
Bineet JhaMumbai, India
27 jul 2018
“ समर शेष है नहीं पाप का भागी केबल व्याध । जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध । “
जागु मैथिल जागु।
मिथिला क अस्तित्व एवम अस्मिता क रक्षा क लेल इ आवेदन साइन करी । अपन मित्र लोकनि आ परिवारक सदस्य स सेहो अनुरोध करी।
जय मिथिला जय मैथिली जय मैथिल
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