
सबसे पहले तो आप सभी का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूँ, जिन्होंने मेरी पेटीशन साइन की। काश, आपकी तरह भारत का हर नागरिक इस मुद्दे की गंभीरता को समझता।
मैंने ये पेटीशन इसलिए शुरू की थी ताकि मैं वो दिन देखूँ जहाँ भारत की संसद में भारत की बेटियों— उनके ज़ख़्मों, उनके आंसूओं, उनके मुद्दों पर ज़ोरदार चर्चा हो। और मीडिया एक-एक मुद्दे पर रिपोर्ट करे। जबतक ऐसा नहीं हो जाता, ना मैं चुप बैठूँगी और आशा करती हूँ ना आप चुप बैठेंगे। महिला सुरक्षा का मुद्दा किसी पार्टी का नहीं, बल्कि भारत के लोगों, उसकी संसद का भी मुद्दा बनेगा। वो दिन ज़रूर आएगा।
हम 1 लाख हस्ताक्षरों से केवल कुछ ही कदम दूर हैं। आप सबसे अनुरोध है कि मेरी पेटीशन को जितना हो सके, जहाँ हो सके शेयर करें। मैंने देखा है कि WhatsApp के ज़रिए कोई भी अभियान देश के कोने-कोने में पहुँच जाता है। आशा करती हूँ आप हमारे अभियान को WhatsApp पर अपने सभी दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करेंगे।
अभियान का लिंक- change.org/MahilaSansad
बहुत धन्यवाद,
योगिता