Petition updateIndore-Manmad Railway line project Executionमनमाड़-इंदौर रेल लाइन:संघर्ष समिति का दावा- जहाज रानी मंत्रालय ने रोकी वित्तीय स्वीकृति
इंदौर मनमाड रेल लाइनIndia
Oct 26, 2020

https://www.google.com/amp/s/www.bhaskar.com/amp/local/mp/khandwa/barwani/news/struggle-committee-claims-ministry-of-ship-queen-stopped-financial-approval-127842984.htm

Dainik Bhaskar 24.10.2020, Barwani

20 महीने पहले धुलिया में प्रधानमंत्री ने किया था रेल लाइन का भूमिपूजन, शिलान्यास के बाद भी शुरू नहीं हुई भू-अिधग्रहण की कार्रवाई

निमाड़ में रेल लाइन अब भी सपना बना हुआ है। मनमाड़-इंदौर रेल लाइन के भूमिपूजन के बाद क्षेत्र के लोगों को जिले से रेल लाइन गुजरने की उम्मीद जागी थी। लेकिन भूमिपूजन के 20 महीने बाद भी भू-अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। मनमाड़-इंदौर रेल्वे मार्ग संघर्ष समिति के सदस्यों ने दावा किया है कि जहाज रानी मंत्रालय ने वित्तीय स्वीकृति नहीं दी है। इसके चलते भूमिपूजन के बाद कोई काम नहीं हुआ। वहीं धुलिया के सांसद ने इसे बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के कारण अभी काम बंद है। वहीं अब समिति सदस्यों ने कोर्ट में याचिका लगाने का फैसला लिया है। समिति सदस्यों ने बताया 8 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए दो साल पहले रेल मंत्रालय, मप्र व महाराष्ट्र सरकार और जहाजरानी मंत्रालय, जवाहर पोर्ट के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत पोर्ट एंड कार्पोरेशन बनाया गया था। परियोजना के लिए मप्र, महाराष्ट्र सरकार व जहाज रानी मंत्रालय को 15-15 फीसदी राशि देना थी। जबकि पोर्ट एंड कार्पोरेशन की हिस्सेदारी 55 फीसदी तय की थी। लेकिन मंत्री नितिन गड़करी ने राशि देने के लिए अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं दी है। इसके चलते भूमि पूजन के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है।

पिछले साल पीएम ने धुलिया में किया था भूमिपूजन
समिति सदस्य मनोज मराठे ने बताया परियोजना का भूमिपूजन पिछले साल फरवरी-मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धुलिया में भूमिपूजन किया था। इसमें रेल मंत्री पीयूष गोयल जहाज रानी मंत्री नितिन गड़करी भी शामिल हुए थे। शिलान्यास के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होना थी। लेकिन काम शुरू होने में देरी होने पर सूचना के अधिकार में जानकारी हासिल करने पर इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जवाब दिया कि वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं किया जा सका है। इसको लेकर समिति द्वारा जल्द ही इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

काेरोना के कारण नहीं बना रहे दबाव- धूलिया सांसद
धुलिया सांसद डॉ. सुभाष भामरे ने बताया प्रधानमंत्री मोदी ने परियेाजना का शिलान्यास किया है। परियोजना जल्द शुरू होगी। एमओयू पर मंत्रालय ने भी साइन किया है। नितिन गड़करी ने हस्ताक्षर किए थे। एमओयू रेलवे मंत्रालय, शिपिंग मिनिस्ट्री, महाराष्ट्र व मप्र सरकार के बीच हुआ था। देरी हो रही है। इसकी चिंता है। कोरोना के कारण ज्यादा दबाव नहीं दे सकते हैं। कोरोना का असर कम होते ही दबाव बनाएंगे। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने की बात बेबुनियाद है। सांसद ने देरी के लिए कोरोना का हवाला दिया। लेकिन पिछले एक साल में क्या काम हुआ, इसको लेकर उनका कहना है कि धुलिया जिले में भू-अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो गई है।

ऐसी होगी रेल लाइन
362 किमी लंबी परियोजना
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना 362 किलोमीटर लंबी है। इसका निर्माण पोर्ट-रेल कनेक्टिविटी कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाना है। परियोजना के तहत मप्र में रेल लाइन 176 किमी व महाराष्ट्र में 186 किमी हिस्सा रहेगा। इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में नए पुल-पुलियाएं बनाने के टेंडर बुलाए थे। अभी मध्यप्रदेश में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

170 किमी कम होगी दूरी
नई रेल लाइन इगतपुरी, नासिक, सिन्नर, खेड़, धुलिया, नरडाणा, शिरपुर, सेंधवा, जुलवानिया से होकर गुजरेगी। उन्होंने बताया रेल लाइन शुरू होने पर औद्योगिक नगरी इंदौर से जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) मुंबई की दूरी करीब 170 किमी कम हो जाएगी। इंदौर से मुंबई की दूरी अभी रतलाम होते हुए करीब 829 किमी है। ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है। नई लाइन बनने से दूरी 170 किमी कम होकर 659 किमी रह जाएगी और सफर करीब 9 घंटे का हो जाएगा।

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