

Rights & Justice for our mother father as senior citizen and female.
समस्या
प्रिय देशवासियों,
आज हमारा समाज और देश ऐसे समय से गुजर रहा है जंहा किसी महिला या कहे की सिर्फ बहु द्वारा लगाए गए किसी भी आरोप से पति के साथ साथ उसके घर के बुर्जुर्ग सदस्यो को बिना किसी साक्ष्य के ही लंबे समय तक कानून को हथियार जैसे प्रयोग कर प्रताड़ित किया जाता है, सभी इन बातो को समझते है तो है पर विरोध करने में डरते है, इसी सम्बन्ध में मेने महिला एवं बाल विकाश मंत्रालय से आर. टी. आई. के माध्यम से ८ प्रश्न पूछे थे , जिसका कोई प्रति उत्तर नहीं मिलने पर माननीय प्रधान मंत्री जी को ऑनलाइन तथा पोस्ट के माध्यम से इस विषय पर परिचित भी कराया है ।
मित्रो,
नीचे दिए गए प्रश्न हमारे देश की एक बहुत ही गंभीर कानूनी समस्या है जिसका समाधान हमारी जानकारी में किसी भी कानून में नहीं आता तथा महिला एवं बाल विकाश मंत्रालय भी इस प्रश्न का कोई उत्तर या समाधान देने में असमर्थ प्रतीत हो रहे है, अतः इस दिशा में किसी ठोस तथा प्रभावी कानून की इस समय देश की जरुरत बन गई है, आप सभी से निवेदन है की नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए कानून बनाने हेतु यदि सहमत है तो इस पेटिशन को साइन करे, तथा इसे अपने मित्रों तक भी जरूर पहुचाये।
विषय : भारतीय बुजुर्गों की दुर्दशा और पीड़ित भारतीय बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए मौजूदा कानून व सरकार द्वारा सुरक्षा व दशा सुधारने किये गए प्रयास तथा बनाए गए कानून की जानकारी के संदर्भ में ।
1) टूटते बिखरते भारतीय परिवारों तथा भारतीय संस्कृति को बचाए रखने के लिए सरकार/विभाग ने पिछले १० सालो में क्या कदम उठाए है, कृपया इसकी जानकारी/रिपोर्ट देने का कष्ट करें।।
2) कितने भारतीय माता / पिता अपने घर से अलग कर दिए गए है या अलग रहने पर मजबूर है तथा इसके क्या कारण है, कृपया जानकारी देने का कष्ट करे। सरकार/विभाग ने इस संधर्भ में जानकारी हासिल करने हेतु क्या-क्या प्रयास किये है उनका विवरण भी दे।
3) बिंदु क्र.-२ के संधर्भ से: इस समस्या का मूल कारण पता करने के लिए सरकार/विभाग व अन्य जबाबदार संस्थाओं ने क्या प्रयास किये, कृपया इसका विवरण देने का कष्ट करे।
4) यदि बुजुर्ग माता/पिता को घर से बाहर निकलने या निकलने के लिए मज़बूर करने पर, उनकी सुरक्षा के लिए क्या क़ानूनी प्रावधान है।
5) जब घर की बहू ही माता/पिता को बेघर करने पर मजबूर कर दे तथा बुजुर्ग माता/पिता को प्रताड़ित करे इस परिस्तिथि में परिजनों की सुरक्षा हेतु तथा ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाली बहु (तथा इस कृत्य में उसका साथ देने वाले लोगो) के खिलाफ कार्यवाही हेतु भारत में क्या कानूनी प्रावधान है।
6) महिलाओं की सुरक्षा हेतु कानून "DV Act-2005" परिवार की माँ / बहनों को भी सुरक्षा प्रदान की गई है या नहीं।
A) यदि नहीं तो इनकी सुरक्षा हेतु सरकार ने क्या कानून या कदम उठाए है।
B) यदि हाँ तो कितने प्रतिशत माता/बहने इस कानून का प्रयोग कर पाती है तथा इसमें पुलिस व प्रशासन उनकी कितनी मदद करते करते है।
7) दहेज प्रताड़ना के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर अपनी मनमानी करने व परिवार को अपने अधीन रहने पर मजबूर कर देने वाली बहुओं तथा उनके इस कृत्य सहयोगियों से पीड़ित परिवार की सुरक्षा हेतु क्या क़ानूनी प्रावधान है। इन क्रूर व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय कानून कैसे सहयता करता है, कृपिया कर उन धाराओं का वर्णन करे।
8) जिन प्रकरणों में बहुओं व परिवार द्वारा दहेज / प्रताड़ना के आरोप झूटे साबित होते है, जिनमे एक साधारण निर्दोष परिवार जो कोई अपराधी नहीं है लगभग 0२-१२ वर्षो तक पीड़ित रहता है व पूरी तरह बर्बाद हो जाता है, झूटे आरोप लगने वाली महिलाओं व उनके क्रूर परिवारजनों के खिलाफ क्या कानून है व इस क्रूर अपराध ( जिसमे एक पूरा का पूरा परिवार नष्ट हो जाता है ) पीड़ित कानून के तहत क्या कार्यवाही कर सकता है तथा पुलिस व प्रशासन उसे कैसे मदद करते है।
नोट:
1) बिंदु क्र. ८ के सन्दर्भ से : गंभीर झूठे आरोप लगाकर, परिवार को मजबूर कर देना, एक बहुत ही गम्भीर अपराध है जिसमे एक पूरे परिवार का मानसिक व सामाजिक बलात्कार होता है तथा पूरा परिवार ही नष्ट हो जाता है, बुजुर्ग दंपत्ति इस प्रतारणा से अपने प्राण तक त्याग देते है, विवाहित पुरुषों की आत्महत्या का आंकड़ा सबसे अधिक है (प्रति ८ मिनट में एक पुरुष) , किन्तु इस ओर सरकार ने कोई कदम तक नहीं उठाया है, कृपया इस विषय पर मांगी गई जानकारी देने का कष्ट करे तथा अपना ध्यान इस तरफ भी केंद्रित करे।
2) ये सभी प्रश्न आर. टी. आई. में पूछे गए थे जिन्हें एक कानूनी समस्या बता कर इन उत्तर नहीं दिए गए, इस कारण हम इन समस्यायों के लिए कानून बनाने की मांग करते है।
3) क्या हमारी माता बहने स्त्री नहीं है ?.......... क्या हमारे बुजुर्ग पिता इंसान नहीं है ?.........क्या हमारे देश की सरकार हर उस पुरुष को जिससे किसी महिला के मतभेद हो, अपराधी मानती है ?...............क्या हर महिला जो आरोप लगाती है वो सरकार की नज़र में पहले पहले से ही अबला तथा निर्दोष है ?........क्या देश के कानून पर समान रूप से सभी का अधिकार नहीं होना चाहिए ?
ऐसे अनेक प्रश्नों के उत्तर किसी के पास नहीं है, कृपया कर इस पेटिशन को sign कर इस सन्दर्भ में कानून बनाने की मांग को पीएमओ तक पहुचने का सहयोग करे।
धन्यवाद ! जय माँ भारती ! जय हिन्द
समस्या
प्रिय देशवासियों,
आज हमारा समाज और देश ऐसे समय से गुजर रहा है जंहा किसी महिला या कहे की सिर्फ बहु द्वारा लगाए गए किसी भी आरोप से पति के साथ साथ उसके घर के बुर्जुर्ग सदस्यो को बिना किसी साक्ष्य के ही लंबे समय तक कानून को हथियार जैसे प्रयोग कर प्रताड़ित किया जाता है, सभी इन बातो को समझते है तो है पर विरोध करने में डरते है, इसी सम्बन्ध में मेने महिला एवं बाल विकाश मंत्रालय से आर. टी. आई. के माध्यम से ८ प्रश्न पूछे थे , जिसका कोई प्रति उत्तर नहीं मिलने पर माननीय प्रधान मंत्री जी को ऑनलाइन तथा पोस्ट के माध्यम से इस विषय पर परिचित भी कराया है ।
मित्रो,
नीचे दिए गए प्रश्न हमारे देश की एक बहुत ही गंभीर कानूनी समस्या है जिसका समाधान हमारी जानकारी में किसी भी कानून में नहीं आता तथा महिला एवं बाल विकाश मंत्रालय भी इस प्रश्न का कोई उत्तर या समाधान देने में असमर्थ प्रतीत हो रहे है, अतः इस दिशा में किसी ठोस तथा प्रभावी कानून की इस समय देश की जरुरत बन गई है, आप सभी से निवेदन है की नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए कानून बनाने हेतु यदि सहमत है तो इस पेटिशन को साइन करे, तथा इसे अपने मित्रों तक भी जरूर पहुचाये।
विषय : भारतीय बुजुर्गों की दुर्दशा और पीड़ित भारतीय बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए मौजूदा कानून व सरकार द्वारा सुरक्षा व दशा सुधारने किये गए प्रयास तथा बनाए गए कानून की जानकारी के संदर्भ में ।
1) टूटते बिखरते भारतीय परिवारों तथा भारतीय संस्कृति को बचाए रखने के लिए सरकार/विभाग ने पिछले १० सालो में क्या कदम उठाए है, कृपया इसकी जानकारी/रिपोर्ट देने का कष्ट करें।।
2) कितने भारतीय माता / पिता अपने घर से अलग कर दिए गए है या अलग रहने पर मजबूर है तथा इसके क्या कारण है, कृपया जानकारी देने का कष्ट करे। सरकार/विभाग ने इस संधर्भ में जानकारी हासिल करने हेतु क्या-क्या प्रयास किये है उनका विवरण भी दे।
3) बिंदु क्र.-२ के संधर्भ से: इस समस्या का मूल कारण पता करने के लिए सरकार/विभाग व अन्य जबाबदार संस्थाओं ने क्या प्रयास किये, कृपया इसका विवरण देने का कष्ट करे।
4) यदि बुजुर्ग माता/पिता को घर से बाहर निकलने या निकलने के लिए मज़बूर करने पर, उनकी सुरक्षा के लिए क्या क़ानूनी प्रावधान है।
5) जब घर की बहू ही माता/पिता को बेघर करने पर मजबूर कर दे तथा बुजुर्ग माता/पिता को प्रताड़ित करे इस परिस्तिथि में परिजनों की सुरक्षा हेतु तथा ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाली बहु (तथा इस कृत्य में उसका साथ देने वाले लोगो) के खिलाफ कार्यवाही हेतु भारत में क्या कानूनी प्रावधान है।
6) महिलाओं की सुरक्षा हेतु कानून "DV Act-2005" परिवार की माँ / बहनों को भी सुरक्षा प्रदान की गई है या नहीं।
A) यदि नहीं तो इनकी सुरक्षा हेतु सरकार ने क्या कानून या कदम उठाए है।
B) यदि हाँ तो कितने प्रतिशत माता/बहने इस कानून का प्रयोग कर पाती है तथा इसमें पुलिस व प्रशासन उनकी कितनी मदद करते करते है।
7) दहेज प्रताड़ना के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर अपनी मनमानी करने व परिवार को अपने अधीन रहने पर मजबूर कर देने वाली बहुओं तथा उनके इस कृत्य सहयोगियों से पीड़ित परिवार की सुरक्षा हेतु क्या क़ानूनी प्रावधान है। इन क्रूर व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय कानून कैसे सहयता करता है, कृपिया कर उन धाराओं का वर्णन करे।
8) जिन प्रकरणों में बहुओं व परिवार द्वारा दहेज / प्रताड़ना के आरोप झूटे साबित होते है, जिनमे एक साधारण निर्दोष परिवार जो कोई अपराधी नहीं है लगभग 0२-१२ वर्षो तक पीड़ित रहता है व पूरी तरह बर्बाद हो जाता है, झूटे आरोप लगने वाली महिलाओं व उनके क्रूर परिवारजनों के खिलाफ क्या कानून है व इस क्रूर अपराध ( जिसमे एक पूरा का पूरा परिवार नष्ट हो जाता है ) पीड़ित कानून के तहत क्या कार्यवाही कर सकता है तथा पुलिस व प्रशासन उसे कैसे मदद करते है।
नोट:
1) बिंदु क्र. ८ के सन्दर्भ से : गंभीर झूठे आरोप लगाकर, परिवार को मजबूर कर देना, एक बहुत ही गम्भीर अपराध है जिसमे एक पूरे परिवार का मानसिक व सामाजिक बलात्कार होता है तथा पूरा परिवार ही नष्ट हो जाता है, बुजुर्ग दंपत्ति इस प्रतारणा से अपने प्राण तक त्याग देते है, विवाहित पुरुषों की आत्महत्या का आंकड़ा सबसे अधिक है (प्रति ८ मिनट में एक पुरुष) , किन्तु इस ओर सरकार ने कोई कदम तक नहीं उठाया है, कृपया इस विषय पर मांगी गई जानकारी देने का कष्ट करे तथा अपना ध्यान इस तरफ भी केंद्रित करे।
2) ये सभी प्रश्न आर. टी. आई. में पूछे गए थे जिन्हें एक कानूनी समस्या बता कर इन उत्तर नहीं दिए गए, इस कारण हम इन समस्यायों के लिए कानून बनाने की मांग करते है।
3) क्या हमारी माता बहने स्त्री नहीं है ?.......... क्या हमारे बुजुर्ग पिता इंसान नहीं है ?.........क्या हमारे देश की सरकार हर उस पुरुष को जिससे किसी महिला के मतभेद हो, अपराधी मानती है ?...............क्या हर महिला जो आरोप लगाती है वो सरकार की नज़र में पहले पहले से ही अबला तथा निर्दोष है ?........क्या देश के कानून पर समान रूप से सभी का अधिकार नहीं होना चाहिए ?
ऐसे अनेक प्रश्नों के उत्तर किसी के पास नहीं है, कृपया कर इस पेटिशन को sign कर इस सन्दर्भ में कानून बनाने की मांग को पीएमओ तक पहुचने का सहयोग करे।
धन्यवाद ! जय माँ भारती ! जय हिन्द
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4 सितंबर 2016 पर पेटीशन बनाई गई