Petition updatePunish Manish Thapa for killing 3 voiceless dogsतीन कुत्तों की हत्या का आरोपी सेनाधिकारी छुट्टी पर मूवी रिव्यू

Ankit KalraDehradun, India
May 20, 2017
यहां गढ़ी कैंट इलाके में तीन आवारा कुत्तों की हत्या और दो अन्य को बुरी तरह जख्मी करने के आरोपी सेनाधिकारी के छुट्टी पर जाने की खबर है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी एनडी पांडे ने बताया कि मेजर मनीष थापा छुट्टी पर हैं और शहर में नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'उनका फोन भी पहुंच से बाहर है। हालांकि, यह जानवरों पर क्रूरता का मामला तब भी बनता है। हमें बताया गया है कि वह जल्द ही वापस लौटेंगे और सवाल-जवाब के लिए उपलब्ध होंगे।' पुलिस और आर्मी कोर्ट इस मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी मेजर के खिलाफ की गई एफआईआर में चश्मदीद ने आरोप लगाया गया कि 11 मई की रात को उन्होंने गली के आवारा कुत्तों को बुरी तरह पीटा। पिटाई से तीन कुत्तों की मौत हो गई, जबकि दो बुरी तरह घायल हुए थे। इस घटना के सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ। यहां तक की आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत से भी फेसबुक कैंपेन के जरिए मामले को अपने संज्ञान लेने की अपील की जा रही है।
घटना के एक चश्मदीद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को नाम ना जाहिर करने की शर्त पर बताया, 'रात 11 बजे के आसपास हमने कुत्तों की दर्द भरी चीखें सुनीं। हम दौड़कर बाहर आए और देखा कि अधिकारी रॉड लेकर कुत्तों का पीछा कर रहा था। हमने रोकने की कोशिश की, लेकिन जब तक वे (कुत्ते) हमें मिलते तीन मर चुके थे। इसके बाद अधिकारी चले गए। चौथा कुत्ता बेहोश था, जबकि पांचवा घायल था।'
इसके बाद गुरुवार 12 मई को पूजा बहुखंडी नाम की इस ऐक्टिविस्ट को एक फोन कॉल के जरिए गढ़ी कैंट इलाके में कुत्तों पर हुए हमले की सूचना मिली। पूजा ने कहा कि, 'मैंने घटना स्थल पर पहुंच कर कुत्तों को देखा, इन कुत्तों को स्टिक से पीटा गया था। हमला इतना क्रूरतापूर्ण था कि तीन कुत्तों की मौत हो गई और दो कुत्ते गंभीर रूप से घायल हो गए।' इसके अलावा पूजा ने बताया कि उन्होंने आरोपी अधिकारी से इस मामले में बात की लेकिन अधिकारी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। अधिकारी ने कहा कि उसने ये सब आत्मरक्षा में किया क्योंकि बुधवार रात को गली में घूमते वक्त इन कुत्तों ने उस पर हमला किया था।
पढ़ें, सेना के अधिकारी पर कुत्तों की हत्या का आरोप
एक वरिष्ठ सेना अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया था कि यह घटना आरोपी अधिकारी और एक अन्य अधिकारी (जो इन कुत्तों को खाना देता था) के बीच के झगड़े का परिणाम लगती है। आरोपी अधिकारी का कहना है कि जब वह अपने कुत्तों के साथ घूमने निकला तो कुछ कुत्तों ने उस पर हमला किया। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर एनडी पांडे ने कहा, 'हमने चश्मदीदों के साथ-साथ अधिकारी के पड़ोसियों से भी सवाल किए हैं। हमने दो घायल कुत्तों को देखा है, जिनमें से एक के सिर में कई चोटें हैं। यह साफ था कि उन्हें पीटा गया है। मारे गए तीन कुत्तों का पता अभी तक नहीं चला है।'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेजर थापा छुट्टी पर हैं और शहर में नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'उनका फोन भी पहुंच से बाहर है। हालांकि, तब भी जानवरों पर क्रूरता का मामला बनता है। हमें बताया गया है कि वह जल्द ही वापस लौटेंगे और सवाल-जवाब के लिए उपलब्ध होंगे।' इस घटना पर सेना ने अदालती कार्रवाई शुरू की है। दूसरी तरफ, अधिकारी को लेकर कड़ी लोगों की आलोचना देखने को मिली। उनके खिलाफ फेसबुक पर एक कैंपेन चलाया गया जिसमें आर्मी चीफ बिपिन रावत से उनके खिलाफ ऐक्शन लेने की अपील की गई है। ऐक्टिविस्ट पूजा बहुखंडी ने कहा, 'वाद-विवाद करने से उन कुत्तों की हत्या को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। उनकी बॉडी नहीं भी मिलती, तब भी अधिकारियों को थापा के खिलाफ ऐक्शन लेना चाहिए।'
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