सूरज से समृद्ध हो! हमारा उत्तर प्रदेश!


सूरज से समृद्ध हो! हमारा उत्तर प्रदेश!
The Issue
सौर ऊर्जा हमे हमारी कई समस्याओं का समाधान और सुविधा देती है। यह परंपरागत बिजली के बिलों की तुलना में बेहद किफायती है, पर्यावरण के अनुकूल है, ग्रीन जॉब्स को बढ़ावा देकर रोज़गार के संकट को कम करने में मदद कर सकती है, ऊर्जा-सुरक्षा के संदर्भ में हमें आत्मनिर्भर बनाता है और सौर ऊर्जा से उपलब्ध ऊर्जा को हम घरेलू उपयोग (निजी) और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों (व्यावसायिक) में भी प्रयोग कर सकते हैं। इन सभी लाभों से उत्तर प्रदेश सरकार भली भांति अवगत है, जिसे हम ‘उत्तर प्रदेश सोलर पॉलिसी 2017’ के रूप में देख सकते हैं। इस पॉलिसी के अंतर्गत कुल 10700 मेगावाट का लक्ष्य 2022 तक तय किया गया है, इसमें 4300 मेगावाट सोलर रूफटॉप का लक्ष्य शामिल है। पर्यावरण अनुकूल और किफायती ऊर्जा के रूप में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार का एक सराहनीय काम है। इससे आगे बढ़ें तो अभी हाल ही में राज्य सरकार ने सोलर सिटी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 5 शहरों (वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर) को सौर ऊर्जा से 2024 तक संचालित किये जाने की घोषणा की है।
जबकि इस योजना की घोषणा हुए 9 महीने बीत चुके हैं, ऐसे में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत में प्रथम और दूसरे स्थान पर मौजूद राज्य उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख नगरों यथा लखनऊ, आगरा, कानपुर एवं मेरठ व अन्य को भी सोलर सिटी कार्यक्रम में शामिल किये जाने की जरुरत है। ऐसा करने से इन शहरों में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों, पर्यटन क्षेत्रों, आपसी सौहार्द, खेल-कूद, शिक्षण-अनुसंधान, आर्थिक-राजनीतिक, शास्त्रीय संगीत-कला आदि को नयी पहचान मिलेगी। सूरज से समृद्ध उत्तर प्रदेश अभियान प्रदेश सरकार से यह आग्रह करता है कि इन शहरों की महत्ता को देखते हुए सोलर सिटीज प्रोजेक्ट में प्रदेश के अधिक से अधिक शहरों को शामिल किया जाए। प्रदेश के 1 मिलियन से अधिक जनसंख्या वाले शहर, स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में शामिल शहर और वायु प्रदूषण से अधिक प्रभावित शहरों को यूपी के सोलर सिटी प्रोग्राम में शामिल किया जाना चाहिए। जिससे उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के साथ स्वच्छ पर्यावरण एवं सतत विकास के साथ आगे बढ़े।
इसके अलावा, एक अन्य तथ्य यह भी है कि उत्तर प्रदेश, देश की राजनीति की दशा दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश का परिचय और अस्तित्व केवल राजनीति से जुड़ा हुआ नहीं है, हमारा प्रदेश हमेशा से विविधता में एकता को एक धागे में पीरो कर रखता है। प्रदेश में विभिन्न धर्म, कला-संस्कृति, भाषा, त्योहारों आदि का एक लम्बा इतिहास है जो हमें एक समरूपता में बांधे रखता है। ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब/संस्कृति’ हमेशा से एक बेहतरीन उदाहरण है जिससे प्रदेश की मिली जुली संस्कृति को पहचाना जा सकता है। अनेकता में एकता का यह खूबसूरत सामंजस्य प्रदेश में निवास करने वाले हर एक व्यक्ति की साझा पहचान है।
वैसे भी, प्रदेश में बड़े सोलर प्लांट्स की स्थापना में प्रदेश सरकार अपने लक्ष्य के नज़दीक है लेकिन सोलर रूफटॉप के लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। इसकी प्रतिपूर्ति सोलर सिटी योजना में लखनऊ, आगरा, कानपुर एवं मेरठ जैसे अधिक से अधिक शहरों को जोड़ कर ही संभव है।
इसलिए आइये ! इस याचिका के माध्यम से हम माननीय मुख्यमंत्री और माननीय ऊर्जा मंत्री से यह अनुरोध करें कि उत्तर प्रदेश के सोलर सिटी योजना में प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों को भी शामिल किया जाए, और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित सौर ऊर्जा लक्ष्यों को 2022 तक हासिल करना सुनिश्चित किया जाए!!
अपना समर्थन दर्ज करने के लिए निम्न जानकारी भरें और अपने मूल्यवान सुझाव भी कमेंट बॉक्स में अवश्य दें.
आपके सहयोग के लिए धन्यवाद!!
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सौर ऊर्जा हमे हमारी कई समस्याओं का समाधान और सुविधा देती है। यह परंपरागत बिजली के बिलों की तुलना में बेहद किफायती है, पर्यावरण के अनुकूल है, ग्रीन जॉब्स को बढ़ावा देकर रोज़गार के संकट को कम करने में मदद कर सकती है, ऊर्जा-सुरक्षा के संदर्भ में हमें आत्मनिर्भर बनाता है और सौर ऊर्जा से उपलब्ध ऊर्जा को हम घरेलू उपयोग (निजी) और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों (व्यावसायिक) में भी प्रयोग कर सकते हैं। इन सभी लाभों से उत्तर प्रदेश सरकार भली भांति अवगत है, जिसे हम ‘उत्तर प्रदेश सोलर पॉलिसी 2017’ के रूप में देख सकते हैं। इस पॉलिसी के अंतर्गत कुल 10700 मेगावाट का लक्ष्य 2022 तक तय किया गया है, इसमें 4300 मेगावाट सोलर रूफटॉप का लक्ष्य शामिल है। पर्यावरण अनुकूल और किफायती ऊर्जा के रूप में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार का एक सराहनीय काम है। इससे आगे बढ़ें तो अभी हाल ही में राज्य सरकार ने सोलर सिटी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 5 शहरों (वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर) को सौर ऊर्जा से 2024 तक संचालित किये जाने की घोषणा की है।
जबकि इस योजना की घोषणा हुए 9 महीने बीत चुके हैं, ऐसे में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत में प्रथम और दूसरे स्थान पर मौजूद राज्य उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख नगरों यथा लखनऊ, आगरा, कानपुर एवं मेरठ व अन्य को भी सोलर सिटी कार्यक्रम में शामिल किये जाने की जरुरत है। ऐसा करने से इन शहरों में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों, पर्यटन क्षेत्रों, आपसी सौहार्द, खेल-कूद, शिक्षण-अनुसंधान, आर्थिक-राजनीतिक, शास्त्रीय संगीत-कला आदि को नयी पहचान मिलेगी। सूरज से समृद्ध उत्तर प्रदेश अभियान प्रदेश सरकार से यह आग्रह करता है कि इन शहरों की महत्ता को देखते हुए सोलर सिटीज प्रोजेक्ट में प्रदेश के अधिक से अधिक शहरों को शामिल किया जाए। प्रदेश के 1 मिलियन से अधिक जनसंख्या वाले शहर, स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में शामिल शहर और वायु प्रदूषण से अधिक प्रभावित शहरों को यूपी के सोलर सिटी प्रोग्राम में शामिल किया जाना चाहिए। जिससे उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के साथ स्वच्छ पर्यावरण एवं सतत विकास के साथ आगे बढ़े।
इसके अलावा, एक अन्य तथ्य यह भी है कि उत्तर प्रदेश, देश की राजनीति की दशा दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश का परिचय और अस्तित्व केवल राजनीति से जुड़ा हुआ नहीं है, हमारा प्रदेश हमेशा से विविधता में एकता को एक धागे में पीरो कर रखता है। प्रदेश में विभिन्न धर्म, कला-संस्कृति, भाषा, त्योहारों आदि का एक लम्बा इतिहास है जो हमें एक समरूपता में बांधे रखता है। ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब/संस्कृति’ हमेशा से एक बेहतरीन उदाहरण है जिससे प्रदेश की मिली जुली संस्कृति को पहचाना जा सकता है। अनेकता में एकता का यह खूबसूरत सामंजस्य प्रदेश में निवास करने वाले हर एक व्यक्ति की साझा पहचान है।
वैसे भी, प्रदेश में बड़े सोलर प्लांट्स की स्थापना में प्रदेश सरकार अपने लक्ष्य के नज़दीक है लेकिन सोलर रूफटॉप के लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। इसकी प्रतिपूर्ति सोलर सिटी योजना में लखनऊ, आगरा, कानपुर एवं मेरठ जैसे अधिक से अधिक शहरों को जोड़ कर ही संभव है।
इसलिए आइये ! इस याचिका के माध्यम से हम माननीय मुख्यमंत्री और माननीय ऊर्जा मंत्री से यह अनुरोध करें कि उत्तर प्रदेश के सोलर सिटी योजना में प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों को भी शामिल किया जाए, और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित सौर ऊर्जा लक्ष्यों को 2022 तक हासिल करना सुनिश्चित किया जाए!!
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Petition created on 13 April 2021