
*झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा का प्रेस कांफ्रेंस*
28 जुलाई, होटल अप्सरा (सर्कुलर रोड, रांची)
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*झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में प्रकाशनार्थ जारी हैंड आउट*
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* झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा द्वारा इस बात को लगातार उठाया जाता रहा है कि राज्य में इन दिनों शासन-प्रशासन वैश्यों को बेवजह निशाना बना रही है। शोषण-दमन और उत्पीड़न का शिकार वैश्य समाज को सोच-समझ कर बनाया जा रहा है। और आवाज उठाने, प्रतिकार करने पर केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है या पुलिस बल का इस्तेमाल कर आवाज को दबा दिया जा रहा है। निजी और पुस्तैनी संपति छीनवा दी जा रही है।
* इसका ताजा उदाहरण रांची जिला के हेहल अंचल अन्तर्गत, थाना-सुखदेव नगर के बजरा ग्राम की 7.16 एकड़ जमीन से संबंधित मामले को देख कर समझा जा सकता है। उपरोक्त भूमि (थाना नं.140, खाता नं.140, प्लॉट नं------) सर्वे खतियान में सीताराम साहु वगैरह के नाम से अंकित है, जिसके वंशज हाल के दिनों तक खेती-बारी करते रहे हैं और इनका दखल कब्जा भी था। लेकिन पिछले कुछ माह में फर्जी कागजों और दावेदारों का ऐसा दौर चला कि रांची के उपायुक्त महोदय के आदेशानुसार दबंग, फर्जी और भू-माफिया लोग उक्त जमीन का मालिक बन बैठे हैं तथा मूल खतियानी रैयत 'बदमाश' और 'भू-माफिया' कहलाने लगे।
* दरअसल रांची के उपायुक्त महोदय ने अपने एक आदेश-पत्र में जिन मूल खतियानी रैयतों को 'बदमाश' और 'भू-माफिया' की संज्ञा दी है, सभी जानते हैं वे संभ्रांत और प्रतिष्ठित परिवार के हैं। यह परिवार वैश्य जाति-समाज से आते हैं और सभी लोग खेती-बारी, व्यवसाय, नौकरीपेशा से जुड़े हैं। यहां तक कि इस परिवार के स्व. नारायण साहु एच.ई.सी. में अधिकारी थे और साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय एथलीट भी थे, जिन्होंने देश के लिए कई पदक हाशिल किया था। वैश्य समाज ने उन्हें 2014 में 'झारखंड वैश्य रत्न' की उपाधि से सम्मानित भी किया था।
* इस परिवार में राष्ट्रीय स्तर की योग शिक्षा से जुड़ी अर्चना कुमारी हैं, जबकि झारखंड आन्दोलनकारी अश्विनी कुमार साहु भी हैं, जो अब बड़े स्तर पर अपना व्यवसाय करते हैं।
* ऐसे लोगों के परिवार को रांची के उपायुक्त महोदय द्वारा 'बदमाश' और 'भू-माफिया' बताना, पूरे वैश्य समाज का अपमान है। उस परिवार को डरा कर अपनी जमीन पर दावेदारी छुड़वाने की सोची-समझी साजिश है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।
* चूंकि राज्य और देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में लाठी-गोली का डर दिखा कर जनता को डराया नहीं जा सकता है, इसलिए खतियानी रैयतों को भी अपनी माटी, अपनी जमीन बचाने के लिए लड़ने से रोका नहीं जा सकता है। इनके आन्दोलन और लड़ाई में वैश्य मोर्चा केवल साथ ही नहीं है, बल्कि आन्दोलन का नेतृत्व भी करने को तैयार है।
* वैश्य मोर्चा ने गत दिनों (20/7/2021 को) माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, महामहिम राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता एवं मुख्य सचिव (झारखंड) को ज्ञापन सौंप कर सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। और इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए मूल रैयतों को न्याय दिलाने का आग्रह किया गया है।
* चूंकि यह मामला वैश्य समाज के रैयतों के जमीन से जुड़ा है, उनकी रोजी-रोटी, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है तो माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से उम्मीद है कि वे जल्द ही सकारात्मक पहल करेंगे और रांची के उपायुक्त महोदय की गलत मंशा और कार्य प्रणाली पर रोक लगायेंगे तथा रैयतों को जमीन वापस दिलवाने का काम करेंगे।
* अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो बाध्य हो कर वैश्य मोर्चा आन्दोलन का रास्ता अपनायेगी और आगामी 3 अगस्त को राजभवन के समक्ष त्राहिमाम महाधरना का आयोजन किया जाएगा और राज्यपाल महोदय से न्याय की गुहार लगाई जायेगी।
* वैश्य मोर्चा सभी दलों के सम्मानित नेताओं एवं सामाजिक संगठनों से भी अपील करता है कि अधिकार और इंसाफ की लड़ाई में मूल खतियानी रैयतों का साथ दें, ताकि इंसानियत और लोकतंत्र जिन्दा रहे।
इस प्रेस कांफ्रेंस में वैश्य मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हीरानाथ साहु, वरीय उपाध्यक्ष संजीव चौधरी, प्रधान महासचिव बिरेन्द्र कुमार, केंद्रीय महासचिव इंदू भूषण गुप्ता, महासचिव सह प्रवक्ता कपिल प्रसाद साहु, मीडिया प्रभारी राहुल कुमार साहू, गुड्डू साहा, रेनू देवी,
~ भवदीय ~
*महेश्वर साहु*
केंद्रीय अध्यक्ष
*झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा*