

पानी गोड्डा का , कोयला गोड्डा का , प्रदूषण बर्दाश्त करे गोड्डा - बिजली बांग्लादेश को !!


पानी गोड्डा का , कोयला गोड्डा का , प्रदूषण बर्दाश्त करे गोड्डा - बिजली बांग्लादेश को !!
The Issue
💡 गोड्डा को अंधेरे में क्यों रखा गया?
क्या हमारी ज़मीन सिर्फ़ बिजली पैदा करने के लिए है, लेकिन उस बिजली पर हमारा कोई हक़ नहीं?
अब बहुत हुआ – गोड्डा को उसका हक़ चाहिए!
आज जब पूरा गोड्डा भीषण गर्मी, घंटों की बिजली कटौती, और पानी की किल्लत से जूझ रहा है, तब यही गोड्डा हर घंटे 1600 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है।
हाँ, आपने सही पढ़ा – 1600 मेगावाट!
लेकिन यह सारी बिजली जाती है बांग्लादेश, और गोड्डा की जनता – जिसकी ज़मीन ली गई, जिसकी कोयले से बिजली बनती है, वो जनता ही आज अंधेरे में पड़ी है।
🛑 यह कैसा न्याय है?
झारखंड राज्य बने 20 साल से ज़्यादा हो गए। पर गोड्डा आज भी वहीं है, जहाँ पहले था – बिजली के लिए तरसता हुआ।
क्या यह विडंबना नहीं है कि:
- झारखंड के मुख्यमंत्री गोड्डा से हैं,
- राज्य सरकार के दो कैबिनेट मंत्री गोड्डा से हैं,
- और एक प्रमुख सत्ताधारी दल का नेता भी गोड्डा से है,
फिर भी गोड्डा बिजली के लिए मोहताज है?
🔥 यह अन्याय अब नहीं चलेगा!
गोड्डा के लोग भी इंसान हैं, वोट देने वाले नागरिक हैं।
हमने ज़मीन दी, कोयला दिया, हवा और पानी तक दिया।
लेकिन हमें क्या मिला? – अंधेरा, अपमान और अनदेखी।
बिजली नहीं तो विकास नहीं।
बिजली नहीं तो बच्चों की पढ़ाई नहीं।
बिजली नहीं तो अस्पताल ठप, दुकानें ठप, जीवन ठप।
📢 हमारी माँगें बिल्कुल साफ़ हैं:
आदानी पावर प्लांट से गोड्डा ज़िले को कम-से-कम 25% बिजली अनिवार्य रूप से दी जाए।
स्थानीय जनता के लिए प्राथमिकता के आधार पर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
गोड्डा की बिजली समस्या को विधानसभा और संसद में उठाया जाए।
इस पावर प्लांट से जुड़ा प्रत्येक करार सार्वजनिक किया जाए – क्या यह जनता से छिपाकर किया गया समझौता है?
🤝 हम चुप नहीं रहेंगे।
हम चुप रहे तो हमारा हक़ भी चला जाएगा।
गोड्डा के लोग अब दबने नहीं वाले, डरने नहीं वाले, झुकने नहीं वाले।
हम एकजुट होकर पूछेंगे –
"क्यों नहीं मिलती हमें अपनी ही ज़मीन से पैदा की गई बिजली?"
"क्यों हम बांग्लादेश को बिजली दें और खुद दीये जलाएं?"
अब यह सिर्फ़ बिजली की लड़ाई नहीं रही – यह सम्मान और अधिकार की लड़ाई है।
🙏 इस याचिका पर हस्ताक्षर करें।
📣 इसे हर स्कूल, हर पंचायत, हर गली, हर गांव तक पहुँचाएं।
📱 सोशल मीडिया पर #GoddaKoBijliDo और #LightUpGodda ट्रेंड कराएं।
हम उजाला माँगते नहीं –
अब हम उजाले का हक़ लेकर रहेंगे!
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The Issue
💡 गोड्डा को अंधेरे में क्यों रखा गया?
क्या हमारी ज़मीन सिर्फ़ बिजली पैदा करने के लिए है, लेकिन उस बिजली पर हमारा कोई हक़ नहीं?
अब बहुत हुआ – गोड्डा को उसका हक़ चाहिए!
आज जब पूरा गोड्डा भीषण गर्मी, घंटों की बिजली कटौती, और पानी की किल्लत से जूझ रहा है, तब यही गोड्डा हर घंटे 1600 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है।
हाँ, आपने सही पढ़ा – 1600 मेगावाट!
लेकिन यह सारी बिजली जाती है बांग्लादेश, और गोड्डा की जनता – जिसकी ज़मीन ली गई, जिसकी कोयले से बिजली बनती है, वो जनता ही आज अंधेरे में पड़ी है।
🛑 यह कैसा न्याय है?
झारखंड राज्य बने 20 साल से ज़्यादा हो गए। पर गोड्डा आज भी वहीं है, जहाँ पहले था – बिजली के लिए तरसता हुआ।
क्या यह विडंबना नहीं है कि:
- झारखंड के मुख्यमंत्री गोड्डा से हैं,
- राज्य सरकार के दो कैबिनेट मंत्री गोड्डा से हैं,
- और एक प्रमुख सत्ताधारी दल का नेता भी गोड्डा से है,
फिर भी गोड्डा बिजली के लिए मोहताज है?
🔥 यह अन्याय अब नहीं चलेगा!
गोड्डा के लोग भी इंसान हैं, वोट देने वाले नागरिक हैं।
हमने ज़मीन दी, कोयला दिया, हवा और पानी तक दिया।
लेकिन हमें क्या मिला? – अंधेरा, अपमान और अनदेखी।
बिजली नहीं तो विकास नहीं।
बिजली नहीं तो बच्चों की पढ़ाई नहीं।
बिजली नहीं तो अस्पताल ठप, दुकानें ठप, जीवन ठप।
📢 हमारी माँगें बिल्कुल साफ़ हैं:
आदानी पावर प्लांट से गोड्डा ज़िले को कम-से-कम 25% बिजली अनिवार्य रूप से दी जाए।
स्थानीय जनता के लिए प्राथमिकता के आधार पर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
गोड्डा की बिजली समस्या को विधानसभा और संसद में उठाया जाए।
इस पावर प्लांट से जुड़ा प्रत्येक करार सार्वजनिक किया जाए – क्या यह जनता से छिपाकर किया गया समझौता है?
🤝 हम चुप नहीं रहेंगे।
हम चुप रहे तो हमारा हक़ भी चला जाएगा।
गोड्डा के लोग अब दबने नहीं वाले, डरने नहीं वाले, झुकने नहीं वाले।
हम एकजुट होकर पूछेंगे –
"क्यों नहीं मिलती हमें अपनी ही ज़मीन से पैदा की गई बिजली?"
"क्यों हम बांग्लादेश को बिजली दें और खुद दीये जलाएं?"
अब यह सिर्फ़ बिजली की लड़ाई नहीं रही – यह सम्मान और अधिकार की लड़ाई है।
🙏 इस याचिका पर हस्ताक्षर करें।
📣 इसे हर स्कूल, हर पंचायत, हर गली, हर गांव तक पहुँचाएं।
📱 सोशल मीडिया पर #GoddaKoBijliDo और #LightUpGodda ट्रेंड कराएं।
हम उजाला माँगते नहीं –
अब हम उजाले का हक़ लेकर रहेंगे!
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Petition created on 8 June 2025