

NJCS के नेताओ द्वारा Steel PSU (SAIL and RINL) कार्मिको का शोषण और अन्याय किया जा रहा है|
समस्या
National Joint Committee for Steels (NJCS) के नेताओ द्वारा Steel PSU (SAIL and RINL) कार्मिको का शोषण और अन्याय किया जा रहा है|
NJCS द्वारा SAIL तथा RINL कर्मियों के लिए हुआ पक्षपाती वेतन समझौता, एचआरए, छुट्टियाँ, पेंशन, पे-स्केल, रात्रि-भत्ता, एरियर्स मुद्दों को टाला जा रहा है ।
सेल कर्मियों का 58 महीनों से लंबित वेतन समझौता इस्पात मंत्रालय से अप्रुअल के बाद 18 नवम्बर को हो गया। लेकिन सेल कर्मचारियों को NJCS नेताओं के द्वारा किये गए भेदभावपूर्ण वेज रिवीजन समझौते से इसमें भी निराशा ही हाथ लगी। एक ओर सेल के अधिकारियों को 15% एमजीबी, 35% वैरियेबल पर्क्स, 9 प्रतिशत पेंशन और नए संशोधित बेसिक पर एचआरए मिला, तो वही दुसरी ओर सेल कर्मियों को 13% एमजीबी और 26.5% वैरियेबल पर्क्स तथा 6% पेंशन ही मिला। इसके अलावा सेल कर्मियों के एचआरए, छुट्टियाँ, पेंशन, पे-स्केल, रात्रि-भत्ता, एरियर्स आदि मुद्दों को सब कमिटी में डालकर टाल दिया गया ।
अधिकारियों की एसोशिएसन सेफी ने प्रबंधन से वार्ग्निंग कर उन्हें एमजीबी के साथ साथ वैरियेबल पर्क्स का भी एरियर दिलवाया, लेकिन सेल कर्मचारियों को एमजीबी का ही एरियर NJCS के नेताओं ने दिलवाया | इसके अलावा सेल कर्मियों को LTA/LTC के रुप में मिली राशि को भविष्य में उनके मासिक वेतन से भी काटा जाएगा। एस 9 से एस 11 में कार्यरत वरिष्ठ कर्मियों का अपर ग्रेड पे स्केल की सीमा कम होने से उनका बेसिक का हिस्सा पर्सनल पे (PP) में जा रहा है, जिससे उनको वार्षिक इंक्रीमेंट का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा। NJCS द्वारा इस तरह के भेदभाव पूर्ण समझौते से सभी सेल कर्मियों में असंतोष व्याप्त है और वो खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं|
NJCS समिति पर सवालिया निशान
पिछले 6 महीनों के वेज नेगोशियेशन और अब तक हुए 4 वेतन समझौतों से तो यही पता चलता है। 1997 के वेतन समझौते में सेल कर्मियों को 19.4% का ही सैलरी ग्रोथ मिला, वही अधिकारियों की एशोसियन ने उनको 89.8% का सैलरी ग्रोथ दिलाया। इसके बाद 2007 के वेतन समझौते में 46% वैरियेबल पर्क्स नहीं दिलाया गया और 2012 के वेतन समझौते में नवनियुक्त सेल कर्मियों की ग्रेच्युटी सीलिंग कर दी गई तथा एचआरए भी नए बेसिक के आधार पर ना देकर एचआरए के मुद्दे को NJCS सब कमिटी में डाल दिया गया। एचआरए के लिए बनी इस NJCS सब कमिटी की मीटिंग 2014 के बाद आज तक नहीं हुई, और ना ही एचआरए का मुद्दा आज 7 साल बाद भी हल नहीं हो पाया। NJCS समिति की नाकामी और सेल कर्मियों के अहित में हुए निर्णयों के कारण इस समिति का भंग किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है|
हम सभी कार्मिक सभी ट्रेड यूनियन (INTUC/HMS/AITUC/CITU/BMS) से अपना इस्तीफ़ा देते है | और केंद्र सरकार से मांग करते है कि National Joint Committee for Steels (NJCS) को तुरंत भंग कर हमारे भविष्य से खिलवाड़ करने से रोके |
साथ ही NJCS द्वारा किये गए भेदभाव पूर्ण समझौते को रद्द कर DPE गाईड लाइन के तहत हमारा वेज रिविजन AS PER EXECUTIVE कारने की कृपा करे |
सधन्यवाद,
समस्या
National Joint Committee for Steels (NJCS) के नेताओ द्वारा Steel PSU (SAIL and RINL) कार्मिको का शोषण और अन्याय किया जा रहा है|
NJCS द्वारा SAIL तथा RINL कर्मियों के लिए हुआ पक्षपाती वेतन समझौता, एचआरए, छुट्टियाँ, पेंशन, पे-स्केल, रात्रि-भत्ता, एरियर्स मुद्दों को टाला जा रहा है ।
सेल कर्मियों का 58 महीनों से लंबित वेतन समझौता इस्पात मंत्रालय से अप्रुअल के बाद 18 नवम्बर को हो गया। लेकिन सेल कर्मचारियों को NJCS नेताओं के द्वारा किये गए भेदभावपूर्ण वेज रिवीजन समझौते से इसमें भी निराशा ही हाथ लगी। एक ओर सेल के अधिकारियों को 15% एमजीबी, 35% वैरियेबल पर्क्स, 9 प्रतिशत पेंशन और नए संशोधित बेसिक पर एचआरए मिला, तो वही दुसरी ओर सेल कर्मियों को 13% एमजीबी और 26.5% वैरियेबल पर्क्स तथा 6% पेंशन ही मिला। इसके अलावा सेल कर्मियों के एचआरए, छुट्टियाँ, पेंशन, पे-स्केल, रात्रि-भत्ता, एरियर्स आदि मुद्दों को सब कमिटी में डालकर टाल दिया गया ।
अधिकारियों की एसोशिएसन सेफी ने प्रबंधन से वार्ग्निंग कर उन्हें एमजीबी के साथ साथ वैरियेबल पर्क्स का भी एरियर दिलवाया, लेकिन सेल कर्मचारियों को एमजीबी का ही एरियर NJCS के नेताओं ने दिलवाया | इसके अलावा सेल कर्मियों को LTA/LTC के रुप में मिली राशि को भविष्य में उनके मासिक वेतन से भी काटा जाएगा। एस 9 से एस 11 में कार्यरत वरिष्ठ कर्मियों का अपर ग्रेड पे स्केल की सीमा कम होने से उनका बेसिक का हिस्सा पर्सनल पे (PP) में जा रहा है, जिससे उनको वार्षिक इंक्रीमेंट का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा। NJCS द्वारा इस तरह के भेदभाव पूर्ण समझौते से सभी सेल कर्मियों में असंतोष व्याप्त है और वो खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं|
NJCS समिति पर सवालिया निशान
पिछले 6 महीनों के वेज नेगोशियेशन और अब तक हुए 4 वेतन समझौतों से तो यही पता चलता है। 1997 के वेतन समझौते में सेल कर्मियों को 19.4% का ही सैलरी ग्रोथ मिला, वही अधिकारियों की एशोसियन ने उनको 89.8% का सैलरी ग्रोथ दिलाया। इसके बाद 2007 के वेतन समझौते में 46% वैरियेबल पर्क्स नहीं दिलाया गया और 2012 के वेतन समझौते में नवनियुक्त सेल कर्मियों की ग्रेच्युटी सीलिंग कर दी गई तथा एचआरए भी नए बेसिक के आधार पर ना देकर एचआरए के मुद्दे को NJCS सब कमिटी में डाल दिया गया। एचआरए के लिए बनी इस NJCS सब कमिटी की मीटिंग 2014 के बाद आज तक नहीं हुई, और ना ही एचआरए का मुद्दा आज 7 साल बाद भी हल नहीं हो पाया। NJCS समिति की नाकामी और सेल कर्मियों के अहित में हुए निर्णयों के कारण इस समिति का भंग किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है|
हम सभी कार्मिक सभी ट्रेड यूनियन (INTUC/HMS/AITUC/CITU/BMS) से अपना इस्तीफ़ा देते है | और केंद्र सरकार से मांग करते है कि National Joint Committee for Steels (NJCS) को तुरंत भंग कर हमारे भविष्य से खिलवाड़ करने से रोके |
साथ ही NJCS द्वारा किये गए भेदभाव पूर्ण समझौते को रद्द कर DPE गाईड लाइन के तहत हमारा वेज रिविजन AS PER EXECUTIVE कारने की कृपा करे |
सधन्यवाद,
फैसला लेने वाले
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25 नवंबर 2021 पर पेटीशन बनाई गई