

भारत के प्रत्येक छात्र के लिए आधिकारिक NCERT AI Study Assistant शुरू किया जाए
The Issue
माननीय शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार एवं NCERT,
भारत दुनिया की सबसे बड़ी छात्र आबादी वाले देशों में से एक है। करोड़ों छात्र प्रतिदिन NCERT की पुस्तकों के माध्यम से अपनी पढ़ाई करते हैं। यही पुस्तकें स्कूल शिक्षा के साथ-साथ NEET, JEE, CUET तथा अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधार भी हैं।
आज Artificial Intelligence (AI) शिक्षा को पूरी दुनिया में बदल रही है। कई देशों में AI का उपयोग छात्रों की व्यक्तिगत सहायता, सीखने की गति बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है। भारत में भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि NCERT एक आधिकारिक AI Study Assistant विकसित करने की संभावना पर विचार करे, जो केवल आधिकारिक NCERT सामग्री के आधार पर छात्रों की पढ़ाई में सहायता करे।
यदि ऐसा AI Study Assistant विकसित किया जाता है, तो उसमें निम्न सुविधाओं पर विचार किया जा सकता है—
✅ केवल आधिकारिक NCERT सामग्री पर आधारित उत्तर।
✅ हिंदी, अंग्रेज़ी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में सहायता।
✅ अध्यायवार सरल व्याख्या, सारांश, अभ्यास प्रश्न, क्विज़ और पुनरावृत्ति।
✅ Voice एवं Image आधारित प्रश्न पूछने की सुविधा।
✅ प्रत्येक छात्र के लिए व्यक्तिगत अध्ययन सहायता।
✅ दिव्यांग एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए सुलभ उपयोग।
✅ मोबाइल, वेब तथा जहाँ संभव हो ऑफ़लाइन सुविधा।
✅ सुरक्षित, पारदर्शी एवं छात्र-अनुकूल डेटा गोपनीयता।
यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है?
एक आधिकारिक NCERT AI Study Assistant छात्रों को विश्वसनीय, सटीक और समान अध्ययन सहायता प्रदान कर सकता है। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ सकती है, सीखना अधिक सरल और रोचक हो सकता है, तथा डिजिटल शिक्षा को नई दिशा मिल सकती है।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह एकमात्र समाधान है, बल्कि यह अनुरोध कर रहे हैं कि NCERT और शिक्षा मंत्रालय इस पहल का अध्ययन करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे विकसित करने की दिशा में कदम उठाएँ।
यदि आप मानते हैं कि भारत के प्रत्येक छात्र को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय AI अध्ययन सहायता मिलनी चाहिए, तो कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
एक हस्ताक्षर, भारत की शिक्षा के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम हो सकता है। 🇮🇳

12
The Issue
माननीय शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार एवं NCERT,
भारत दुनिया की सबसे बड़ी छात्र आबादी वाले देशों में से एक है। करोड़ों छात्र प्रतिदिन NCERT की पुस्तकों के माध्यम से अपनी पढ़ाई करते हैं। यही पुस्तकें स्कूल शिक्षा के साथ-साथ NEET, JEE, CUET तथा अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधार भी हैं।
आज Artificial Intelligence (AI) शिक्षा को पूरी दुनिया में बदल रही है। कई देशों में AI का उपयोग छात्रों की व्यक्तिगत सहायता, सीखने की गति बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है। भारत में भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि NCERT एक आधिकारिक AI Study Assistant विकसित करने की संभावना पर विचार करे, जो केवल आधिकारिक NCERT सामग्री के आधार पर छात्रों की पढ़ाई में सहायता करे।
यदि ऐसा AI Study Assistant विकसित किया जाता है, तो उसमें निम्न सुविधाओं पर विचार किया जा सकता है—
✅ केवल आधिकारिक NCERT सामग्री पर आधारित उत्तर।
✅ हिंदी, अंग्रेज़ी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में सहायता।
✅ अध्यायवार सरल व्याख्या, सारांश, अभ्यास प्रश्न, क्विज़ और पुनरावृत्ति।
✅ Voice एवं Image आधारित प्रश्न पूछने की सुविधा।
✅ प्रत्येक छात्र के लिए व्यक्तिगत अध्ययन सहायता।
✅ दिव्यांग एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए सुलभ उपयोग।
✅ मोबाइल, वेब तथा जहाँ संभव हो ऑफ़लाइन सुविधा।
✅ सुरक्षित, पारदर्शी एवं छात्र-अनुकूल डेटा गोपनीयता।
यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है?
एक आधिकारिक NCERT AI Study Assistant छात्रों को विश्वसनीय, सटीक और समान अध्ययन सहायता प्रदान कर सकता है। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ सकती है, सीखना अधिक सरल और रोचक हो सकता है, तथा डिजिटल शिक्षा को नई दिशा मिल सकती है।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह एकमात्र समाधान है, बल्कि यह अनुरोध कर रहे हैं कि NCERT और शिक्षा मंत्रालय इस पहल का अध्ययन करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे विकसित करने की दिशा में कदम उठाएँ।
यदि आप मानते हैं कि भारत के प्रत्येक छात्र को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय AI अध्ययन सहायता मिलनी चाहिए, तो कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
एक हस्ताक्षर, भारत की शिक्षा के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम हो सकता है। 🇮🇳

The Decision Makers
Petition Updates
Share this petition
Petition created on 31 July 2026