

मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति व संरक्षण के लिए आगे आए, कदम बढ़ाए
The Issue
भगवान श्रीकृष्ण केवल एक धार्मिक आस्था के प्रतीक मात्र नहीं हैं; वे भारत की आत्मा, हमारी सांस्कृतिक चेतना, और सनातन सभ्यता के आधार स्तंभ हैं। मथुरा में स्थित उनका मूल जन्मस्थान करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। फिर भी, दशकों से यह स्थान इतिहास और पुरातत्व के महत्वपूर्ण साक्ष्यों के बावजूद अपने उचित और संवैधानिक पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
मथुरा का पुरा ऐतिहासिक महत्व, पुरातात्विक उत्खनन की रिपोर्ट्स, और अदालती दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह स्थान ही श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है। इसके बावजूद सत्य को सार्वजनिक और न्यायसंगत रूप से स्वीकार करने में विलंब हो रहा है, जो कि अनगिनत श्रद्धालुओं और संस्कृति के लिए पीड़ादायक है।
हमारी प्रमुख मांगें समर्पित हैं भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय, और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को। हम अनुरोध करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक धरोहर को कानूनी और संवैधानिक रूप से मान्यता दें और इसके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाएँ। यह एक मात्र याचिका नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और धरोहर को सुरक्षित करने की दिशा में एक कदम है।
हम अपील करते हैं कि आप हमारी याचिका पर हस्ताक्षर करें और इस प्रयास में सहभागी बनें ताकि हम मिलकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान की महत्ता को सहेज सकें और उनकी अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिए सुरक्षित कर सकें।
अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर एक ऐतिहासिक सत्य को स्वीकारें और धर्म और आस्था की इस महत्वपूर्ण विरासत को संरक्षित करें। कृपया इस याचिका को समर्थन दें और हस्ताक्षर करें, ताकि हमारी आवाज़ उन तक पहुँच सके जो महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में हैं।
आपकी 30 सेकंड की सहभागिता क्यों आवश्यक है?
जब हज़ारों-लाखों नागरिक एक स्वर में सत्य के पक्ष में हस्ताक्षर करते हैं, तो वह आवाज़ केवल एक डिजिटल आंकड़ा नहीं रहती—वह शासन, प्रशासन और न्यायपालिका के समक्ष जन-भावना का सबसे मजबूत प्रमाण बनती है।
इस अभियान में आपका एक रुपया भी नहीं लगना है।
इसमें किसी संस्था की सदस्यता नहीं लेनी है।
केवल अपना नाम और ईमेल दर्ज करके 'हस्ताक्षर करें' (Sign Petition) पर क्लिक करें।
आइए, मां गंगा के तट से उठे इस सात्विक संकल्प का हिस्सा बनें और सत्य की पुनर्स्थापना में अपना डिजिटल योगदान दें!

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भगवान श्रीकृष्ण केवल एक धार्मिक आस्था के प्रतीक मात्र नहीं हैं; वे भारत की आत्मा, हमारी सांस्कृतिक चेतना, और सनातन सभ्यता के आधार स्तंभ हैं। मथुरा में स्थित उनका मूल जन्मस्थान करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। फिर भी, दशकों से यह स्थान इतिहास और पुरातत्व के महत्वपूर्ण साक्ष्यों के बावजूद अपने उचित और संवैधानिक पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
मथुरा का पुरा ऐतिहासिक महत्व, पुरातात्विक उत्खनन की रिपोर्ट्स, और अदालती दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह स्थान ही श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है। इसके बावजूद सत्य को सार्वजनिक और न्यायसंगत रूप से स्वीकार करने में विलंब हो रहा है, जो कि अनगिनत श्रद्धालुओं और संस्कृति के लिए पीड़ादायक है।
हमारी प्रमुख मांगें समर्पित हैं भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय, और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को। हम अनुरोध करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक धरोहर को कानूनी और संवैधानिक रूप से मान्यता दें और इसके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाएँ। यह एक मात्र याचिका नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और धरोहर को सुरक्षित करने की दिशा में एक कदम है।
हम अपील करते हैं कि आप हमारी याचिका पर हस्ताक्षर करें और इस प्रयास में सहभागी बनें ताकि हम मिलकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान की महत्ता को सहेज सकें और उनकी अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिए सुरक्षित कर सकें।
अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर एक ऐतिहासिक सत्य को स्वीकारें और धर्म और आस्था की इस महत्वपूर्ण विरासत को संरक्षित करें। कृपया इस याचिका को समर्थन दें और हस्ताक्षर करें, ताकि हमारी आवाज़ उन तक पहुँच सके जो महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में हैं।
आपकी 30 सेकंड की सहभागिता क्यों आवश्यक है?
जब हज़ारों-लाखों नागरिक एक स्वर में सत्य के पक्ष में हस्ताक्षर करते हैं, तो वह आवाज़ केवल एक डिजिटल आंकड़ा नहीं रहती—वह शासन, प्रशासन और न्यायपालिका के समक्ष जन-भावना का सबसे मजबूत प्रमाण बनती है।
इस अभियान में आपका एक रुपया भी नहीं लगना है।
इसमें किसी संस्था की सदस्यता नहीं लेनी है।
केवल अपना नाम और ईमेल दर्ज करके 'हस्ताक्षर करें' (Sign Petition) पर क्लिक करें।
आइए, मां गंगा के तट से उठे इस सात्विक संकल्प का हिस्सा बनें और सत्य की पुनर्स्थापना में अपना डिजिटल योगदान दें!

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Petition created on 15 August 2026