

मै बैंक ऑफ इंडिया का एक रिटायर्ड अधिकारी हूँ।मैनें पिछले तीन वर्षो के दौरान अपनी समस्याओं को लेकर बैंक के सभी सम्बन्धित अधिकारियों को अवगत कराने का भरसक प्रयास किया।जिसमें प्रबंध निदेशक को प्रेषित व्यक्तिगत प्रतिवेदन भी सम्मिलित हैं।
बैंक द्वारा घोषित नीतियों और प्रधान कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मेरा अनुभव रहा कि वर्तमान में बैंक ऑफ इंडिया की कथनी और करनी में बहुत अंतर आ गया है।
मैंने अनुभव किया कि बैंक के उच्च अधिकारियों की ग्राहक सेवा के प्रति नकारात्मक सोच ही हमारे बैंक की वर्तमान दुर्दशा का मूल कारण है।
मैं बैंक की छवि को सार्वजनिक मंच पर धूमिल नहीं करना चाहता था किन्तु पिछले तीन वर्षो के दौरान बैंक के सभी सम्बन्धित अधिकारियों की लापरवाही एवं नकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण नहीं चाहते हुए भी मुझे मजबूर होकर यह पिटिशन लगानी पड़ी है I
मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि आप मेरी पिटिशन पर अधिक से अधिक हस्ताक्षर करने की कृपा करेगे ताकि मेरे द्वारा किये गये निष्पक्ष जाँच के आग्रह को गंभीरता पूर्वक लेते हुए अविलम्ब जयपुर अंचल में व्याप्त अनियमितताओं की विस्तृत जाँच के आदेश प्रदान किये जा सके i
सद्भावनाओं के साथ।
प्रार्थी,
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विमलेश चन्द्र जोशी
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