Road Nahin To Vote Nahin.

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लखीसराय से शेखपुरा को जोडने बाली राज्य परिवहन की सड़क जिसे पचना रोड या राजगीर रोड के नाम से जाना जाता है।राजनीतिक और प्रशासनिक उदासीनता के कारन  इस सड़क की हालत वर्षों से दयनीय है। यह सड़क 20 गाओं को जिला मुख्यालय और बाज़ार से जुड़ने का मुख्य मार्ग है।

 लखीसराय शहर के पचना रोड से पतनेर, मोरमा, तिलोखर होते हुए शेखपुरा जिले को जोड़ने वाली 12 किलोमीटर लंबी सड़क जर्जर हो चुकी है। यह सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। बरसात का मौसम रहने के कारण गड़ढे में जमा पानी से सड़क पर तालाब बन गया है। कीचड़ और जमा पानी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क की स्थिति यह है कि बाइक से भी चलना जोखिम भरा हो गया है। इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग लोकसभा चुनाव 2014 से पहले से ही ग्रामीण करते आ रहे हैं। लेकिन आज तक सड़क की सूरत नहीं बदली। ग्रामीणों को इस बात की पीड़ा है कि दो जिलों को जोड़ने वाली इस सड़क से 19 गांव की बड़ी आबादी भी जुड़ी है। लेकिन इस जर्जर सड़क की सुध किसी ने नहीं ली। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ झूठे वायदे करते रहे। सरकार और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराज क्षेत्र के ग्रामीण गोलबंद होकर जनआंदोलन का एलान कर दिया है। पतनेर गांव में 28 जून को कुल 19 गांव के ग्रामीणों ने एक बैठक कर पीडब्ल्यूडी रोड नहीं तो वोट नहीं का संकल्प लेकर आंदोलन का शंखनाद किया। जानकारी हो कि लखीसराय के पूर्व विधायक स्व. यदुवंश प्रसाद सिंह, स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे स्व. अखिलेश्वर सिंह का पतनेर पैतृक गांव है। लेकिन आज विकास की इस दौर में भी जिला मुख्यालय से पूर्व विधायक के गांव तक जाने वाली सड़क की दुर्दशा न्याय के साथ विकास के हर दावे की पोल खोल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अब चुप रहने और इंतजार करने का समय चला गया है। लखीसराय पचना रोड से पतनेर, मोरमा, तिलोखर तक करीब 12 किलोमीटर दूरी तक सड़क जर्जर होकर टुकड़े टुकड़े में गड्ढा बन गया है।