Petition updateIndore-Manmad Railway line project Execution#इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट को कब मिलेगी गति?
इंदौर मनमाड रेल लाइनIndia
Feb 13, 2021

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#इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट को कब मिलेगी गति?
NaiDunia 4.02.2021, https://t.co/IEUpvIsitK

निमाड़-मालवा को सीधे मुंबई से जोड़ने वाली 10 हजार करोड़ की मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना को मोदी सरकार द्वारा तीन साल पूर्व मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक ठोस मैदानी काम शुरू नहीं हो पाया है।

Madhya Pradesh News: सेंधवा (नईदुनिया न्यूज)। निमाड़-मालवा को सीधे मुंबई से जोड़ने वाली 10 हजार करोड़ की मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना को मोदी सरकार द्वारा तीन साल पूर्व मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक ठोस मैदानी काम शुरू नहीं हो पाया है। केंद्रीय बजट में अन्य बड़ी लाइन परियोजना को तवज्जो देते हुए उनके लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना के लिए सिर्फ एक हजार रुपये की राशि आवंटित की गई है। मंत्रालय ने खानापूर्ति के लिए टोकन राशि दी है।

मनमाड़ लाइन प्रोजेक्ट करीब 10 हजार करोड़ रुपये का है। मोदी सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी थी, लेकिन अब तक इसका मैदानी काम शुरू नहीं हो पाया। बता दें कि मनमाड़-इंदौर रेल लाइन के पूरे होने से आदिवासी जिलों सहित निमाड़ के खरगोन और बड़वानी जिले के विकास को नए पंख लगेंगे। पीथमपुर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी जिले में औद्योगिक गतिविधियों को फायदा होगा। वहीं नागरिकों को लाभ मिलेगा।

पिछले साल के बजट में भी मनमाड़-इंदौर रेल लाइन के लिए एक हजार रुपये रखे गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट को गति मिलेगी। उक्त रेल मार्ग को लेकर मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे सहित सांसदद्वय डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी व गजेंद्रसिंह पटेल भी प्रयासरत हैं। सांसद डॉ. सोलंकी ने बताया कि अगले बजट में जरूर मनमाड़-इंदौर रेल लाइन के लिए कुछ अच्छा होगा। परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

वित्तीय स्वीकृति की जरूरत
रेलवे संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने बताया कि 10 हजार करोड़ की इस परियोजना के लिए दो साल पहले 2018 में रेल मंत्रालय, मप्र व महाराष्ट्र सरकार और जहाजरानी मंत्रालय, जवाहर पोर्ट के बीच एमओयू साइन हुआ था। इसके तहत पोर्ट एंड कार्पोरेशन बनाया गया था। परियोजना के लिए मप्र, महाराष्ट्र सरकार व जहाजरानी मंत्रालय को 15-15 फीसदी राशि देना थी। वहीं पोर्ट एंड कार्पोरेशन की हिस्सेदारी 55 फीसदी तय की थी, लेकिन भारत सरकार से राशि देने के लिए अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई है। इस कारण दो साल पहले महाराष्ट्र के धुले में प्रधानमंत्री द्वारा रेल लाइन का भूमिपूजन और शिलान्यास के बाद भी योजना पर ठोस काम शुरू नहीं हो पाया है।

एक नजर रेल परियोजना पर
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना 362 किलोमीटर लंबी है।
इसका निर्माण पोर्ट-रेल कनेक्टिविटी कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाना है। परियोजना के तहत मप्र में रेल लाइन 176 किमी व महाराष्ट्र में 186 किमी हिस्सा रहेगा।
नई रेल लाइन इगतपुरी, नासिक, सिन्नार, खेड़, धुले, नरडाणा, शिरपुर, सेंधवा, जुलवानिया से होकर गुजरेगी।
रेल लाइन शुरू होने पर औद्योगिक नगरी इंदौर से जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) मुंबई की दूरी करीब 170 किमी कम हो जाएगी।
इंदौर से मुंबई की दूरी अभी रतलाम होते हुए करीब 829 किमी है। ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है।
नई लाइन बनने से दूरी 170 किमी कम होकर 659 किमी रह जाएगी और सफर करीब नौ घंटे का हो जाएगा।

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