भलस्वा झील बचाओ अभियान- आशीष पोखरियाल


भलस्वा झील बचाओ अभियान- आशीष पोखरियाल
समस्या
दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की सबसे मशहूर भलस्वा (मोती झील) झील बीते कई वर्षो से बदहाली की मार झेल रही है। झील जो की 1700 मीटर लम्बी व 500 मीटर चौड़ी हैं, के चारों ओर इतनी गंदगी है की उसमे खरपतवार उग आए हैं। इतना ही नहीं झील के बीचों बीच कभी जहाँ गहरा साफ सुथरा पानी हुआ करता था, वहां आज लंबी-लंबी घास और झाडिय़ां उग आयी हैं। झील सूखने के कारण अब कुछ ही जगहों पर पानी दिखाई देता है। वही प्रशासनिक अनदेखी के कारण इस झील का अस्तित्व समाप्त होता दिखाई दे रहा है। झील एक समय इलाके के लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र हुआ करती थी। मौजूदा हालत यह है कि इस क्षेत्र में कोई भी फटकने को तैयार नहीं है। कूड़े के ढेर से पटी हुई झील लगातार गायब होती जा रही है। इस झील में जंगली जीव, जलीय पक्षी, सारस आदि आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे। जो गंदगी होने के कारण अब बहुत कम ही दिखाई पड़ते हैं।
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