Petition updatePlea to The President of India!!!पूर्व अर्धसैनिकों एवं वीरांगनाओं में तुगलकी फरमान को लेकर आक्रोश। राष्ट्रपति भवन तक कूच की मनाही
Ranbir SinghDelhi, India
May 8, 2026

महामहिम राष्ट्रपति जी दिनांक  6 मई 2026 को पूर्व अर्धसैनिकों जिसमें सिपाही हवलदार इंस्पेक्टर, कमांडेंट डीआईजी, आईजी, एडीजी रैंक  के पूर्व आधिकारियों उनके परिजनों, वीरांगनाओं व शहीद परिवारों द्वारा शांतिपूर्ण धरने प्रदर्शन के बाद हमें दिल्ली पुलिस प्रशासन द्वारा राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर आपको ज्ञापन सौंपा जाना था जिसकी सूचना राष्ट्रपति सचिवालय व आपके प्राइवेट सेक्रेटरी को समय से पहले दी जा चुकी थी लेकिन हमें पुलिस प्रशासन द्वारा कूच करने की इजाजत नहीं दी गई जबकि हमारी एसोसिएशन द्वारा दिनांक 15 अप्रैल 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी सेवा तीर्थ कार्यालय, माननीय गृह मंत्री जी कर्त्तव्य भवन व माननीय कमिश्नर दिल्ली पुलिस कार्यालय को नोटिस सौंपा गया था। दुसरा ये कि जानकार सूत्रों व सोशल मीडिया में खबर फैलाई गई जो सर्विंग जवानों व अधिकारियों के बीवी बच्चे व परिवार अगर धरना प्रदर्शन में भाग लेंगे तो उनके पतियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी यहां तक डिसमिस किया जा सकता है जिसके कारण सैकड़ों जवानों के परिवार काले कानून वापसी व पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन में शामिल नहीं हो पाए। ये तो सरासर मानव अधिकारों का उल्लंघन है। जवानों व अधिकारियों के परिवारों में इस गैरज़िम्मेदाराना फरमान/खबर से काफी रोष व्याप्त है। काफी दुख कहना पड़ रहा है कि ये अकेले पैरामिलिट्री वीरांगनाओं की पीड़ा नहीं है… यह उन सभी वीरांगनाओं की वेदना है, जिनके पति देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान, साहस और सेवा देने वाले CAPF के राष्ट्रनायक हैं। आज स्थिति यह है कि उन्हें अपनी पीड़ा कहने का अधिकार तक नहीं दिया जा रहा। यहाँ तक कि काले कानून “CAPF General Administration Bill 2026” के विरुद्ध शांतिपूर्ण विरोध करने पर भी उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि वे बोलीं, तो उनके पतियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थिति इतनी भयावह है कि कई वीरांगनाएँ डर के कारण मास्क पहनकर अपनी बात कहने को मजबूर हैं, ताकि उनकी पहचान न हो सके और सरकार उनके पतियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करे। क्या देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले परिवारों को इतना भी अधिकार नहीं कि वे अपनी बात कह सकें? क्या तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर महामहिम महिला राष्ट्रपति जी आप के सर्वोच्च पद पर विराजमान के चलते क्या वीरांगनाओं की आवाज़ भी दबा दी जाएगी? आप CAPF की वीरांगनाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान निभा सकती हैं। क्या सरकार देश को बताएगी कि आखिर ये धमकी देने वाला कौन है और उसके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है? जब राष्ट्रनायकों के परिवार भय में जीने लगें, तो यह केवल एक परिवार का नहीं, पूरे राष्ट्र के आत्मसम्मान का प्रश्न बन जाता है। महाहिम राष्ट्रपति जी भविष्य में कोई इस प्रकार का झूठा तुगलकी फरमान सोशल मीडिया में ना फैलाया जाए ऐसी हम गुजारिश करते हैं।
रणबीर सिंह
महासचिव

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