

भारत में Food Adulteration और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाएँ


भारत में Food Adulteration और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाएँ
The Issue
भारत में आज मिलावटी दूध, नकली पनीर, केमिकल युक्त मिठाइयाँ, सिंथेटिक खाद्य पदार्थ और expired items पर नई expiry date लगाकर दोबारा बेचने जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन हानिकारक खाद्य पदार्थों का असर बच्चों पर पड़ रहा है। हमारे बच्चे ही भारत का भविष्य हैं। यदि बचपन से ही उन्हें खराब गुणवत्ता वाला भोजन और harmful chemicals दिए जाएँगे, तो आने वाले समय में स्वस्थ और मजबूत भारत की कल्पना कैसे की जा सकती है?
कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अन्य देशों में बेहतर quality ingredients इस्तेमाल करती हैं, लेकिन भारत में सस्ते और कम गुणवत्ता वाले विकल्पों का उपयोग किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, नकली दूध, नकली पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थ खुलेआम बाजारों में बिक रहे हैं।
दुर्भाग्य की बात यह है कि ऐसे मामलों में सजा अक्सर कमजोर होती है या कानूनी loopholes के कारण दोषी लोग आसानी से बच निकलते हैं। परिणामस्वरूप वही अपराध बार-बार दोहराए जाते हैं।
हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि:
• Food adulteration के खिलाफ कठोर और loophole-free कानून बनाए जाएँ
• Expired products की re-labeling को गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए
• नकली दूध, पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने वालों को कठोर सजा दी जाए
• Harmful ingredients और excessive Palm Oil पर स्पष्ट health warning अनिवार्य की जाए
• Repeat offenders के licenses स्थायी रूप से रद्द किए जाएँ
• पूरे देश में नियमित food safety inspections और testing बढ़ाई जाए
• बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए stricter food quality standards लागू किए जाएँ
यह केवल खाने की गुणवत्ता का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य, बच्चों के स्वास्थ्य और देश की सार्वजनिक सुरक्षा का प्रश्न है।
यदि आप भी मानते हैं कि भारतीय जनता सुरक्षित और शुद्ध भोजन की हकदार है, तो कृपया इस petition को sign करें और अपनी आवाज उठाएँ।
“Safe Food is not a Luxury, it is a Right.”

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The Issue
भारत में आज मिलावटी दूध, नकली पनीर, केमिकल युक्त मिठाइयाँ, सिंथेटिक खाद्य पदार्थ और expired items पर नई expiry date लगाकर दोबारा बेचने जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन हानिकारक खाद्य पदार्थों का असर बच्चों पर पड़ रहा है। हमारे बच्चे ही भारत का भविष्य हैं। यदि बचपन से ही उन्हें खराब गुणवत्ता वाला भोजन और harmful chemicals दिए जाएँगे, तो आने वाले समय में स्वस्थ और मजबूत भारत की कल्पना कैसे की जा सकती है?
कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अन्य देशों में बेहतर quality ingredients इस्तेमाल करती हैं, लेकिन भारत में सस्ते और कम गुणवत्ता वाले विकल्पों का उपयोग किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, नकली दूध, नकली पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थ खुलेआम बाजारों में बिक रहे हैं।
दुर्भाग्य की बात यह है कि ऐसे मामलों में सजा अक्सर कमजोर होती है या कानूनी loopholes के कारण दोषी लोग आसानी से बच निकलते हैं। परिणामस्वरूप वही अपराध बार-बार दोहराए जाते हैं।
हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि:
• Food adulteration के खिलाफ कठोर और loophole-free कानून बनाए जाएँ
• Expired products की re-labeling को गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए
• नकली दूध, पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने वालों को कठोर सजा दी जाए
• Harmful ingredients और excessive Palm Oil पर स्पष्ट health warning अनिवार्य की जाए
• Repeat offenders के licenses स्थायी रूप से रद्द किए जाएँ
• पूरे देश में नियमित food safety inspections और testing बढ़ाई जाए
• बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए stricter food quality standards लागू किए जाएँ
यह केवल खाने की गुणवत्ता का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य, बच्चों के स्वास्थ्य और देश की सार्वजनिक सुरक्षा का प्रश्न है।
यदि आप भी मानते हैं कि भारतीय जनता सुरक्षित और शुद्ध भोजन की हकदार है, तो कृपया इस petition को sign करें और अपनी आवाज उठाएँ।
“Safe Food is not a Luxury, it is a Right.”

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Petition created on 13 May 2026