

KVS/NVS भर्ती: OBC उम्मीदवारों का मनमाना रिजेक्शन रोकें, CAT कोर्ट के आदेश का पालन हो!
The Issue
KVS और NVS भर्ती में Tier-1 और Tier-2 पास कर चुके सभी पदों (Teaching & Non-Teaching) के योग्य OBC-NCL उम्मीदवारों को वेरिफिकेशन सेंटर्स से सीधे बाहर (Direct Reject) किया जा रहा है। बहाना सिर्फ यह है कि उनका सर्टिफिकेट 'Crucial Date' (1.1.25 से 4.12.25) के बीच का नहीं है। जबकि CAT अदालत (O.A./463/2026) ने इस नियम को गलत मानकर छात्र को राहत दी है। हम तुरंत शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, DoPT, CBSE, NCBC, KVS और NVS के हस्तक्षेप और सभी प्रभावित छात्रों के लिए एक सामान्य राहत आदेश (General Order) की मांग करते हैं।
माननीय शिक्षा मंत्री, माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, अध्यक्ष महोदय (CBSE/NCBC) , सचिव महोदय (DoPT), आयुक्त महोदय (KVS/NVS) व अन्य्ब उच्च प्रशासनिक अधिकारीगण,
मैं यह आपातकालीन याचिका देश के उन हजारों होनहार, गरीब और मध्यमवर्गीय अभ्यर्थियों के पक्ष में न्याय की मांग के लिए शुरू कर रहा हूँ, जो वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की भर्ती प्रक्रिया में घोर प्रशासनिक अन्याय और अधिकारियों की संवेदनहीनता का सामना कर रहे हैं।
वर्तमान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जा रही इस भर्ती के इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के दौरान कई अत्यंत योग्य OBC-NCL (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को केवल विज्ञापन में उल्लिखित 'Crucial Date' (01.01.2025 से 04.12.2025) की तकनीकी रूढ़िवादिता के आधार पर बिना कोई मौका दिए, सीधे बाहर (Direct Reject) किया जा रहा है, भले ही वे सामाजिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह से नॉन-क्रीमी लेयर के दायरे में आते हैं।
यह अन्याय सिर्फ शिक्षकों के साथ नहीं, बल्कि भर्ती के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण (Teaching) और गैर-शिक्षण (Non-Teaching) पदों के मेधावी उम्मीदवारों के साथ समान रूप से किया जा रहा है।
इस गंभीर मुद्दे के प्रमुख और अकाट्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
दो-दो स्तरों (Tier-1 & Tier-2) की कठिन परीक्षा पास की: चाहे टीचिंग स्टाफ हो या नॉन-टीचिंग, इन सभी अभ्यर्थियों ने इस प्रतिष्ठित संस्थान में जगह बनाने के लिए Tier-1 और Tier-2 जैसी दो-दो अत्यंत कठिन परीक्षाओं को अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पास किया है। दो स्तरों पर अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके इन मेधावी युवाओं को अंतिम चरण में सिर्फ एक कागज़ की तारीख के फेर में सीधे बाहर धकेल देना उनके हुनर का घोर अपमान और मानसिक उत्पीड़न है।
संस्थानों के कामकाज और गुणवत्ता पर अपूर्णनीय क्षति: KVS और NVS देश में अपनी उत्कृष्टता (Excellence) और उच्च स्तर के लिए जाने जाते हैं। केवल एक प्रशासनिक तारीख की जिद के कारण इतने कड़े मानदंडों को पूरा करने वाले उत्कृष्ट, प्रतिभाशाली युवाओं को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। चाहे क्लासरूम हो या प्रशासनिक कार्य, ऐसे बेहतरीन कर्मियों को खोने से निश्चित रूप से आने वाले समय में इन प्रतिष्ठित संस्थानों के कामकाज का स्तर और गुणवत्ता गिर जाएगी, जिसका सीधा नुकसान देश के मासूम बच्चों को होगा।
अदालती आदेश (CAT Order) की खुली अवहेलना: माननीय सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT), एर्नाकुलम बेंच ने हाल ही में अपने आदेश दिनांक 18/09/2026 (केस संख्या: O.A./463/2026 ) में इस प्रकार के टाइम-लिमिट रिजेक्शन को अनुचित माना है। ट्रिब्यूनल ने DoPT के दिशानिर्देशों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों (2016 (2) KLT Online 2025 (SC)) का हवाला देते हुए विभाग को उम्मीदवार को तुरंत राहत देने का आदेश दिया है। इसके बावजूद, वेरिफिकेशन सेंटर्स पर बैठे अधिकारी इस अदालती आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं और छात्रों की एक नहीं सुन रहे।
क्या न्याय सिर्फ अमीर या कोर्ट जाने वालों को मिलेगा?: वर्तमान में जो छात्र भारी-भरकम फीस देकर CAT या हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं, उन्हें अदालत से राहत मिल रही है। लेकिन देश के सुदूर गांवों और गरीब परिवारों से आने वाले हर एक अभ्यर्थी के लिए कोर्ट जाना और वकीलों की फीस भरना संभव नहीं है। जब न्यायिक व्यवस्था इस रिजेक्शन को गलत मान चुकी है, तो विभाग और परीक्षा कराने वाली एजेंसी CBSE स्वयं आगे बढ़कर सभी पदों के छात्रों के लिए सामान्य नीतिगत आदेश (General Order) क्यों जारी नहीं कर रही?
हमारी सरकार और संबंधित संगठनों से न्यायसंगत मांगें:
मनमाने रिजेक्शन पर तुरंत रोक: CBSE द्वारा संचालित KVS/NVS भर्ती के वेरिफिकेशन सेंटर्स पर OBC-NCL उम्मीदवारों को बिना किसी कानूनी आधार के सीधे बाहर (Direct Reject) करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
पूर्व में बाहर किए गए सभी उम्मीदवारों की बहाली: जिन अभ्यर्थियों के इंटरव्यू/डीवी हो चुके हैं और जिन्हें इस तकनीकी कारण से रिजेक्ट या बाहर कर दिया गया है, उनके केस पर दोबारा विचार करके उन्हें तुरंत प्रक्रिया में बहाल किया जाए।
प्रोविजनल एंट्री और अतिरिक्त समय: वर्तमान और आगामी चरणों में सभी योग्य छात्रों को चालू वित्तीय वर्ष के वैध प्रमाणपत्र के आधार पर प्रोविजनल (Provisional) एंट्री दी जाए और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए उचित समय दिया जाए।
सामान्य राहत आदेश (General Order) जारी हो: CAT एर्नाकुलम बेंच के आदेश (O.A./463/2026) को आधार मानकर शिक्षा मंत्रालय और CBSE सभी प्रभावित छात्रों के लिए एक सामान्य आदेश जारी करे, ताकि किसी भी गरीब छात्र का भविष्य बर्बाद न हो।
देश के युवाओं के भविष्य, योग्य उम्मीदवारों के सम्मान और इन प्रतिष्ठित संस्थानों की साख को बचाने के लिए कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
धन्यवाद।
https://youtube.com/shorts/j8Dq1rYhGH0?si=xjW0X_kIohny9V22
https://youtube.com/shorts/VDgck-GPjz4?si=l-UZE9qgEECkGTTJ
https://youtube.com/shorts/ZBLvJr42Ahc?si=4HtsC4-xsRKMtYyO
https://youtube.com/shorts/E1RY-lxKHLc?si=fHOM2Jltwvxky--8
https://youtube.com/shorts/hzDzDFtHYxI?si=7NIWJ_Vr8gluEzh
https://youtube.com/shorts/_RTHpITpmMY?si=P-BdO3fmbp7tULW-
https://youtube.com/shorts/q2Op9FuDrQ8?si=de5S4oNaCn9iOJ2-

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KVS और NVS भर्ती में Tier-1 और Tier-2 पास कर चुके सभी पदों (Teaching & Non-Teaching) के योग्य OBC-NCL उम्मीदवारों को वेरिफिकेशन सेंटर्स से सीधे बाहर (Direct Reject) किया जा रहा है। बहाना सिर्फ यह है कि उनका सर्टिफिकेट 'Crucial Date' (1.1.25 से 4.12.25) के बीच का नहीं है। जबकि CAT अदालत (O.A./463/2026) ने इस नियम को गलत मानकर छात्र को राहत दी है। हम तुरंत शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, DoPT, CBSE, NCBC, KVS और NVS के हस्तक्षेप और सभी प्रभावित छात्रों के लिए एक सामान्य राहत आदेश (General Order) की मांग करते हैं।
माननीय शिक्षा मंत्री, माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, अध्यक्ष महोदय (CBSE/NCBC) , सचिव महोदय (DoPT), आयुक्त महोदय (KVS/NVS) व अन्य्ब उच्च प्रशासनिक अधिकारीगण,
मैं यह आपातकालीन याचिका देश के उन हजारों होनहार, गरीब और मध्यमवर्गीय अभ्यर्थियों के पक्ष में न्याय की मांग के लिए शुरू कर रहा हूँ, जो वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की भर्ती प्रक्रिया में घोर प्रशासनिक अन्याय और अधिकारियों की संवेदनहीनता का सामना कर रहे हैं।
वर्तमान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जा रही इस भर्ती के इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के दौरान कई अत्यंत योग्य OBC-NCL (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को केवल विज्ञापन में उल्लिखित 'Crucial Date' (01.01.2025 से 04.12.2025) की तकनीकी रूढ़िवादिता के आधार पर बिना कोई मौका दिए, सीधे बाहर (Direct Reject) किया जा रहा है, भले ही वे सामाजिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह से नॉन-क्रीमी लेयर के दायरे में आते हैं।
यह अन्याय सिर्फ शिक्षकों के साथ नहीं, बल्कि भर्ती के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण (Teaching) और गैर-शिक्षण (Non-Teaching) पदों के मेधावी उम्मीदवारों के साथ समान रूप से किया जा रहा है।
इस गंभीर मुद्दे के प्रमुख और अकाट्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
दो-दो स्तरों (Tier-1 & Tier-2) की कठिन परीक्षा पास की: चाहे टीचिंग स्टाफ हो या नॉन-टीचिंग, इन सभी अभ्यर्थियों ने इस प्रतिष्ठित संस्थान में जगह बनाने के लिए Tier-1 और Tier-2 जैसी दो-दो अत्यंत कठिन परीक्षाओं को अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पास किया है। दो स्तरों पर अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके इन मेधावी युवाओं को अंतिम चरण में सिर्फ एक कागज़ की तारीख के फेर में सीधे बाहर धकेल देना उनके हुनर का घोर अपमान और मानसिक उत्पीड़न है।
संस्थानों के कामकाज और गुणवत्ता पर अपूर्णनीय क्षति: KVS और NVS देश में अपनी उत्कृष्टता (Excellence) और उच्च स्तर के लिए जाने जाते हैं। केवल एक प्रशासनिक तारीख की जिद के कारण इतने कड़े मानदंडों को पूरा करने वाले उत्कृष्ट, प्रतिभाशाली युवाओं को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। चाहे क्लासरूम हो या प्रशासनिक कार्य, ऐसे बेहतरीन कर्मियों को खोने से निश्चित रूप से आने वाले समय में इन प्रतिष्ठित संस्थानों के कामकाज का स्तर और गुणवत्ता गिर जाएगी, जिसका सीधा नुकसान देश के मासूम बच्चों को होगा।
अदालती आदेश (CAT Order) की खुली अवहेलना: माननीय सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT), एर्नाकुलम बेंच ने हाल ही में अपने आदेश दिनांक 18/09/2026 (केस संख्या: O.A./463/2026 ) में इस प्रकार के टाइम-लिमिट रिजेक्शन को अनुचित माना है। ट्रिब्यूनल ने DoPT के दिशानिर्देशों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों (2016 (2) KLT Online 2025 (SC)) का हवाला देते हुए विभाग को उम्मीदवार को तुरंत राहत देने का आदेश दिया है। इसके बावजूद, वेरिफिकेशन सेंटर्स पर बैठे अधिकारी इस अदालती आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं और छात्रों की एक नहीं सुन रहे।
क्या न्याय सिर्फ अमीर या कोर्ट जाने वालों को मिलेगा?: वर्तमान में जो छात्र भारी-भरकम फीस देकर CAT या हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं, उन्हें अदालत से राहत मिल रही है। लेकिन देश के सुदूर गांवों और गरीब परिवारों से आने वाले हर एक अभ्यर्थी के लिए कोर्ट जाना और वकीलों की फीस भरना संभव नहीं है। जब न्यायिक व्यवस्था इस रिजेक्शन को गलत मान चुकी है, तो विभाग और परीक्षा कराने वाली एजेंसी CBSE स्वयं आगे बढ़कर सभी पदों के छात्रों के लिए सामान्य नीतिगत आदेश (General Order) क्यों जारी नहीं कर रही?
हमारी सरकार और संबंधित संगठनों से न्यायसंगत मांगें:
मनमाने रिजेक्शन पर तुरंत रोक: CBSE द्वारा संचालित KVS/NVS भर्ती के वेरिफिकेशन सेंटर्स पर OBC-NCL उम्मीदवारों को बिना किसी कानूनी आधार के सीधे बाहर (Direct Reject) करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
पूर्व में बाहर किए गए सभी उम्मीदवारों की बहाली: जिन अभ्यर्थियों के इंटरव्यू/डीवी हो चुके हैं और जिन्हें इस तकनीकी कारण से रिजेक्ट या बाहर कर दिया गया है, उनके केस पर दोबारा विचार करके उन्हें तुरंत प्रक्रिया में बहाल किया जाए।
प्रोविजनल एंट्री और अतिरिक्त समय: वर्तमान और आगामी चरणों में सभी योग्य छात्रों को चालू वित्तीय वर्ष के वैध प्रमाणपत्र के आधार पर प्रोविजनल (Provisional) एंट्री दी जाए और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए उचित समय दिया जाए।
सामान्य राहत आदेश (General Order) जारी हो: CAT एर्नाकुलम बेंच के आदेश (O.A./463/2026) को आधार मानकर शिक्षा मंत्रालय और CBSE सभी प्रभावित छात्रों के लिए एक सामान्य आदेश जारी करे, ताकि किसी भी गरीब छात्र का भविष्य बर्बाद न हो।
देश के युवाओं के भविष्य, योग्य उम्मीदवारों के सम्मान और इन प्रतिष्ठित संस्थानों की साख को बचाने के लिए कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
धन्यवाद।
https://youtube.com/shorts/j8Dq1rYhGH0?si=xjW0X_kIohny9V22
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https://youtube.com/shorts/hzDzDFtHYxI?si=7NIWJ_Vr8gluEzh
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https://youtube.com/shorts/q2Op9FuDrQ8?si=de5S4oNaCn9iOJ2-

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Petition created on 24 September 2026