निजी स्कूलों और अस्पतालों पर ओम्बड्समैन (लोकपाल) नियुक्त करें


निजी स्कूलों और अस्पतालों पर ओम्बड्समैन (लोकपाल) नियुक्त करें
The Issue
निजी स्कूलों और अस्पतालों पर ओम्बड्समैन (लोकपाल) नियुक्त करें
हम सभी अपने जीवन में दो सबसे सम्मानित पेशों से जुड़े हैं — शिक्षक और डॉक्टर। लेकिन आज ये दोनों क्षेत्र, विशेषकर निजी स्कूल और निजी अस्पताल, सेवा की भावना से हटकर लालच और मुनाफाखोरी का माध्यम बन चुके हैं।
🎓 निजी स्कूल
शिक्षा अब व्यापार बन चुकी है। ट्यूशन, ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म, किताबें और यहां तक कि मोजे-टाई जैसे छोटे खर्चों पर भी अनुचित शुल्क वसूला जाता है। कोरोना जैसी आपदा में भी इन संस्थानों ने मुनाफा कमाने का सिलसिला नहीं रोका।
शिक्षा अधिकार है, सुविधा नहीं।
🏥 निजी अस्पताल
स्वास्थ्य सेवा भी अब आम जनता की पहुंच से दूर होती जा रही है। कई परिवारों को अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है या कर्ज लेना पड़ता है सिर्फ इलाज के लिए। आपात स्थिति में मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूलना आम बात हो गई है।
स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय नहीं, मानवता की सेवा है।
⚖️ हमारी मांग
सरकार को एक स्वतंत्र ओम्बड्समैन प्राधिकरण स्थापित करना चाहिए जो निजी स्कूलों और अस्पतालों पर निगरानी रखे।
इस ओम्बड्समैन को अधिकार होना चाहिए —
नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों का लाइसेंस रद्द या निलंबित करने का।
मार्गदर्शक सिद्धांत और दिशानिर्देश जारी करने का।
एक शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने का, जिसमें हर स्कूल और अस्पताल को ओम्बड्समैन का संपर्क विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य हो।
🌍 क्यों ज़रूरी है
जैसे बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में ओम्बड्समैन की व्यवस्था से शिकायतें घटीं और पारदर्शिता बढ़ी, वैसे ही शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यह व्यवस्था जरूरी है।
आइए हम मिलकर न्यायसंगत शिक्षा और ईमानदार स्वास्थ्य सेवा की मांग करें।
✍️ इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और बदलाव की आवाज़ बनें।

1,607
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निजी स्कूलों और अस्पतालों पर ओम्बड्समैन (लोकपाल) नियुक्त करें
हम सभी अपने जीवन में दो सबसे सम्मानित पेशों से जुड़े हैं — शिक्षक और डॉक्टर। लेकिन आज ये दोनों क्षेत्र, विशेषकर निजी स्कूल और निजी अस्पताल, सेवा की भावना से हटकर लालच और मुनाफाखोरी का माध्यम बन चुके हैं।
🎓 निजी स्कूल
शिक्षा अब व्यापार बन चुकी है। ट्यूशन, ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म, किताबें और यहां तक कि मोजे-टाई जैसे छोटे खर्चों पर भी अनुचित शुल्क वसूला जाता है। कोरोना जैसी आपदा में भी इन संस्थानों ने मुनाफा कमाने का सिलसिला नहीं रोका।
शिक्षा अधिकार है, सुविधा नहीं।
🏥 निजी अस्पताल
स्वास्थ्य सेवा भी अब आम जनता की पहुंच से दूर होती जा रही है। कई परिवारों को अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है या कर्ज लेना पड़ता है सिर्फ इलाज के लिए। आपात स्थिति में मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूलना आम बात हो गई है।
स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय नहीं, मानवता की सेवा है।
⚖️ हमारी मांग
सरकार को एक स्वतंत्र ओम्बड्समैन प्राधिकरण स्थापित करना चाहिए जो निजी स्कूलों और अस्पतालों पर निगरानी रखे।
इस ओम्बड्समैन को अधिकार होना चाहिए —
नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों का लाइसेंस रद्द या निलंबित करने का।
मार्गदर्शक सिद्धांत और दिशानिर्देश जारी करने का।
एक शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने का, जिसमें हर स्कूल और अस्पताल को ओम्बड्समैन का संपर्क विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य हो।
🌍 क्यों ज़रूरी है
जैसे बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में ओम्बड्समैन की व्यवस्था से शिकायतें घटीं और पारदर्शिता बढ़ी, वैसे ही शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यह व्यवस्था जरूरी है।
आइए हम मिलकर न्यायसंगत शिक्षा और ईमानदार स्वास्थ्य सेवा की मांग करें।
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Petition created on 30 June 2020



