

Demand, Immediate FIR Against Kirit Somaiya for Promoting Communal Hatred


Demand, Immediate FIR Against Kirit Somaiya for Promoting Communal Hatred
The Issue
PETITION TO:
Honorable Home Minister, Maharashtra State – Devendra Fadnavis
Honorable Deputy Chief Minister, Maharashtra State - Eknath Shindeji
Honorable Deputy Chief Minister, Maharashtra State - Shrimati Sumetra Pawar
Honorable Chief Justice, Bombay High Court - Shri Chadrashekarji
Honorable Commissioner of Police, Mumbai – Shri Deven Bharti
📝 PETITION STATEMENT:
We, the concerned citizens of India, through this online public interest petition, raise our collective voice against the repeated and provocative actions of Kirit Somaiya, which have caused serious concern regarding communal harmony and public peace in Maharashtra.
It has been widely observed that:
Statements such as “School Jihad” in Mumbai have been made without verified evidence, directly impacting the reputation of a specific community.
Allegations regarding “fake birth certificates” and “illegal infiltrators” in Muslim-majority areas like Malegaon have created fear, mistrust, and defamation of innocent citizens.
Repeated narratives have been used that generalize and target a particular religious community, which is harmful to social unity and national integrity.
These actions have contributed to:
Rising communal tension and division
Fear and insecurity among citizens
Disturbance of public peace and harmony
⚖️ LEGAL BASIS (UNDER BHARATIYA NYAYA SANHITA - BNS):
Such actions may attract offences under:
Section 196 BNS – Promoting enmity between different groups on grounds of religion
Section 299 BNS – Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings
Section 356 BNS – Defamation
Section 353 BNS – Statements conducing to public mischief and promoting hatred
✊ OUR DEMANDS:
We, the undersigned, respectfully demand that authorities:
Register an immediate FIR against Kirit Somaiya.
Conduct a fair, independent, and time-bound investigation.
Take strict action to prevent further communal provocation.
Ensure protection of constitutional rights, dignity, and unity of all citizens.
📣 WHY THIS PETITION MATTERS:
India’s strength lies in its unity in diversity. Any attempt to divide communities through irresponsible statements or misinformation must be addressed firmly and lawfully.
This petition is not against any individual personally, but against actions that threaten peace, harmony, and constitutional values.
HINDI
📜 याचिका (PETITION) – हिंदी अनुवाद
प्रति:
माननीय गृह मंत्री, महाराष्ट्र राज्य – देवेंद्र फडणवीसजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – एकनाथ शिंदेजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – सुमित्रा पवारजी
माननीय मुख्य न्यायाधीश, Bombay High Court – चंद्रशेखर जी
माननीय पुलिस आयुक्त, मुंबई – देवन भारती
हम, भारत के चिंतित नागरिक, इस ऑनलाइन जनहित याचिका के माध्यम से अपनी सामूहिक आवाज उठाते हुए, किरित सोमैया के बार-बार भड़काऊ और उकसाने वाले कार्यों के विरुद्ध गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं, जिनसे महाराष्ट्र में सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
यह व्यापक रूप से देखा गया है कि:
मुंबई में “स्कूल जिहाद” जैसे बयान बिना किसी प्रमाणित साक्ष्य के दिए गए हैं, जिससे एक विशेष समुदाय की छवि पर सीधा असर पड़ा है।
“फर्जी जन्म प्रमाणपत्र” और “अवैध घुसपैठियों” जैसे आरोप, विशेषकर मालेगांव जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में, भय, अविश्वास और निर्दोष नागरिकों की बदनामी का कारण बने हैं।
बार-बार ऐसे कथनों का उपयोग किया गया है जो एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाते हैं, जो सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक है।
इन कार्यों के परिणामस्वरूप:
सांप्रदायिक तनाव और विभाजन में वृद्धि हुई है
नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है
सार्वजनिक शांति और सौहार्द में बाधा उत्पन्न हुई है
⚖️ कानूनी धाराएं – हिंदी
धारा 196 BNS – धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना
धारा 299 BNS – जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिनका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है
धारा 356 BNS – मानहानि
धारा 353 BNS – ऐसे बयान जो सार्वजनिक अशांति फैलाते हैं और घृणा को बढ़ावा देते हैं
✊ हमारी मांगें:
हम, हस्ताक्षरकर्ता, संबंधित प्राधिकरणों से सम्मानपूर्वक मांग करते हैं कि:
किरित सोमैया के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।
निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की जाए।
आगे किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक उकसावे को रोकने हेतु सख्त कार्रवाई की जाए।
सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों, गरिमा और एकता की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
📣 यह याचिका क्यों महत्वपूर्ण है:
भारत की ताकत उसकी “एकता में विविधता” में निहित है। गैर-जिम्मेदाराना बयानों या गलत सूचनाओं के माध्यम से समाज को विभाजित करने का कोई भी प्रयास सख्ती और कानून के अनुसार रोका जाना चाहिए।
यह याचिका किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि उन कार्यों के विरुद्ध है जो शांति, सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को खतरे में डालते हैं।
MARATHI
📜 याचिका (PETITION) – मराठी अनुवाद
प्रति:
माननीय गृहमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – देवेंद्र फडणवीस
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – एकनाथ शिंदेजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – सुमित्रा पवारजी
माननीय मुख्य न्यायाधीश, Bombay High Court – चंद्रशेखरजी
माननीय पोलीस आयुक्त, मुंबई – देवन भारती
आम्ही, भारताचे सजग नागरिक, या ऑनलाइन जनहित याचिकेद्वारे आमचा सामूहिक आवाज व्यक्त करत आहोत आणि किरीट सोमैया यांच्या वारंवार भडकावू आणि उत्तेजक कृतींबद्दल गंभीर चिंता व्यक्त करीत आहोत, ज्यामुळे महाराष्ट्रातील सांप्रदायिक सौहार्द आणि सार्वजनिक शांततेवर विपरीत परिणाम झाला आहे।
हे व्यापकपणे दिसून आले आहे की:
मुंबईमध्ये “स्कूल जिहाद” सारखी विधाने कोणत्याही सत्यापित पुराव्याशिवाय करण्यात आली आहेत, ज्यामुळे एका विशिष्ट समुदायाच्या प्रतिमेवर थेट परिणाम झाला आहे।
“बनावट जन्म प्रमाणपत्रे” आणि “बेकायदेशीर घुसखोर” यांसारखे आरोप, विशेषतः मालेगावसारख्या मुस्लिम बहुल भागांमध्ये, भीती, अविश्वास आणि निरपराध नागरिकांची बदनामी निर्माण करतात।
वारंवार अशा कथनांचा वापर करण्यात आला आहे ज्यामुळे एका विशिष्ट धार्मिक समुदायाला लक्ष्य केले जाते, जे सामाजिक एकात्मता आणि राष्ट्रीय एकतेसाठी हानिकारक आहे।
या कृतींमुळे:
सांप्रदायिक तणाव आणि विभागणी वाढली आहे
नागरिकांमध्ये भीती आणि असुरक्षिततेची भावना निर्माण झाली आहे
सार्वजनिक शांतता आणि सौहार्द बाधित झाले आहे
⚖️ कायदेशीर कलमे – मराठी
कलम 196 BNS – धर्माच्या आधारावर विविध गटांमध्ये वैमनस्य निर्माण करणे
कलम 299 BNS – जाणीवपूर्वक आणि द्वेषपूर्ण कृती, ज्यामुळे धार्मिक भावना दुखावल्या जातात
कलम 356 BNS – मानहानी
कलम 353 BNS – सार्वजनिक अशांतता निर्माण करणारे आणि द्वेष पसरवणारे विधान
✊ आमच्या मागण्या:
आम्ही, खाली सही करणारे नागरिक, संबंधित अधिकाऱ्यांकडे आदरपूर्वक मागणी करतो की:
किरित सोमैया यांच्या विरोधात तात्काळ FIR नोंदवावी।
निष्पक्ष, स्वतंत्र आणि वेळबद्ध चौकशी करण्यात यावी।
पुढील कोणत्याही सांप्रदायिक भडकावू कृतींना आळा घालण्यासाठी कठोर कारवाई करण्यात यावी।
सर्व नागरिकांच्या घटनात्मक हक्कांचे, सन्मानाचे आणि एकतेचे संरक्षण सुनिश्चित करण्यात यावे।
📣 ही याचिका का महत्त्वाची आहे:
भारताची ताकद त्याच्या “विविधतेतील एकता” या तत्वात आहे। गैरजबाबदार वक्तव्ये किंवा चुकीची माहिती वापरून समाजात फूट पाडण्याचा कोणताही प्रयत्न कडकपणे आणि कायद्याच्या चौकटीत थांबवला गेला पाहिजे।
ही याचिका कोणत्याही व्यक्तीविरुद्ध वैयक्तिकरित्या नसून, त्या कृतींविरुद्ध आहे ज्या शांतता, सौहार्द आणि घटनात्मक मूल्यांना धोका निर्माण करतात।

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The Issue
PETITION TO:
Honorable Home Minister, Maharashtra State – Devendra Fadnavis
Honorable Deputy Chief Minister, Maharashtra State - Eknath Shindeji
Honorable Deputy Chief Minister, Maharashtra State - Shrimati Sumetra Pawar
Honorable Chief Justice, Bombay High Court - Shri Chadrashekarji
Honorable Commissioner of Police, Mumbai – Shri Deven Bharti
📝 PETITION STATEMENT:
We, the concerned citizens of India, through this online public interest petition, raise our collective voice against the repeated and provocative actions of Kirit Somaiya, which have caused serious concern regarding communal harmony and public peace in Maharashtra.
It has been widely observed that:
Statements such as “School Jihad” in Mumbai have been made without verified evidence, directly impacting the reputation of a specific community.
Allegations regarding “fake birth certificates” and “illegal infiltrators” in Muslim-majority areas like Malegaon have created fear, mistrust, and defamation of innocent citizens.
Repeated narratives have been used that generalize and target a particular religious community, which is harmful to social unity and national integrity.
These actions have contributed to:
Rising communal tension and division
Fear and insecurity among citizens
Disturbance of public peace and harmony
⚖️ LEGAL BASIS (UNDER BHARATIYA NYAYA SANHITA - BNS):
Such actions may attract offences under:
Section 196 BNS – Promoting enmity between different groups on grounds of religion
Section 299 BNS – Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings
Section 356 BNS – Defamation
Section 353 BNS – Statements conducing to public mischief and promoting hatred
✊ OUR DEMANDS:
We, the undersigned, respectfully demand that authorities:
Register an immediate FIR against Kirit Somaiya.
Conduct a fair, independent, and time-bound investigation.
Take strict action to prevent further communal provocation.
Ensure protection of constitutional rights, dignity, and unity of all citizens.
📣 WHY THIS PETITION MATTERS:
India’s strength lies in its unity in diversity. Any attempt to divide communities through irresponsible statements or misinformation must be addressed firmly and lawfully.
This petition is not against any individual personally, but against actions that threaten peace, harmony, and constitutional values.
HINDI
📜 याचिका (PETITION) – हिंदी अनुवाद
प्रति:
माननीय गृह मंत्री, महाराष्ट्र राज्य – देवेंद्र फडणवीसजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – एकनाथ शिंदेजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – सुमित्रा पवारजी
माननीय मुख्य न्यायाधीश, Bombay High Court – चंद्रशेखर जी
माननीय पुलिस आयुक्त, मुंबई – देवन भारती
हम, भारत के चिंतित नागरिक, इस ऑनलाइन जनहित याचिका के माध्यम से अपनी सामूहिक आवाज उठाते हुए, किरित सोमैया के बार-बार भड़काऊ और उकसाने वाले कार्यों के विरुद्ध गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं, जिनसे महाराष्ट्र में सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
यह व्यापक रूप से देखा गया है कि:
मुंबई में “स्कूल जिहाद” जैसे बयान बिना किसी प्रमाणित साक्ष्य के दिए गए हैं, जिससे एक विशेष समुदाय की छवि पर सीधा असर पड़ा है।
“फर्जी जन्म प्रमाणपत्र” और “अवैध घुसपैठियों” जैसे आरोप, विशेषकर मालेगांव जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में, भय, अविश्वास और निर्दोष नागरिकों की बदनामी का कारण बने हैं।
बार-बार ऐसे कथनों का उपयोग किया गया है जो एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाते हैं, जो सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक है।
इन कार्यों के परिणामस्वरूप:
सांप्रदायिक तनाव और विभाजन में वृद्धि हुई है
नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है
सार्वजनिक शांति और सौहार्द में बाधा उत्पन्न हुई है
⚖️ कानूनी धाराएं – हिंदी
धारा 196 BNS – धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना
धारा 299 BNS – जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिनका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है
धारा 356 BNS – मानहानि
धारा 353 BNS – ऐसे बयान जो सार्वजनिक अशांति फैलाते हैं और घृणा को बढ़ावा देते हैं
✊ हमारी मांगें:
हम, हस्ताक्षरकर्ता, संबंधित प्राधिकरणों से सम्मानपूर्वक मांग करते हैं कि:
किरित सोमैया के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।
निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की जाए।
आगे किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक उकसावे को रोकने हेतु सख्त कार्रवाई की जाए।
सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों, गरिमा और एकता की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
📣 यह याचिका क्यों महत्वपूर्ण है:
भारत की ताकत उसकी “एकता में विविधता” में निहित है। गैर-जिम्मेदाराना बयानों या गलत सूचनाओं के माध्यम से समाज को विभाजित करने का कोई भी प्रयास सख्ती और कानून के अनुसार रोका जाना चाहिए।
यह याचिका किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि उन कार्यों के विरुद्ध है जो शांति, सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को खतरे में डालते हैं।
MARATHI
📜 याचिका (PETITION) – मराठी अनुवाद
प्रति:
माननीय गृहमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – देवेंद्र फडणवीस
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – एकनाथ शिंदेजी
माननीय उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र राज्य – सुमित्रा पवारजी
माननीय मुख्य न्यायाधीश, Bombay High Court – चंद्रशेखरजी
माननीय पोलीस आयुक्त, मुंबई – देवन भारती
आम्ही, भारताचे सजग नागरिक, या ऑनलाइन जनहित याचिकेद्वारे आमचा सामूहिक आवाज व्यक्त करत आहोत आणि किरीट सोमैया यांच्या वारंवार भडकावू आणि उत्तेजक कृतींबद्दल गंभीर चिंता व्यक्त करीत आहोत, ज्यामुळे महाराष्ट्रातील सांप्रदायिक सौहार्द आणि सार्वजनिक शांततेवर विपरीत परिणाम झाला आहे।
हे व्यापकपणे दिसून आले आहे की:
मुंबईमध्ये “स्कूल जिहाद” सारखी विधाने कोणत्याही सत्यापित पुराव्याशिवाय करण्यात आली आहेत, ज्यामुळे एका विशिष्ट समुदायाच्या प्रतिमेवर थेट परिणाम झाला आहे।
“बनावट जन्म प्रमाणपत्रे” आणि “बेकायदेशीर घुसखोर” यांसारखे आरोप, विशेषतः मालेगावसारख्या मुस्लिम बहुल भागांमध्ये, भीती, अविश्वास आणि निरपराध नागरिकांची बदनामी निर्माण करतात।
वारंवार अशा कथनांचा वापर करण्यात आला आहे ज्यामुळे एका विशिष्ट धार्मिक समुदायाला लक्ष्य केले जाते, जे सामाजिक एकात्मता आणि राष्ट्रीय एकतेसाठी हानिकारक आहे।
या कृतींमुळे:
सांप्रदायिक तणाव आणि विभागणी वाढली आहे
नागरिकांमध्ये भीती आणि असुरक्षिततेची भावना निर्माण झाली आहे
सार्वजनिक शांतता आणि सौहार्द बाधित झाले आहे
⚖️ कायदेशीर कलमे – मराठी
कलम 196 BNS – धर्माच्या आधारावर विविध गटांमध्ये वैमनस्य निर्माण करणे
कलम 299 BNS – जाणीवपूर्वक आणि द्वेषपूर्ण कृती, ज्यामुळे धार्मिक भावना दुखावल्या जातात
कलम 356 BNS – मानहानी
कलम 353 BNS – सार्वजनिक अशांतता निर्माण करणारे आणि द्वेष पसरवणारे विधान
✊ आमच्या मागण्या:
आम्ही, खाली सही करणारे नागरिक, संबंधित अधिकाऱ्यांकडे आदरपूर्वक मागणी करतो की:
किरित सोमैया यांच्या विरोधात तात्काळ FIR नोंदवावी।
निष्पक्ष, स्वतंत्र आणि वेळबद्ध चौकशी करण्यात यावी।
पुढील कोणत्याही सांप्रदायिक भडकावू कृतींना आळा घालण्यासाठी कठोर कारवाई करण्यात यावी।
सर्व नागरिकांच्या घटनात्मक हक्कांचे, सन्मानाचे आणि एकतेचे संरक्षण सुनिश्चित करण्यात यावे।
📣 ही याचिका का महत्त्वाची आहे:
भारताची ताकद त्याच्या “विविधतेतील एकता” या तत्वात आहे। गैरजबाबदार वक्तव्ये किंवा चुकीची माहिती वापरून समाजात फूट पाडण्याचा कोणताही प्रयत्न कडकपणे आणि कायद्याच्या चौकटीत थांबवला गेला पाहिजे।
ही याचिका कोणत्याही व्यक्तीविरुद्ध वैयक्तिकरित्या नसून, त्या कृतींविरुद्ध आहे ज्या शांतता, सौहार्द आणि घटनात्मक मूल्यांना धोका निर्माण करतात।

713
The Decision Makers

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Petition created on 29 April 2026