

POSTPONE JPSC mains
समस्या
sub: JPSC mains
Health is wealth. Peace of mind. is necessary for writing exam.
In this present situation where all schools colleges institutions are closed, We are finding difficult for our travel accommodRespected Jharkhand Public Service Commission.
ation and an ecosystem for exam. The exam is 3day continuous rigorous subjective one. We will be drained of energy & the fear of Corona will always prevail.
Please consider a review of the schedule of exam.
A student
। मेरा साथ दें, मेरी पेटीशन साइन करें. Jharkhand Public Service Commission की अधिसूचना के अनुसार JPSC PCS मैन्स 2021 की परीक्षा 28 - 30 जनवरी के तक आयोजित की जाएगी। इस संदर्भ में मैं अपनी चिंताओं से आपको अवगत करवाना चाहता हूं, जो कि निम्न है -
यह पहली बार है जब माननीय आयोग कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच परीक्षा संम्पन्न करवाने को आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व जितने भी परीक्षा आपके द्वारा करवाये गए थे, उस समय या तो कोविड संक्रमण स्थिर था या तो उसमें गिरावट हो रही थी। अतः ऐसी स्थिति में परीक्षा को सम्पन्न करवाना प्रतिभागियों के साथ-साथ आयोग के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यह परीक्षा 3 दिनों तक लगातार चलने वाली है जिसमे प्रतिभागियों को कुल 18 घंटे तक लेखन कार्य करना है, यह सामान्य दशा में ही चुनौती पूर्ण स्थिति है जो कि कोविड संक्रमण के खतरे के बीच जानलेवा भी हो सकती है, जिसके निम्न कारण हो सकते हैं।
छात्रों को परीक्षा से पूर्व पूरे देश और प्रदेश से विभिन्न माध्यमों यात्रा करके परीक्षा केंद्र और संबंधित शहर में आना पड़ेगा। उन्हें रुकने के लिए लगभग एक सप्ताह तक होटल, लाज, धर्मशाला या किसी संबधी के यहाँ आश्रय लेना पड़ेगा। उन्हें अपने भोजन आदि के लिए बाहर होटल, ढाबा, मेस या टिफिन पर आश्रित होना पड़ेगा इसी दौरान उन्हें प्रतिदिन परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए जन परिवहन के साधनों का प्रयोग करना पड़ेगा। इन सभी प्रक्रियाओं में प्रतिभागियों के स्वयं संक्रमित होने की और दूसरों को संक्रमित करने की संभावना बहुत ज्यादा रहेगा, जिसका उचित निराकरण करना आवश्यक है।
इतने व्यस्त समय सारणी में परीक्षा देने के कारण परीक्षार्थियों के थकने और पर्याप्त विश्राम न मिल पाने के पर इनमें से कई लोगो के कोविड संक्रमण के प्रति सुभेद और गंभीर होने की आशंका प्रबल होगी, जो कि सामान्य दशाओं में इससे (कोविड संक्रमण विशेषतः ओमिक्रोन से) या तो हल्का बीमार होते या अप्रभावित रहते।
आयोग को यह भी स्पष्ट करना चाहिये कि कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कैसे किया जाएगा ऐसे दशा में जब ओमिक्रोन जैसे कोविड के प्रकार के 80% मरीजों में इससे संक्रमित होने का कोई लछन नहीं है तो ऐसे लोगो को पहचान करने का क्या तरीका होगा, जिससे कि शेष प्रतिभागी सुरक्षित हो सकें।
यदि कोई प्रतिभागी इस परीक्षा के दौरान संक्रमित होता है तो उसके साथ परीक्षा दे रहे अन्य व्यक्तियों, कक्ष निरीक्षक, और परीक्षा केंद्र का संपर्क पहचान (कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग) और स्वच्छता (सेनेटाइजेसन) जैसे अनिवार्य नियमों ( मेंडेटरी प्रोटोकॉल) का अनुपालन कैसे किया जाएगा।
यदि कोई प्रतिभागी किसी अनजाने शहर में मुख्य परीक्षा के दौरान ही कोविड संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार हो गया और उसका देखभाल करने के लिए कोई उपलब्ध नहीं है तो उसके इलाज, एकांतवास और भोजन की जिम्मेदारी किसकी होगी।
आयोग द्वारा अपने वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञप्ति में कोविड 19 से जुड़ी सूचना मेरे विचार से अस्पष्ट व अपूर्ण प्रतीत हो रही है। आयोग के द्वारा सभी बुखार, खाँसी से संक्रमित प्रतिभागियों को अलग कक्ष में बैठाने का व्यवस्था स्वयं कई तरह के जटिलता को पैदा कर सकती है। इससे सामान्य बीमार व्यक्ति के भी कोविड संक्रमित होने की आशंका बनी रहेगी।
महिला प्रतिभागियों की समस्या और विकट है क्योंकि अक्सर उन्हें आपने परिवार वालों के साथ ही परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर में जाना पड़ता है, ऐसे में उनके कोरोना संक्रमित होने साथ ही साथ उनके प्रियजनों के भी संक्रमित होने की अंदेशा बनी रहेगी।
आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा हेतु निर्धारित Ranchi शहर में वर्तमान में कोविड संक्रमण के बढ़ने का डर अत्यन्त तीव्र और भयावह है। The city of Ranchi has largest no of case and OMIcron variant से कही न कहीं मेरे जैसे प्रतिभागियों और हमारे परिवारजनों के बीच भय का माहौल बना हुआ है जो कि मानसिक तनाव के रूप में परीक्षा के निर्बाध तैयारी में बाधा उत्पन्न कर रही है।
इस महामारी के माहौल में कई प्रतियोगी कोविड संक्रमण के कारण बिना किसी गलती के कारण मुख्य परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। कई प्रतियोगी केवल मुख्य परीक्षा देने के लिए अपने कोविड संक्रमण को छिपा कर अन्य लोगों को संक्रमित करेंगे।
इससे समानता और समान अवसर के संविधान प्रदत्त अधिकार का किसी न किसी स्तर पर उल्लंघन होगा और प्रतिभागियों के बीच न चाहते हुए भी अनीति के आचरण का अनुगमन किया जाएगा जो कि आयोग और प्रतिभागी दोनों के लिए उपयुक्त नहीं होगा।
मेरी पेटीशन साईन व शेयर करें और JPSC से निवेदन करें कि वे JPSC PCS मैन्स की परीक्षा तब तक स्थगित करे जब तक इस महामारी से जुड़ी चुनौतीयां हम सभी के लिए कम हो जाएं।
निवेदक
RAVI SHANKAR एवं अन्य छात्र
अनुक्रमांक 52152966 (JPSC mains 2021)

समस्या
sub: JPSC mains
Health is wealth. Peace of mind. is necessary for writing exam.
In this present situation where all schools colleges institutions are closed, We are finding difficult for our travel accommodRespected Jharkhand Public Service Commission.
ation and an ecosystem for exam. The exam is 3day continuous rigorous subjective one. We will be drained of energy & the fear of Corona will always prevail.
Please consider a review of the schedule of exam.
A student
। मेरा साथ दें, मेरी पेटीशन साइन करें. Jharkhand Public Service Commission की अधिसूचना के अनुसार JPSC PCS मैन्स 2021 की परीक्षा 28 - 30 जनवरी के तक आयोजित की जाएगी। इस संदर्भ में मैं अपनी चिंताओं से आपको अवगत करवाना चाहता हूं, जो कि निम्न है -
यह पहली बार है जब माननीय आयोग कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच परीक्षा संम्पन्न करवाने को आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व जितने भी परीक्षा आपके द्वारा करवाये गए थे, उस समय या तो कोविड संक्रमण स्थिर था या तो उसमें गिरावट हो रही थी। अतः ऐसी स्थिति में परीक्षा को सम्पन्न करवाना प्रतिभागियों के साथ-साथ आयोग के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यह परीक्षा 3 दिनों तक लगातार चलने वाली है जिसमे प्रतिभागियों को कुल 18 घंटे तक लेखन कार्य करना है, यह सामान्य दशा में ही चुनौती पूर्ण स्थिति है जो कि कोविड संक्रमण के खतरे के बीच जानलेवा भी हो सकती है, जिसके निम्न कारण हो सकते हैं।
छात्रों को परीक्षा से पूर्व पूरे देश और प्रदेश से विभिन्न माध्यमों यात्रा करके परीक्षा केंद्र और संबंधित शहर में आना पड़ेगा। उन्हें रुकने के लिए लगभग एक सप्ताह तक होटल, लाज, धर्मशाला या किसी संबधी के यहाँ आश्रय लेना पड़ेगा। उन्हें अपने भोजन आदि के लिए बाहर होटल, ढाबा, मेस या टिफिन पर आश्रित होना पड़ेगा इसी दौरान उन्हें प्रतिदिन परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए जन परिवहन के साधनों का प्रयोग करना पड़ेगा। इन सभी प्रक्रियाओं में प्रतिभागियों के स्वयं संक्रमित होने की और दूसरों को संक्रमित करने की संभावना बहुत ज्यादा रहेगा, जिसका उचित निराकरण करना आवश्यक है।
इतने व्यस्त समय सारणी में परीक्षा देने के कारण परीक्षार्थियों के थकने और पर्याप्त विश्राम न मिल पाने के पर इनमें से कई लोगो के कोविड संक्रमण के प्रति सुभेद और गंभीर होने की आशंका प्रबल होगी, जो कि सामान्य दशाओं में इससे (कोविड संक्रमण विशेषतः ओमिक्रोन से) या तो हल्का बीमार होते या अप्रभावित रहते।
आयोग को यह भी स्पष्ट करना चाहिये कि कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कैसे किया जाएगा ऐसे दशा में जब ओमिक्रोन जैसे कोविड के प्रकार के 80% मरीजों में इससे संक्रमित होने का कोई लछन नहीं है तो ऐसे लोगो को पहचान करने का क्या तरीका होगा, जिससे कि शेष प्रतिभागी सुरक्षित हो सकें।
यदि कोई प्रतिभागी इस परीक्षा के दौरान संक्रमित होता है तो उसके साथ परीक्षा दे रहे अन्य व्यक्तियों, कक्ष निरीक्षक, और परीक्षा केंद्र का संपर्क पहचान (कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग) और स्वच्छता (सेनेटाइजेसन) जैसे अनिवार्य नियमों ( मेंडेटरी प्रोटोकॉल) का अनुपालन कैसे किया जाएगा।
यदि कोई प्रतिभागी किसी अनजाने शहर में मुख्य परीक्षा के दौरान ही कोविड संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार हो गया और उसका देखभाल करने के लिए कोई उपलब्ध नहीं है तो उसके इलाज, एकांतवास और भोजन की जिम्मेदारी किसकी होगी।
आयोग द्वारा अपने वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञप्ति में कोविड 19 से जुड़ी सूचना मेरे विचार से अस्पष्ट व अपूर्ण प्रतीत हो रही है। आयोग के द्वारा सभी बुखार, खाँसी से संक्रमित प्रतिभागियों को अलग कक्ष में बैठाने का व्यवस्था स्वयं कई तरह के जटिलता को पैदा कर सकती है। इससे सामान्य बीमार व्यक्ति के भी कोविड संक्रमित होने की आशंका बनी रहेगी।
महिला प्रतिभागियों की समस्या और विकट है क्योंकि अक्सर उन्हें आपने परिवार वालों के साथ ही परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर में जाना पड़ता है, ऐसे में उनके कोरोना संक्रमित होने साथ ही साथ उनके प्रियजनों के भी संक्रमित होने की अंदेशा बनी रहेगी।
आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा हेतु निर्धारित Ranchi शहर में वर्तमान में कोविड संक्रमण के बढ़ने का डर अत्यन्त तीव्र और भयावह है। The city of Ranchi has largest no of case and OMIcron variant से कही न कहीं मेरे जैसे प्रतिभागियों और हमारे परिवारजनों के बीच भय का माहौल बना हुआ है जो कि मानसिक तनाव के रूप में परीक्षा के निर्बाध तैयारी में बाधा उत्पन्न कर रही है।
इस महामारी के माहौल में कई प्रतियोगी कोविड संक्रमण के कारण बिना किसी गलती के कारण मुख्य परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। कई प्रतियोगी केवल मुख्य परीक्षा देने के लिए अपने कोविड संक्रमण को छिपा कर अन्य लोगों को संक्रमित करेंगे।
इससे समानता और समान अवसर के संविधान प्रदत्त अधिकार का किसी न किसी स्तर पर उल्लंघन होगा और प्रतिभागियों के बीच न चाहते हुए भी अनीति के आचरण का अनुगमन किया जाएगा जो कि आयोग और प्रतिभागी दोनों के लिए उपयुक्त नहीं होगा।
मेरी पेटीशन साईन व शेयर करें और JPSC से निवेदन करें कि वे JPSC PCS मैन्स की परीक्षा तब तक स्थगित करे जब तक इस महामारी से जुड़ी चुनौतीयां हम सभी के लिए कम हो जाएं।
निवेदक
RAVI SHANKAR एवं अन्य छात्र
अनुक्रमांक 52152966 (JPSC mains 2021)

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20 जनवरी 2022 पर पेटीशन बनाई गई