाता किसी एफिडेविट पर हाँ दर्ज करवा देते है तो प्रधानमंत्री एफिडेविट में दर्ज किये गए कार्यों की पालना के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकते है, या उन्हें ऐसा करने की जरूरत नही है। या प्रधानमंत्री चाहे तो अपना इस्तीफ़ा भी दे सकते है या उन्हें ऐसा करने की जरूरत नही है। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री का निर्णय अंतिम होगा।

(4) धारा -1 में एफिडेविट देने के लिए कलेक्टर आपसे आपका मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड लाने के लिए कह सकता है और आपसे शून्य से लेकर पांच गवाह तक, जो कि आपको निजी रूप से जानते हो, लाने के लिए भी कह सकता है। क्लर्क आपकी फोटो और फिंगरप्रिंट भी ले सकता है। यदि आप एक बार एफिडेविट फ़ाइल कर देते है तो बाद में आप उसे हटा नहीं सकेंगे। अदालत के आदेश को छोड़कर किसी भी अधिकारी को आपके एफिडेविट को हटाने की अनुमति नहीं होगी। और साथ ही आपको इस बारे में भी सूचित किया जाता है कि -- कोई अदालत आपको एफिडेविट में अनुचित जानकारी देने के लिए या किसी भी अनुचित मानहानिकारक ( या निन्दात्मक ) कथन के लिए सजा दे सकती है।

(5) आपको भारत भर में दर्ज सभी एफिडेविटो पर हाँ / ना दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है। ये आपकी पसंद पर निर्भर है कि आप किस एफिडेविट पर विचार करना चाहते और किस एफिडेविट को नकारना चाहते है। जिस भी एफिडेविट पर आप हाँ / ना दर्ज करना चाहते है, उन पर अपनी राय दर्ज करवा सकते है। किसी भी एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करने पर आपको कोई भी सजा नहीं होगी, तब भी जबकि अमुक एफिडेविट में कोई अनुचित या निन्दात्मक कथन है।

(6) आप अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची का रखरखाव करने वाले क्लर्क को दर्ज करवा सकते है। अमुक फ़ोन नंबर आपके नाम पर या आपके नजदीकी पारिवारिक सदस्य के नाम पर होना चाहिए। यदि आप अपना मोबाईल नंबर दर्ज करवाते है तो जब भी आप कोई एफिडेविट फ़ाइल करेंगे या किसी एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करेंगे तो आपको फीडबैक के लिए एक एस एम एस प्राप्त होगा। यह एस एम एस उसी तरह का होगा जैसा एटीएम आदि से नकदी निकालने पर खाताधारक को प्राप्त होता है। और यदि कोई अन्य व्यक्ति छल द्वारा आपके नाम पर एफिडेविट फ़ाइल करने का प्रयास कर रहा है या आपके नाम से हाँ / ना दर्ज करवा रहा है तब भी आपको ऐसा एस एम एस प्राप्त होगा। इस स्थिति में आप पुलिस में शिकायत कर सकते है।

(7) आपको वोटर कार्ड जैसा एक मैगनेटिक कार्ड ( एटीएम कार्ड के समान ) भी दिया जा सकता है, और तलाटी कार्यालय के पास एटीएम जैसी मशीन भी लगवायी जा सकती है, ताकि आप मशीन में किसी एफिडेविट का नंबर डाल कर उस पर अपनी हाँ / ना दर्ज कर सके। उपलब्ध होने पर आप इस सुविधा का उपयोग कर सकते है। इस सिस्टम में प्रत्येक हाँ / ना दर्ज करने या बदलने पर आपको 1 रू शुल्क चुकाना होगा। 

(8) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम बना सकते है जिससे आप अपनी हाँ / ना एस एम एस या किसी एप्प के माध्यम से दर्ज कर सकते है। यदि आप किसी एफिडेविट पर हाँ / ना एस एम एस या एप्प के माध्यम से दर्ज करते है तो इसके लिए शुल्क का निर्धारण कलेक्टर करेगा। 


भाग-II: अधिकारीयों के लिए निर्देश


(9) टिप्पणी : टिप्पणीयां इस कानूनी ड्राफ्ट का वास्तविक हिस्सा नहीं है। कार्यकर्ता और नागरिक ड्राफ्ट को समझने हेतु इसका उपयोग कर सकते है। किन्तु ये टिप्पणीयां किसी पर भी बाध्यकारी नहीं है।

(10) नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) के प्रभारी सचिव को आदेश जारी किये जाते है कि वे ऐसी आवश्यक वेबसाइट आदि की रचना करे जिससे कलेक्टर, पटवारी आदि ऊपर दी गयी धाराओं में दर्ज प्रक्रिया को लागू कर सके। 

(11) मुख्यमंत्री, मेयर, जिला / तहसील / ग्राम सरपंचों के लिए टिप्पणी : आप इस कानून में वांछित बदलाव करके ( जैसे प्रधानमंत्री शब्द को मुख्यमंत्री या मेयर आदि से बदलकर और अन्य आवश्यक परिवर्तन करके ) पारित कर सकते है, एवं राज्य / नगर / जिला / तहसील / ग्राम स्तर पर ऐसा टी सी पी क़ानून लागू कर सकते है।

=========टीसीपी क़ानून ड्राफ्ट की समाप्ति========

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