

राजस्थान के पंचायती राज और निकाय चुनावों में EWS (सामान्य वर्ग के तंग)लोगों को मिले अधिकार
The Issue
माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार एवं राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान।
मुख्य संदेश / विवरण:
लोकतंत्र की सबसे पहली सीढ़ी — ग्राम पंचायत और नगर निकाय — में हर गरीब का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए!
राजस्थान में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण देकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया था। लेकिन जब बात स्थानीय स्वशासन यानी पंचायत और नगर निकाय चुनावों की आती है, तो सामान्य वर्ग के गरीब परिवार केवल संसाधनों की कमी और बढ़ते 'धन बल' (Money Power) के कारण चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं।
गरीबी किसी जाति विशेष की नहीं होती। गांव और शहरों के कई ऐसे योग्य, शिक्षित और सेवाभावी नागरिक हैं, जो केवल आर्थिक तंगी के कारण चुनाव लड़ने का साहस नहीं जुटा पाते।
हम राजस्थान सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से निम्नलिखित मुख्य मांगों के लिए समर्थन मांगते हैं:
चुनावी शुल्क में राहत: SC/ST/OBC वर्ग की तर्ज पर EWS प्रमाण पत्र धारक उम्मीदवारों को पंचायती राज व निकाय चुनावों में नामांकन शुल्क और जमानत राशि (Security Deposit) में 50% की छूट दी जाए।
त्रिस्तरीय निकायों में प्रतिनिधित्व/कोटा: पंचायती राज अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम में आवश्यक सुधार करके EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अवसरों का दायरा सुनिश्चित किया जाए।
पारदर्शी और आसान प्रक्रिया: स्थानीय चुनावों में EWS वर्ग के योग्य और गरीब उम्मीदवारों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियम सरल बनाए जाएं।
यदि आप भी मानते हैं कि आर्थिक रूप से पिछड़े हर परिवार को लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने का समान अवसर मिलना चाहिए, तो इस पिटीशन पर डिजिटल हस्ताक्षर (Sign) करके अपना समर्थन दर्ज करें और इसे अधिक से अधिक शेयर करें!
'आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, तो क्या हुआ? लोकतंत्र में हक सबका है!'
सेवा में
हर्षवर्धन सिंह राघव (9079001151)
गांव कमरानी
जिला हनुमानगढ़, राजस्थान।

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The Issue
माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार एवं राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान।
मुख्य संदेश / विवरण:
लोकतंत्र की सबसे पहली सीढ़ी — ग्राम पंचायत और नगर निकाय — में हर गरीब का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए!
राजस्थान में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण देकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया था। लेकिन जब बात स्थानीय स्वशासन यानी पंचायत और नगर निकाय चुनावों की आती है, तो सामान्य वर्ग के गरीब परिवार केवल संसाधनों की कमी और बढ़ते 'धन बल' (Money Power) के कारण चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं।
गरीबी किसी जाति विशेष की नहीं होती। गांव और शहरों के कई ऐसे योग्य, शिक्षित और सेवाभावी नागरिक हैं, जो केवल आर्थिक तंगी के कारण चुनाव लड़ने का साहस नहीं जुटा पाते।
हम राजस्थान सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से निम्नलिखित मुख्य मांगों के लिए समर्थन मांगते हैं:
चुनावी शुल्क में राहत: SC/ST/OBC वर्ग की तर्ज पर EWS प्रमाण पत्र धारक उम्मीदवारों को पंचायती राज व निकाय चुनावों में नामांकन शुल्क और जमानत राशि (Security Deposit) में 50% की छूट दी जाए।
त्रिस्तरीय निकायों में प्रतिनिधित्व/कोटा: पंचायती राज अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम में आवश्यक सुधार करके EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अवसरों का दायरा सुनिश्चित किया जाए।
पारदर्शी और आसान प्रक्रिया: स्थानीय चुनावों में EWS वर्ग के योग्य और गरीब उम्मीदवारों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियम सरल बनाए जाएं।
यदि आप भी मानते हैं कि आर्थिक रूप से पिछड़े हर परिवार को लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने का समान अवसर मिलना चाहिए, तो इस पिटीशन पर डिजिटल हस्ताक्षर (Sign) करके अपना समर्थन दर्ज करें और इसे अधिक से अधिक शेयर करें!
'आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, तो क्या हुआ? लोकतंत्र में हक सबका है!'
सेवा में
हर्षवर्धन सिंह राघव (9079001151)
गांव कमरानी
जिला हनुमानगढ़, राजस्थान।

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Petition created on 11 August 2026