Medico-Protection Act Against Reporter Anjana Om Kashyap

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प्रति,
डॉ हर्ष वर्धन महोदय ,
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री,
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ,
दिल्ली ।

विषय - पत्रकार अंजना ओम कश्यप द्वारा मुजफ्फरपुर के सरकारीअस्पताल के NICU में प्रवेश कर चिकित्सकीय कार्य मे बाधा डालने और गंभीर बच्चों के जान के साथ खिलावाड़ के संबंध में ।

महोदय ,
आप के संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि सोशल वीडियो में एक वीडियो वायरल हो रहा है , जिसमें आज तक की पत्रकार महोदया , अंजना ओम कश्यप द्वारा NICU में कार्यरत ड्यूटी डॉक्टर के इलाज में बाधा पहुंचा रही है । बीमारी से ग्रसित छोटे छोटे बच्चों की हालात बहुत नाजुक होने पर ही उन्हें NICU में भर्ती किया जाता है । लेकिन पत्रकार महोदया ने अत्यंत ही संवेदनहीनता , मूर्खता और अमानवीयता का परिचय देते हुए बिना किसी प्रोटोकॉल और अनुमति के NICU में प्रवेश किया और नवजात बच्चों के जीवन-मृत्यु के बीच खड़े डॉक्टर् के इलाज मे बाधा पहुंचा कर कई माताओं की गोद उजाड़ने का वीभत्स प्रयास कर डाला ।
महोदय अस्पताल के ICU/वार्ड में अनाधिकृत और नॉन टेक्नीकल व्यक्ति या व्यक्ति के समूह के प्रवेश से गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य में निम्नाकित परिस्तिथि उत्पन्न होने की प्रबल सम्भवना रहती है -

1. शोरगुल का विपरीत प्रभाव - ऐसे परिस्तिथियो में काफी शोरगुल उतपन्न होता है । और इस शोरगुल से गंभीर मरीजों की नाज़ुक स्तिथि और ज्यादा नाज़ुक होने की काफी प्रबल संभावना रहती है । इससे जान का खतरा भी रहता है ।
2. इन्फेक्शन का खतरा - वार्ड/ICU में प्रवेश करने वालों व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्तिथि की कोई जानकारी नही होती है ।और ऐसे व्यक्ति ICU/वार्ड में घुसने सम्बधी कोई प्रोटोकॉल फॉलो नही करते हैं । जैसा कि वायरल वीडियो में दिख ही रह है। अतः ऐसे परिस्तिथियो में जीवन मृत्य के बीच खेल रहे मरीजों को तरह तरह के इन्फेक्शन का भयंकर खतरा रहता है । और ऐसे अनाधिकृत, पढ़े-लिखे, अनपढ़ व्यक्ति गंभीर मरीजों को मौत के समीप ले जाने में अपनी अमानवीय भूमिका बेशर्मी से निभाते हैं ।
03. सफोकशन का खतरा - महोदय आपको विदित होगा कि सरकारी अस्पतालों के वार्डों में क्षमता से अधिक ही मरीज़ भर्ती रहते हैं । और साथ मे आवश्यकता से कहीं अधिक उनके परिजन भी । आपको ये भी विदित होगा कि ICU/वार्ड की संरचना के हिसाब से ही बेड की संख्या तय की जाती है । जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार का सफोकेशन न हो । लेकिन वार्ड/ICU में अनाधिकृत जमावड़े से गंभीर मरीजों को सफोकशन की दिक्कत होना स्वाभिक होता है । ऐसा अनाधिकृत जमावड़ा गंभीर मरीजों के गला घोटने के समान ही है । और बेबस बेहोश व्यक्ति को तो सफोकशन के बारे में पता ही नही चलता और अकाल ही मौत की काल मे चला जाता है ।
04. मरीजों की गोपनीयता का हनन - वार्ड में लाचार मरीज़ अपने बेड में ही दैनिक क्रिया करने में बाध्य होते हैं । साथ ही अपने बीमारी और उनके लक्षण हर किसी के सामने उजागर नही करना चाहते हैं । जो कि उनका गोपनियता का अधिकार है । लेकिन अनाधिकृत प्रवेश से मरीजों की गोपनीयता का हनन होता है , जो कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है ।
05. गंदगी को बढ़ावा - स्वच्छता के फायदे तो आज के नेता डॉक्टर से भी ज्यादा जानते हैं । बार बार अनाधिकृत प्रवेश से वार्ड की स्वच्छता प्रभवित होती है । और गंदगी बढ़ती है ।
महोदय अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने और मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए जाएं । तथा पत्रकार महोदया अंजना ओम कश्यप के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कारवाई की जाए ।
धन्यवाद !

                                        Dr Iqbal Hussain
                                      Executive President
                                                   CIDA