Обновление к петицииनई पेंशन योजना (NPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दुबारा लागू किया जाएपेंशन खैरात नहीं देश के विकास में योगदान का हिस्सा है न्यू पेंशन स्कीम म्यूचल फंड योजना की शव यात्रा
Surender SinghJaipur, Индия
20 авг. 2019 г.

आज दिनांक 5 अगस्त 2019 को न्यू पेंशन स्कीम एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रांत व्यापी आह्वान पर नागौर जिले में सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों ने न्यू पेंशन स्कीम म्यूचल फंड योजना की धूमधाम से शहर के नेहरू पार्क से शव यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट चौराहे पर न्यू पेंशन स्कीम म्यूचल फंड योजना के पुतले का अंतिम संस्कार किया गया.2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों का कहना है कि NPS नामक म्यूच्यूअल फंड योजना उन पर जबरन थोपी गई है और उन्हें उनके हक पुरानी पेंशन से वंचित कर दिया गया है. सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए और नई पेंशन योजना को लेकर अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए नागौर सहित प्रदेशभर के पेंशन विहीन कर्मचारीयों ने हर जिले में एनपीएस की शव यात्रा निकालकर उसके पुतले का दाह संस्कार किया.
इस शव यात्रा मैं एनपीएस म्यूचल फंड योजना की अर्थी को विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ कर्मचारियों ने बारी-बारी से कंधा दिया.
प्रदेश सलाहकार अर्जुन राम लोमरोड ने न्यू पेंशन स्कीम म्यूचल फंड योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया तत्कालीन वाजपेई सरकार के इशारे पर राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने उस समय कर्मचारी नेताओं से बिना चर्चा किए और कॉरपोरेट्स से सांठगांठ के चलते 1 जनवरी 2004 के बाद राजस्थान में नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के ऊपर न्यू पेंशन स्कीम योजना सौंप दी गई थी जिसके परिणाम स्वरूप अब नागौर जिले में भी सरकारी कर्मचारियों को 10 से 15 साल नौकरी करने के पश्चात रिटायरमेंट के समय 600 से 12 सो रुपए पेंशन मिलने के उदाहरण सामने आ रहे हैं जो इस योजना की निवेश जोखिम की भयावहता को उजागर करता है. प्रदेश उपाध्यक्ष जुगल बालवीर प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंह चौधरी देवड़ा धर्मपाल ओम प्रकाश जी जाखड़ प्रदेश सचिव बलवीर देवड़ा जिला समन्वयक धर्मपाल डॉगीवाल आईटी सेल प्रभारी साजन सियाग नानू राम गोदारा गणपत बिश्नोई सरवन बिश्नोई सुरेंद्र जाजड़ा रामपाल लखारा भंवर लाल कटारिया मनफूल पूनिया ओम प्रकाश जी सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारी ने अर्थी को कंधा दिया.
अंतिम संस्कार के पश्चात हुई सभा में प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंह चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि पेंशन खैरात नहीं है देश के विकास में योगदान का हिस्सा है जो सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के पश्चात मिलता है.

गौरतलव है कि 31 मई 2019 तक 1997607 केन्द्रीय व 4400995 राज्य कर्मचार अधिकारी सहित कुल 6398602 सरकारी कार्मिकों का 28 खरब 38 अरब 27 करोड 50 लाख रूपया न्यू पेंशन स्कीम म्युचल फण्ड योजना के माध्यम से शेयर मार्केट में जबरदस्ती लगाया हुआ है जिसके पूर्णतया जोखिम में होने के साथ ही कर्मचारियों को वापिस मिलने की कोई गारंटी नहीं है। रोजाना शेयर मार्केट के गिरने से सरकारी कर्मचारी की म्युचल फण्ड राशि कम होती जा रही है जिससे कर्मचारियों में घबराहट है। साथ ही वर्तमान में भी सेवानिवृति पश्चात 600 से 1200 रूपये तक पेंशन मिलने के उदाहरण सामने आ रहे हैं जो इस योजना की भयावह तस्वीर को उजागर करता है।

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